MCD की दुकानदारों को चेतावनी, कहा-ग्राहकों को बोर्ड लगा कर कहें, घर से लेकर आएं थैला!

सिंगल यूज प्लास्टिक बैन अभियान को लेकर नागरिकों को जूट के थैले वितरित किए हैं.

सिंगल यूज प्लास्टिक बैन अभियान को लेकर नागरिकों को जूट के थैले वितरित किए हैं.

एसडीएमसी मार्केट में दुकानदारों और पटरी बाजार व रेहड़ी वालों की ओर से पॉलिथीन में दिए जाने वाले सामान के खिलाफ अब चालान काटना शुरू कर दिया है. कई मार्केट में एसडीएमसी ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाते हुए 32 लोगों के चालान भी किए हैं. इससे निगम को ₹1.60 लाख का राजस्व भी जुर्माने के रूप में अर्जित हुआ है. वहीं, 331.1 किलो थैली भी जब्त की गई.

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  • Last Updated: March 21, 2021, 12:56 PM IST
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नई दिल्ली. स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 (Swachh Survekshan 2021) रैंकिंग को सुधारने के लिए साउथ एमसीडी (South MCD) जहां आए दिन नए-नए अभियान चला रही है. वहीं, अब सिंगल यूज प्लास्टिक (Single Use Plastic) के खिलाफ भी अभियान छेड़ दिया है. मार्केट में दुकानदारों और पटरी बाजार व रेहड़ी वालों के पॉलिथीन में दिए जाने वाले सामान के खिलाफ अब एमसीडी (MCD) ने चालान काटना शुरू कर दिया है.






कई मार्केट में एसडीएमसी (SDMC) ने सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाते हुए 32 लोगों के चालान भी किए हैं. इससे निगम को ₹1.60 लाख का राजस्व भी जुर्माने के रूप में अर्जित हुआ है. वहीं, 331.1 किलो थैली भी जब्त की गई.



वहीं, जागरूक करने के लिहाज से निगम ने नागरिकों को करीब 500 जूट के थैले भी वितरित किए हैं.






साउथ दिल्ली नगर निगम ने सिंगल यूज प्लास्टिक बैन अभियान को आगे बढ़ाते हुए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले बाजारों में प्लास्टिक की थैले इस्तेमाल करने वाले दुकानदारों के चालान कर रही है.




स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat Mission) के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 (Swachh Survekshan 3021) में रैंकिंग सुधारने के लिए दक्षिणी निगम (South Corporation) द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी.




पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण प्लास्टिक


उन्होंने प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण एवं उसके दुष्प्रभावों के बारे में बताते हुए कहा कि धीरे-धीरे प्लास्टिक हमारे जन जीवन का हिस्सा बन गया है. इसके कारण अब हमें काफी परेशानियां उठानी पड़ रही हैं. पृथ्वी पर बढ़ते प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण प्लास्टिक है. इसने पृथ्वी के साथ-साथ वायु एवं जल को भी अपने दुष्प्रभाव से नहीं बक्शा है.




प्लास्टिक का बायोडिग्रेडेबल नहीं होने से बढ़ रहे कूड़े के पहाड़


लैंडफिल साइटों पर बढ़ते कूड़े के पहाड़ों का मुख्य कारण प्लास्टिक एवं इसका बायोडिग्रेडेबल ना होना है. आज के समय में कैंसर जैसी घातक बीमारी के पीछे भी हमारे भोजन श्रृंखला में इसका शामिल होना है.




अधिकारियों और मार्किट संघ द्वारा किए जा रहे  प्रयासों की सराहना करते हुए राजीव जैन ने कहा कि शुरु में हमारा लक्ष्य बाजारों, दुकानदारों और नागरिकों में प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता फैलाना तथा उन्हें पर्यावरण के अनुकूल टिकाउ विकल्पों के उपयोग के बारे में अवगत कराना है.




हम जनता से अपील करते हैं कि वे पोलीथीन की थैलियों को त्यागकर खरीदारी के समय घर से कपड़े व जूट के थैले साथ लाएं. उन्होंने दुकानदारों से भी अनुरोध किया कि अपनी दुकान के आगे एक बोर्ड लगाएं कि पोलीथीन की थैलियों में सामान नहीं दिया जाएगा और अपने घर से ही जूट या कपड़े का थैला लाएं.




स्वच्छ भारत मिशन के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने बताया कि हमने इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाया.




उन्होंने कहा कि हम प्रभावी जन जागरूकता अभियान के माध्यम से और बाजार संघ और दुकानदारों के सहयोग से बाजारों को प्लास्टिक मुक्त कर सकते हैं. इसीलिए नागरिकों को कपड़े और जूट के बैग भी बांटे.

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