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Delhi में कूड़े से बनेंगी सड़क, पार्क और ईटें, MCD ने बनाया ये प्‍लान

ओखला लैंडफ‍िल साइट के कूड़े के पहाड़ को अगले छह माह के भीतर ठ‍िकाने लगाने का काम तेजी से क‍िया जाएगा.

ओखला लैंडफ‍िल साइट के कूड़े के पहाड़ को अगले छह माह के भीतर ठ‍िकाने लगाने का काम तेजी से क‍िया जाएगा.

Okhla Landfill Site: द‍िल्‍ली में तीनों बड़ी SLF भलस्‍वा, ओखला और गाजीपुर ओवरलोड हो चुकी हैं. SDMC ने अब ओखला SLF के कूड़े के पहाड़ को कम करने की योजना तैयार की है. अगले छह माह के भीतर इस कूड़े के पहाड़ को ठ‍िकाने लगाने का काम तेजी से क‍िया जाएगा. यहं पर 18 ट्रोमल मशीनों से हर रोज 3 हजार टन कूड़े की छंटाई की जाती है. छंटाई से जो मिट्टी निकलेगी उससे ईंटे बनाई जाएंगी और अतिरिक्त मिट्टी को एनटीपीसी इको पार्क में डाला जाएगा.

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    नई द‍िल्‍ली. द‍िल्‍ली में लगातार बढ़ते कूड़े (Garbage) की मात्रा को कम करने और उसके न‍िस्‍तारण को लेकर स‍िव‍िक एजेंस‍ियां पूरी तरह से प्रयासरत हैं. इस द‍िशा में साउथ द‍िल्‍ली नगर न‍िगम (South MCD) लगातार नई-नई योजनाओं के अंतर्गत इसका न‍िपटरा करने में जुटी है. एसडीएमसी ने अब साउथ द‍िल्‍ली (South Delhi) के अंतर्गत आने वाले ओखला लैंडफ‍िल साइट (Okhla Landfill Site) के कूड़े के पहाड़ को कम करने की योजना तैयार की है. अगले छह माह के भीतर इस कूड़े के पहाड़ को ठ‍िकाने लगाने का काम तेजी से क‍िया जाएगा.

    बताते चलें क‍ि द‍िल्‍ली में तीनों बड़ी लैंडफ‍िल साइट भलस्‍वा, ओखला और गाजीपुर ओवरलोड हो चुकी हैं. क्षमता से ज्‍यादा इन साइट पर कूड़ा पहुंच चुका है. इसकी वजह से इनकी ऊंचाई भी पहाड़ की तरह हो चुकी है. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) पर भी इन लैंडफ‍िल साइट्स (Landfill Sites) की हाइट्स पर कड़ी ट‍िप्‍पणी करते हुए इनको कूड़े का पहाड़ कह चुका है. और इनका न‍िस्‍तारण करने के न‍िर्देश भी स‍िव‍िक एजेंस‍ियों को दे चुका है.

    ये भी पढ़ें: SDMC ने कचरे से निकाला सोना, मार्केट वैल्यू 30 लाख

    वहीं, द‍िल्‍ली की तीनों स‍िव‍िक एजेंस‍ियां भी इन कूड़े के पहाड़ों का न‍िस्‍तारण करने की योजना पर कर रही हैं. साउथ एमसीडी (SDMC) के अंतर्गत आने वाले ओखला लैंडफ‍िल साइट के कूड़े को अगले छह माह में न‍िस्‍तारण करने का लक्ष्‍य न‍िर्धार‍ित क‍िया गया है. साउथ न‍िगम के मेयर मुकेश सुर्यान ने इस एसएलएफ का न‍िरीक्षण भी क‍िया है.

    मेयर ने कहा क‍ि अगले 6 महीने में कूड़े के पहाड़ को कम करने का न केवल भरपूर प्रयास किया जाएगा बल्‍क‍ि ओखला एसएलएफ (Okhla SLF) से सारे कूड़े का निस्तारण कर दिल्ली की जनता को साफ सुथरी जमीन समर्पित की जाएगी. इस जगह पर दिल्ली की जनता के लिए विशाल सुंदर पार्क बनाया जाएगा.

    एसएलएफ साइट पर बढ़ेगी ट्रोमल मशीनों की संख्‍या
    निरीक्षण के दौरान उन्होंनें अफसरों को निर्देश दिए हैं क‍ि इस कूड़े के पहाड़ की ऊंचाई को तेजी से कम करने के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जाए. यहां पर कूड़े की छंटाई के लिए ट्रोमल मशीनों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि हर रोज 4-10 हजार टन कूड़े का निस्‍तारण किया जा सके.

    कूडे की छंटाई से न‍िकली म‍िट्टी से बनेंगी ईंटें और ईको पार्क
    इस साइट पर एसडीएमसी ने अभी 18 ट्रोमल मशीन (Trommel Machine) लगाई हैं जिससे हर रोज 3 हजार टन कूड़े की छंटाई की जाती है. कूड़े की छंटाई से जो मिट्टी निकलेगी उससे ईंटे (Bricks) बनाई जाएगी और अतिरिक्त मिट्टी को ताजपुर पहाड़ी और बदरपुर स्थित एनटीपीसी इको पार्क (NTPC ECO Park) में डाला जाएगा.

    हर रोज 5 टन कूड़े के न‍िपटारे की है योजना
    न‍िगम का मानना है क‍ि बार‍िश की वजह से कूड़े की छंटाई का काम धीमी गत‍ि से चल रहा है. लेक‍िन जैसे-जैसे यह कूड़ा सूख रहा है. ट्रोमल मशीनों के जर‍िए इसका न‍िस्‍तारण क‍िया जा रहा है. न‍िगम का लक्ष्‍य यह है क‍ि हर रोज रोज करीब 5 हजार टन कूड़े का न‍िस्‍तारण ट्रोमल मशीनों के जर‍िए क‍िया जाए.

    EDMC और NDMC भी कूड़ा न‍िस्‍तारण में जुटी
    इस बीच देखा जाए तो ईस्‍ट द‍िल्‍ली नगर निगम (East MCD) के अंतर्गत आने वाले गाजीपुर लैंडफ‍िल साइट (Ghazipur SLF) और नॉर्थ एमसीडी (North MCD) के भलस्‍वा लैंडफ‍िल साइट (Bhalswa SLF) पर कूड़ा न‍िस्‍तारण का काम तेजी से क‍िया जा रहा है. ईडीएमसी ने भी कूड़े का न‍िस्‍तारण कर उसको सड़क न‍िर्माण भी प्रयोग करने के ल‍िए पायलेट प्रोजेक्‍ट पर काम शुरू क‍िया हुआ है. वहीं, एनडीएमसी (NDMC) भी अपने क्षेत्र की भलस्‍वा एसएलएफ साइट के कूड़े का न‍िस्‍तारण ट्रोमल मशीनों के जर‍िए और तेज करने में जुटी हुई है.

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    इसके अलावा साउथ एमसीडी के अपने कई जोन में कूड़े का न‍िपटारा क्षेत्र में ही करने में की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है. खासकर वेस्‍ट जोन में कूड़े से खाद बनाने के ल‍िए कम्‍पोस्‍ट प्‍लांट लगाकर भी इसका न‍िस्‍तारण क‍िया जा रहा है. यह योजना एसडीएमसी के ल‍िए न केवल कूड़े की मात्रा को ऑन द स्‍पॉट न‍िपटारा कर रही है बल्‍क‍ि इसके न‍िपटारे के ल‍िए होने वाले खर्च की भी बड़ी बचत कर रही है.

    कम्‍पोस्‍ट प्‍लांट की योजना भी कारगर साबित हो रही
    इसके अलावा साउथ एमसीडी के अपने कई जोन में कूड़े का न‍िपटारा क्षेत्र में ही करने में की योजना पर भी तेजी से काम कर रही है. खासकर वेस्‍ट जोन में कूड़े से खाद बनाने के ल‍िए कम्‍पोस्‍ट प्‍लांट लगाकर भी इसका न‍िस्‍तारण क‍िया जा रहा है. यह योजना एसडीएमसी के ल‍िए न केवल कूड़े की मात्रा को ऑन द स्‍पॉट न‍िपटारा कर रही है बल्‍क‍ि इसके न‍िपटारे के ल‍िए होने वाले खर्च की भी बड़ी बचत कर रही है.

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    एक साल के भीतर 6.50 लाख किलो गीले कूड़े से बनाई 1.20 लाख किलो जैविक खाद
    इस बारे में एसडीएमसी के अधीक्षण अभियंता एवं स्वच्छ भारत अभियान के नोडल अधिकारी राजीव कुमार जैन ने News18 को बताया क‍ि वेस्ट जोन के अंतर्गत टैगोर गार्डन स्थित कंपोस्ट प्लांट में ही अब तक 1 साल के भीतर 6.50 लाख किलो गीले कूड़े से 1.20 लाख किलो जैविक खाद तैयार करने का काम किया गया है. जिसकी मार्केट वैल्यू करीब 30 लाख रुपए आंकी गई है. साथ ही निगम ने इतने कूड़ा ढुलाई पर खर्च होने वाले करीब 5.50 लाख की भी बचत की है.

    अकेले वेस्‍ट जोन में हैं 8 कंपोस्ट साइट
    अकेले वेस्ट जोन में 8 कंपोस्ट साइट हैं जोकि, राजा गार्डन, ख्याला, तिलक नगर, सुभाष नगर, जनकपुरी एवं विकास पुरी में स्थित हैं. वेस्ट जोन में स्थित इन कंपोस्ट साइटों पर सितंबर 2021 में 80,000 किलो तथा अक्तूबर माह में 1,10, 000 किलो कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी. इस कंपोस्ट प्लांट की निर्माण लागत महज 50,000 रुपए है.

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