गुरुग्राम: सुसाइड के दो दिन बाद प्रवासी मजदूर की पत्‍नी और चार बच्‍चों को मिला राशन
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गुरुग्राम: सुसाइड के दो दिन बाद प्रवासी मजदूर की पत्‍नी और चार बच्‍चों को मिला राशन
दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हाल ही में एक 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर ने हाल ही में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि मृतक पेंटर था और लॉकडाउन के चलते काम ना होने की वजह से आर्थिक तंगी से परेशान था.

दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हाल ही में एक 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर ने हाल ही में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि मृतक पेंटर था और लॉकडाउन के चलते काम ना होने की वजह से आर्थिक तंगी से परेशान था.

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  • Last Updated: April 19, 2020, 11:23 AM IST
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गुरुग्राम. देशभर में फैली कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लागू है. हाल ही में खत्म हुए 21 दिन के लॉकडाउन के बाद परिस्थितियां देखते हुए सरकार ने 3 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है. सम्पूर्ण लॉकडाउन की वजह से रोजाना कमाई करने वाले मजदूर काफी मुश्किल में हैं. ऐसे में दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हाल ही में एक 35 वर्षीय प्रवासी मजदूर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. बताया जा रहा है कि मृतक पेंटर था और लॉकडाउन के चलते काम ना होने की वजह से आर्थिक तंगी से परेशान था. प्रवासी मजदूर द्वारा सुसाइड करने के दो दिन बाद कुछ लोगों ने उनकी पत्‍नी और चार बच्‍चों तक 4-5 दिन का राशन पहुंचाया.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक गुरुग्राम के सेक्टर 53 थाना के सरस्वती कुंज इलाके में रहने वाले 35 वर्षीय छब्बू मंडल ने घर पर सीलिंग पर लगे पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली. खबर के मुताबिक पेशे से पेंटर छब्बू और उसका परिवार लॉकडाउन के चलते सरकार, समाजसेवी और स्थानीय लोगों से मिलने वाले भोजन पर निर्भर था. वह अपने बुजुर्ग सास-ससुर, पत्नी और 4 बच्चों साथ यहां दिन गुज़ार रहा था. परिवार वालों ने बातचीत में बताया कि हाल ही में छब्बू ने अपना मोबाइल बेचा था जिससे उसे ढाई हजार रुपए मिले थे. छब्बू उन पैसों से परिवार के लिए राशन की व्यवस्था की थी.

खबर के मुताबिक छब्बू का परिवार बुधवार से खाने का इंतज़ार कर रहा था. आसपास के क्षेत्र में बांटे जा रहे भोजन पर निर्भर परिवार को देखकर छब्बू काफी निराश और परेशान था. जिसके चलते उसने अपना फोन बेच दिया और राशन वगैरह का इंतजाम कर के लौटा जिसके बाद उसकी पत्नी ने खाना बनाना शुरू किया. ऐसे में छब्बू का पूरा परिवार घर के बाहर बैठा था, इसी बीच छब्बू ने कमरे में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और छत की सीलिंग से फांसी लगाकर जाना दे दी.



वहीं जिला प्रशासन का कहना है कि मृतक मानसिक रूप से परेशान था. उन्होंने कहा कि परिवार के पास खाने की कोई दिक्कत नहीं थी, उनके घर के पास में ही एक खाद्य वितरण केंद्र है. इसपर मृतक के ससुर का कहना है कि सेक्टर 56 में और वजीराबाद में एक खाद्य वितरण केंद्र है. मेरे विकलांग और पत्नी के काफी बुजुर्ग होने की वजह से हम वहां नहीं पहुंच पाते हैं.
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