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अल्पसंख्यक मंत्रालय बोला- असम में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं सभी मदरसे
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नासिर हुसैन | News18Hindi
Updated: February 13, 2020, 12:26 PM IST
अल्पसंख्यक मंत्रालय बोला- असम में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं सभी मदरसे
मदरसा. प्रतीकात्मक फोटो.

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री (Minority Minister) मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने यह जानकारी 3 फरवरी को राज्यसभा (Rajya Sabha) में सांसद (MP) राकेश सिन्हा (Rakesh Sinha) के एक सवाल के जवाब में दी है.

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  • Last Updated: February 13, 2020, 12:26 PM IST
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नई दिल्ली. असम (Assam) में चल रहे मदरसों (Madarsa) के बारे में अल्पसंख्यक मंत्रालय (Minority Ministry) ने एक बड़ा खुलासा किया है. मंत्रालय का कहना है कि असम में चलने वाला कोई भी मदरसा सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है. बिना मान्यता के सभी मदरसे चलाए जा रहे हैं. 2018-19 के अनुसार असम सरकार ने 179 ऐसे मदरसे चिन्हित किए गए हैं जिन्होंने कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है. खास बात यह है कि मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार असम में सिर्फ बिना मान्यता के ही मदरसे चलाए जा रहे हैं. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar abbas naqvi) ने यह जानकारी 3 फरवरी को राज्यसभा में सांसद राकेश सिन्हा के एक सवाल के जवाब में दी है.

मंत्रालय की यह रिपोर्ट उस वक्त और खास हो जाती है जब असम के मंत्री एचबी शर्मा (एचबी शर्मा) कहते हैं कि राज्य के सभी मदरसों और संस्कृत विद्वालयों (Sanskrit School) को स्कूलों में बदला जाएगा. उन्हें हाई स्कूल और इंटर कॉलेज बनाया जाएगा. मंत्री का कहना है कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों को फंड जारी नहीं कर सकती.

इस शर्त पर एनजीओ और सामाजिक संगठन चला सकेंगे मदरसे

असम के शिक्षा मंत्री एचबी शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक संस्थानों को फंड नहीं दे सकती है. हालांकि, गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संगठनों द्वारा संचालित मदरसे चलते रहेंगे, लेकिन इनके लिए भी नियम तैयार किए जाएंगे. मंत्री ने कहा, किसी भी मदरसों या संस्कृत स्कूलों में धार्मिक उद्देश्यों के लिए धर्म, धार्मिक शास्त्र, अरबी या फिर कोई अन्य भाषा की पढ़ाई कराने का काम सरकार का नहीं है. उन्होंने कहा अगर कोई गैर सरकारी संगठन या सामाजिक संगठन इन स्कूलों के लिए फंड की व्यवस्था करता है तो हमे कोई आपत्ति नहीं है.

केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (फाइल फोटो)


मदरसे के शिक्षकों को घर बैठे दिया जाएगा वेतन

मीडिया रिपोर्टस के अनुसार मंत्री एचबी शर्मा ने कहा कि अगर मदरसों में कुरान को पढ़ाने के लिए राज्य सरकार की ओर से धन दिया जाता है तो हमें गीता, बाइबिल भी सिखाना होगा.


उन्होंने यह भी कहा कि मदरसों और संस्कृत स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों की नौकरी नहीं जाएगी. इन शिक्षकों को घर बैठे सेवानिवृत्त होने तक वेतन दिया जाएगा. इसी के साथ इन शिक्षकों को सामान्य स्कूलों में पढ़ाने का भी मौका दिया जाएगा.

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First published: February 13, 2020, 12:16 PM IST
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