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कोरोना काल में छूट गए 21 लाख बच्‍चे, अब लगेंगे जानलेवा बीमारियों के टीके

छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश शर्मा द्वारा कोविड 19 वैक्सीन को धर्म से जोड़ने का मामला सामने आया है.

छत्‍तीसगढ़ के कवर्धा में कांग्रेस नेता ओमप्रकाश शर्मा द्वारा कोविड 19 वैक्सीन को धर्म से जोड़ने का मामला सामने आया है.

Mission Indradhanush 3.0: साल 2020 में कोरोना के चलते देश के 21 लाख बच्‍चों को जानलेवा बीमारियों की‍ नियमित वैक्‍सीन नह ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्‍ली. साल 2020 में कोरोना (Corona) ने न सिर्फ अन्‍य रोगों से जूझ रहे लोगों के इलाज में भी रुकावटें पैदा कर दीं बल्कि बच्‍चों को जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए लगने वाले जरूरी और नियमित टीके भी नहीं लग सके. इसकी वजह से पिछले साल करीब 21 लाख बच्‍चे इन टीकों से वंचित रह गए. हालांकि केंद्र सरकार ने कोविड काल में नियमित वैक्‍सीन (Vaccine) से छूटे इन बच्‍चों के लिए मिशन इंद्रधनुष 3.0 शुरू (Mission Indradhanush 3.0) किया है.

    मिशन इंद्रधनुष 3.0 में 90 फीसदी टीकाकरण का लक्ष्‍य रखा गया है. साथ ही 2020 में टीकाकरण में आई 26 फीसदी कमी को भरने का उद्धेश्‍य बनाया है. इसमें वैक्सीन ड्रापआउड बच्चों को दोबारा मिशन से जोड़ा जाएगा. आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 की अपेक्षा वर्ष 2020 में टीकाकरण में 26 प्रतिशत की कमी देखी गई. हालांकि अब कोविड गाइड लाइन का पालन करते हुए एक बार फिर जरूरी जीवन रक्षक वैक्सीन दिए जाएगें.

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    स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले साल ही स्वास्थ्य सेवाओं पर लॉकडाउन के असर को देखते हुए गृह मंत्रालय ने 15 अप्रैल 2020 को जारी आदेश में कहा था कि नियमित टीकाकरण एक अनिवार्य प्रक्रिया है, इसपर लॉकडाउन का असर नहीं पड़ना चाहिए. इसके बावजूद साल 2020 में 21 लाख बच्‍चे टीके से वंचित रह गए थे.

    कोरोना काल में कुछ जगहों पर स्वास्थ्य कर्मियों की कमी, मज़दूरों का पलायन और संक्रमण के जोखिम की वजह से टीकाकरण नहीं हो पाया था. हेल्थ मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम (एचएमआईआईएस) की ओर से नौ अक्टूबर 2020 को जारी आंकड़ों में बताया गया कि वर्ष 2019 में मार्च से जून के बीच कुल 8,440,136 बच्चों का टीकाकरण हुआ, जबकि वर्ष 2020 में मार्च से जून के बीच 6,276,798 बच्चों का टीकाकरण किया गया. ऐसे में साल 2019 के मुकाबले साल 2020 में 21,63,338 कम बच्चों का टीकाकरण किया गया या किसी वजह से वह टीकाकरण के लिए उपलब्ध नहीं हो पाए.

    अब सर्विलांस से जोड़े जाएंगे बच्‍चे

    मंत्रालय के अनुसार कोविड के कारण वैक्सीन ड्रापआउट बच्चों को सर्विलांस के जरिए दोबारा जोड़ा जाएगा. स्वास्थ्य मंत्रालय के यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम के तहत महिला और बच्चों की 10 जानलेवा बिमारियों से रक्षा की जाती है. ये दस जानलेवा बिमारियां, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, खसरा, रूबेला, बच्चों का टीबी, रोटावायरस, डायरिया, हेपेटाइटिस बी, मेनिनजाइटिस, हीमोफिलिक इंफ्लूएंजा, न्यूमोकॉकल और जैपनीज इंसेफालाइटिस हैं.

    दो फेज में एक महीने चलेगा मिशन इन्द्रधनुष

    सरकार की ओर से तय किए गए वैक्सिनेशन को पूरा करने के लिए सरकार दो चरणों में इंटेंसिफाइड मिशन इन्द्रधनुष (आईएमआई) शुरू कर रही है. पहला चरण 22 फरवरी से शुरू हो चुका है और दूसरा चरण 22 मार्च से शुरू किया जाएगा. प्रत्येक चरण पन्द्रह दिन के लिए होगा. इस दौरान बच्‍चों का टीकाकरण किया जाएगा.

    जानें, क्या है नियमित टीकाकरण

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्ष 1985 में यूनिवर्सल इम्यूनाइजेशन कार्यक्रम (यूआईपी) शुरू किया था. इसमें ऐसी बिमारियों को शामिल किया गया था जिनसे वैक्सीन से रक्षा कवच बनाया जा सके. वर्तमान में 2.6 करोड़ बच्चों और 2.9 गर्भवती महिलाओं को हर साल नियमित टीकाकरण के तहत वैक्सीन दिया जाता है. हालांकि जेपनीज इंसेफेलाइटिस (JE) की वैक्सीन प्रभावित जिलों में ही दी जाती है. साल 2014 में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को मिशन इन्द्रधनुष के साथ नये कलेवर में शुरू किया गया. जिसके बाद देशभर में टीकाकरण में तेजी से बढ़ोतरी हुई. मिशन इन्द्रधनुष के अब तक आयोजित हुए दो कैंपेन की मदद से 3.76 करोड़ बच्चों और 94.6 लाख गर्भवती महिलाओं को जोड़ा गया है.

    ईविन एप से होगी टीकाकरण की मॉनिटरिंग

    इलेक्ट्रानिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (ईविन) प्लेटफॉर्म के जरिए राज्यों से टीकाकरण की जिले वार सूचना एकत्र की जाएगी. जिसमें वैक्सीन संरक्षण के अलावा वैक्सीन की उपलब्धता का भी पता लगाया जा सकेगा. सेफवैक के जरिए वैक्सीन लेने के बाद किसी तरह के एडवर्स इवेंट फॉलोविंग इम्यूजाइजेशन (एईएफआई) के मामलों की जानकारी तुरंत दी जा सकेगी.

    2019 में हुआ था 91 प्रतिशत टीकाकरण

    कोरोना काल से ठीक पहले वर्ष 2019 में देश के मिशन इन्द्रधनुष ने 91 प्रतिशत टीकाकरण के लक्ष्य को प्राप्त किया था. डब्लूएचओ/यूनिसेफ के अनुसार वर्ष 2019 में भारत की पेंटा थ्री राष्ट्रीय टीकाकरण कवरेज की दर 91 प्रतिशत देखी गई.  वर्ष 2006 में 65, वर्ष 2007 में 64 और वर्ष 2017 में 89 प्रतिशत टीकाकरण हुआ.

    Tags: Corona Active Case, Corona cases in india, COVID 19, Union health ministry

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