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UP Chunav-पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने के लिए मिशन 103 शुरू, जानें क्‍या है मिशन?

UP Chunav-पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में भाजपा को जीत दिलाने के लिए मिशन 103 शुरू, जानें क्‍या है मिशन?

UP Chunav 2022: गृहमंत्री कर चुके हैं मिशन की शुरुआत.

UP Chunav 2022: गृहमंत्री कर चुके हैं मिशन की शुरुआत.

Uttar Pradesh Assembly Elections: भाजपा द्वारा मिशन 103 पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के 19 जिलों की 103 विधानसभा क्षेत्र जीतने के लिए चलाया जा रहा है. पिछले चुनावों में भाजपा ने इन इलाकों में अच्छा प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार किसान आंदोलन की वजह से क्षेत्र के किसानों और जाट समुदाय में भाजपा के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है. इसलिए अभियान चलाया जा रहा है. इसकी शुरुआत स्‍वयं गृहमंत्री अमित शाह कैराना में जनसंपर्क से कर चुके हैं. इसके साथ ही गृहमंत्री तमाम जाट नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं.

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नई दिल्‍ली. भाजपा BJP ने पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश (west UP) में जीत के लिए मिशन 103 शुरू कर दिया है. पार्टी पिछले विधानसभा (Assembly Elections) में मिली जीत को दोहराने के लिए यह मिशन शुरू किया है. यह उन इलाकों में चलाया जा रहा है, जहां पहले और दूसरे चरण के लिए मतदान होना है. मिशन की कमान स्‍वयं गृहमंत्री (Home Minister Amit Shah) ने संभाल रखी है. इसके साथ ही पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं ने पश्‍चिमी उत्‍तर प्रदेश में डेरा जमा रखा है. पार्टी की नजर इलाके में 17 फीसदी जाट वोटरों पर है.

मिशन 103 में पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश के 19 जिलों की 103 विधानसभा क्षेत्र जीतने के लिए चलाया जा रहा है. पिछले चुनावों में भाजपा ने इस इलाके में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन इस बार किसान आंदोलन की वजह से क्षेत्र के किसानों और जाट समुदाय में भाजपा के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली है. इसलिए अभियान चलाया जा रहा है.

इसकी स्‍वयं शुरुआत गृहमंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) कैराना में जनसंपर्क से कर चुके हैं. इसके साथ ही गृहमंत्री तमाम जाट नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं. बैठक के दौरान जाट नेताओं से अमित शाह ने कहा कि आप अपनी खीझ मेरे साथ निकाल सकते हैं, लेकिन आपको किसी और पार्टी की तरफ देखने की क्या जरूरत है. अमित शाह के अलावा गृहमंत्री राजनाथ सिंह, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, प्रदेश अध्‍यक्ष स्‍वतंत्र देव सिंह, उपमुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, दिनेश शर्मा जैसे दिग्‍गज नेता मिशन 103 के लिए जुट गए हैं.

पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में सपा ने आरएलडी के साथ गठबंधन कर लिया है. जयंत चौधरी जाटों की नाराजगी का पूरा फायदा उठाना चाह रहे हैं. इसी को ध्‍यान में रखते हुए टिकट बंटवारे में जातीय समीकरण का पूरा ध्‍यान रखा गया है. भाजपा आरएलडी और सपा को किसी भी तरह फायदा लेने का मौका देना नहीं चाह रही है.

कब हैं चुनाव

उत्तर प्रदेश में सात चरणों में मतदान होना है. पहले चरण में 10 फरवरी को 11 जिलों की 58 सीटों पर मतदान होगा. इसमें शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, हापुड़, बुलंदशहर जिले प्रमुख हैं. दूसरे चरण में 14 फरवरी को नौ जिलों की 55 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इसमें सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, संभल, रामपुर, बरेली, अमरोहा, पीलीभीत प्रमुख जिले हैं.

पूर्व चुनावों के समीकरण पर एक नजर

पहले चरण की 73 सीटों पर बीजेपी को 2012 के 16 फीसदी वोट की तुलना में 2017 में यहां 45 फीसदी वोट मिले. वहीं, जाट नेता अजीत सिंह के नेतृत्व वाली आरएलडी का वोट शेयर 11 फीसदी से घटकर 6 फीसदी पर पहुंच गया. इस इलाके में अन्य दलों और निर्दलियों का वोट शेयर भी गिरा. इससे साफ पता चलता है कि जाट लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी के समर्थन में खड़े रहे. इसी के चलते पूरी हवा बदल गई. प्रदेश में जाटों की आबादी भले ही 3 से 4 फीसदी के बीच है, लेकिन पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में ये करीब 17 फीसदी हैं. लोकसभा की एक दर्जन और विधानसभा की 120 सीटों पर जाट वोट बैंक असर डालता है. बीजेपी ने इस वोट बैंक को धीरे-धीरे खड़ा किया है. वह नहीं चाहती कि एकदम से यह उसके हाथों से निकल जाए. इसलिए भाजपा ने मिशन 103 शुरू किया है.

Tags: Uttar pradesh assembly election, Uttar Pradesh Elections

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