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Yamuna River: यमुना की सफाई मामले में केंद्र नाराज, मंत्री ने ल‍िखा सीएम को पत्र तो केजरीवाल सरकार ने तैयार किया ये प्लान

द‍िल्‍ली सरकारों ने अब तक यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर दि‍ये हैं लेकिन यमुना की हालत अब भी बदतर बनी हुई है.  (फाइल फोटो)

द‍िल्‍ली सरकारों ने अब तक यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर दि‍ये हैं लेकिन यमुना की हालत अब भी बदतर बनी हुई है. (फाइल फोटो)

Yamuna River: यमुना नदी की सफाई पर अब तक की सरकारों ने हजारों करोड़ों रुपए खर्च किये हैं. लेकिन यमुना नदी अभी भी मैली की मैली की‌ बनी हुई है. पूर्व की भाजपा और कांग्रेस सरकारों के साथ-साथ दिल्ली की मौजूदा आम आदमी पार्टी सरकार भी यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है. यमुना की हालत अभी भी बदतर बनी हुई है. इस पर केंद्र भी नाराजगी जता चुका है.

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    नई दिल्ली. दिल्ली की यमुना नदी (Yamuna River) की सफाई पर अब तक की सरकारों ने हजारों करोड़ों रुपए खर्च किये हैं. लेकिन यमुना नदी अभी भी मैली की मैली की‌ बनी हुई है. पूर्व की भाजपा (BJP) और कांग्रेस सरकारों (Congress Governments) के साथ-साथ दिल्ली की मौजूदा आम आदमी पार्टी (Aam Adami Party) सरकार भी यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर चुकी है. लेकिन यमुना की हालत में अभी भी कोई खास सुधार नहीं आया है. यमुना की हालत अभी भी बदतर बनी हुई है. इस पर केंद्र सरकार भी नाराजगी जता चुकी है. इसके बाद अब केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) ने यमुना की सफाई को लेकर एक बार फिर से काम तेज करने की तैयारी की है.

    यमुना में बहने वाले सीवरेज वाटर को साफ करने के उठाये जा रहे यह कदम
    यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली जल बोर्ड की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में बात की जाए तो अधिकारियों का कहना है कि यमुना में बहने वाले सभी अपशिष्ट जल/नालों को साफ करने के लिए कई अहम कदम उठाए जा रहे हैं.

    एजेंसियों द्वारा अपशिष्ट जल का इन-सीटू उपचार शुरू किया गया है और इष्टतम स्तरों पर मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों के बहिस्त्राव मापदंडों में गुणवत्ता सुधार किया गया है. अन्य उपायों के साथ अतिरिक्त एयरोेशन सिस्टम और फ्लोटिंग एरेटर की स्थापना द्वारा सीवेज उपचार संयंत्र की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है.

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    100 फीसदी सीवरेज कनेक्टिविटी की योजनाओं में हुई काफी प्रगति
    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की अध्यक्षता में हाल ही में उन सभी प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट लेने के लिए एक रिव्यू मीटिंग भी की गई थी. इसमें दिल्ली के जल मंत्री के अलावा जल बोर्ड (Jal Board) के आला अफसर भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे थे. दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2023 तक यमुना को साफ और स्वच्छ बना दिया जाएगा.

    जल बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में 100 फीसद सीवरेज सेवाओं के विस्तार के लिए बनाई गई कार्य योजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है. पूरी दिल्ली में 100 फीसद सीवरेज कनेक्टिविटी प्रदान करने की परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किये जाने का आश्वासन दिया है.

    अधिकारियों ने यह भी जानकारी दी है कि अप्रैल 2021 के बाद सीवरेज सेवा विस्तार के लिए दिल्ली की 55 कालोनियों को अधिसूचित किया गया है. बादली विधानसभा क्षेत्र में अतिरिक्त 12 कॉलोनियों की संख्या 08 जून 2021 को चालू की गई और जिससे कॉलोनियों की संख्या 561 से बढ़कर 573 हो गई है.

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    डीडीए द्वारा 26 जून 2021 को जारी डीएसटीपी और एसपीएस के लिए भूमि के मानदंडों के संबंध में अधिसूचना लंबित 63 स्थानों पर भूमि आवंटन के लिए परिणाम प्रक्रिया अब डीडीए (DDA) और दिल्ली के राजस्व विभाग की तरफ से शुरू की जा सकती है. नजफगढ़ ड्रेनेज जोन (जहां जमीन उपलब्ध है) में 08 स्थानों पर कनेक्टेड डीएसटीपी के साथ आंतरिक सीवरेज सिस्टम का अनुमान किया गया है और बोर्ड से प्रशासनिक अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं.

    उधर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय (Ministry of Jal Shakti) का कहना है कि नजफगढ़ ड्रेन की सफाई से संबंधित प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (National Green Tribunal) ने सिर्फ 2 वर्ष का ही समय निर्धारित किया था लेकिन यह 4 साल की देरी हो जाने के बाद भी प्रोजेक्ट को पूरा नहीं किया जा सका है

    जल शक्ति मंत्री ने हाल ही में सीएम केजरीवाल को लिखा था पत्र
    इस बीच देखा जाए तो यमुना की सफाई से संबंधित प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी हो रही देरी पर केंद्र सरकार (Central Government) भी नाराजगी जता चुकी है केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को हाल ही में एक पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जताई थी.

    वहीं, केंद्र ने सीएम केजरीवाल को पत्र के जरिए यह भी आश्वासन दिया कि वह दिल्ली सरकार (Delhi Government) को हर मुमकिन सहायता उपलब्ध कराएगी और उम्मीद जताई जाती है कि दिल्ली सरकार इस काम को प्राथमिकता देगी.

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    केंद्रीय मंत्री की ओर से लिखे गए पत्र में यह भी साफ और स्पष्ट किया गया था कि यमुना का केवल 2 फीसदी दायरा ही दिल्ली में आता है लेकिन इसके 80 फीसदी प्रदूषण के लिए दिल्ली जिम्मेदार है.

    केंद्र ने दिल्ली को 13 प्रोजेक्ट्स के लिए दी है 2419 करोड़ की राशि
    बताते चलें कि केंद्र सरकार (Central Government) की ओर से यमुना की सफाई के लिए दिल्ली सरकार को 13 विभिन्न प्रोजेक्ट्स के लिए 2,419 करोड रुपए की सहायता उपलब्ध कराई है. बावजूद इसके नदी में प्रदूषण (Pollution) का लेवल लगातार बढ़ रहा है. यह सभी प्रोजेक्ट्स अपनी तय समय सीमा से 15 से 27 माह देरी से चल रहे हैं.

    18 नालों से हर रोज यमुना में गिरता है 3,500 मिलियन लीटर गंदा पानी
    इस बीच देखा जाए तो यमुना नदी (Yamuna River) में बड़ी संख्या में नालों का गंदा पानी सीधे पहुंच रहा है. बताया जाता है कि दिल्ली के 18 नालों से हर रोज 3500 मिलियन लीटर गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के यमुना में बहाया जाता है. इसके चलते यमुना नदी लगातार गंदे नाले में तब्दील होती जा रही है.

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    मंत्री शेखावत का‌ कहना है कि वर्ष 2016 में केंद्र सरकार ने 70 मीलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले कोरोनेशन पिलर सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को वित्तीय मदद देने की पहल की. केंद्र सरकार ने अपने विशेषाधिकारों का प्रयोग करते हुए इस परियोजना पर खर्च होने वाली कुल राशि का 50 फीसद वित्तीय बोझ भी अपने ऊपर पर ले लिया ताकि इसको समय रहते पूरा किया जा सके. लेकिन दिल्ली जल बोर्ड ने इस परियोजना को भी पूरा करने में कोई तेजी नहीं दिखाई. छतरपुर में नौ विकेंद्रीकृत सीवर ट्रीटमेंट प्लांटों (Sewerage Treatment Plants) के निर्माण को केंद्र ने मंजूरी दी, लेकिन शुरू नहीं किये गये.

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