मोदी सरकार ने कोरोना में कारगर इन एंटी-वायरल ड्रग के दाम घटाए, देखें पूरी लिस्ट

रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाली सात कंपनियों ने दाम घटा दिए हैं.

रेमडेसिविर इंजेक्शन बनाने वाली सात कंपनियों ने दाम घटा दिए हैं.

देश में एंटी-वायरल ड्रग रेमडेसिविर (Remdesivir) की भारी किल्लत को देखते हुए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मोदी सरकार ने रेमडेसिविर दवा के दाम को तत्काल प्रभाव से घटाने का निर्णय लिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 17, 2021, 7:32 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. देश में एंटी-वायरल ड्रग रेमडेसिविर (Remdesivir) की भारी किल्लत को देखते हुए मोदी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मोदी सरकार ने रेमडेसिविर दवा के दाम को तत्काल प्रभाव से घटाने का निर्णय लिया है. केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने यह जानकारी साझा की है. केडिला (Cadila) हेल्थ केयर लिमिटेड की दवा रेमडेक जो पहले 2800 में मिलती थी वह अब 899 रुपये में मिलेगी. इसी तरह डॉ रेड्डी (Dr Reddy) की रेडिक्स जो 5400 रुपये में मिलती है वह अब 2700 रुपये में मिलेगी. इसके साथ ही केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच और कंपनियों ने भी दाम घटाए हैं. बता दें कि रेमडेसिविर कोरोना (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों के लिए इस समय कारगर साबित हो रही है. बीते कुछ दिनों से इस दवा की किल्लत हो रही थी, जिससे इसके दाम आसमान छूने लगे हैं.

रेमडेसिविर के दाम घटे

बीते दो-तीन महीनों से इस दवा के उत्पादन में भी काफी कमी आ गई थी. डॉक्टरों के मुताबिक, रेमडेसिविर कोरोना बीमारी की अवधि कम करता है, लेकिन मौत की दर को घटा नहीं सकता. यह एक जरूरी ड्रग है और संक्रमण अधिक फैलने से लंग्स खराब होने की स्थिति में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी वजह से आजकल बाजार में इस दवाई की किल्लत बढ़ गई है. अगर दवाई मिल भी रही है तो काफी महंगे दामों में मिल रही है. इसलिए केंद्र सरकार ने पिछले दिनों इस दवाई की निर्यात पर पाबंदी लगा दी है और अब कई राज्य सरकारों ने रेमडेसिविर की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही है.

price of remdesivir, coronavirus latest update, shortage of remdesivir, corona vaccine update, Corona drug Remdesivir, corona cases in india, Corona drug remdesivir, Corona drug remdesivir cost, Corona drug remdesivir india, Gilead remdesivir drug,
भारत में रेमडेसिविर का प्रोडक्शन सात कंपनियां करती है.

रेमडेसिविर की मांग में क्यों कमी आ गई थी

फार्मा इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि दिसंबर 2020 के बाद से कोविड-19 के मामलों में कमी के कारण रेमडेसिविर की मांग में कमी आ गई थी. इस कारण से इस दवाई को बनाने वाली कंपनियों ने इसका उत्पादन कम कर दिया था. जनवरी और फरवरी महीने में भी उत्पादन पहले की तुलना में काफी कम हुई. अब, जबकि इसकी मांग एक बार फिर से बढ़ गई है तो कंपनियों ने उत्पादन तेज कर दी है. सरकार और कंपनी दोनों दावा कर रही है कि अगले चार-पांच दिनों में स्थितियां काफी बेहतर हो जाएंगी.

रेमडेसिविर दवा की अवधि कितने दिनों तक रहती है



बता दें के रेमडेसिविर दवा की अवधि 6 से 8 महीने की होती है. डॉक्टर कहते हैं कि कोरोना की पहली लहर रेमडेसिविर की मांग दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चैन्नई, अहमदाबाद, सूरत, जयपुर और लखनऊ जैसे महानगरों और बड़े शहरों तक सीमित थी, लेकिन दूसरी लहर में इस दवा की मांग बड़े शहर से लेकर छोटे शहरों और गांव-देहात में भी होने लगी है. इस कारण बनाने वाली कंपनी मांग के हिसाब से सप्लाई नहीं कर पा रही है.

ये भी पढ़ें: इस दवा के लिए देश भर में मचा है हाहाकार, कोरोना संक्रमण को जल्‍द कर देती है ठीक, यहां लें पूरी जानकारी 

price of remdesivir, coronavirus latest update, shortage of remdesivir, corona vaccine update, Corona drug Remdesivir, corona cases in india, Corona drug remdesivir, Corona drug remdesivir cost, Corona drug remdesivir india, Gilead remdesivir drug, रेमडेसिविर दवा, रेमडेसिविर की किल्लत, रेमडेसिविर के दाम घटे, 7 कंपनियां बनाती हैं रेमडेसिविर दवाई, Remdesivir injection, OLX, Gujarat, Cyber Crime, Coronavirus, रेमडेसिविर इंजेक्शन, गुजरात, साइबर क्राइम, कोरोना वायरस
रेमडेसिविर बनाने का अधिकार या पेटेंट अमेरिकी कंपनी गिलेड लाइफ साइंस के पास है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)


कौन-कौन सी कंपनियां रेमडेसिविर बनाती हैं

बता दें कि रेमडेसिविर बनाने का अधिकार या पेटेंट अमेरिकी कंपनी गिलेड लाइफ साइंस (Gilead Life science) के पास है. भारत की कुछ कंपनियां, जैसे जाइडस (Zydus), केडिला (Cadila), डॉ रेड्डी लेबोरटिरीज (Dr Reddy’s Laboratories), हेटेरो ड्रग्स (Hetero Drugs), जुबलिएंट लाइफ साइंसेज (Jubliant Life Sciences), सिप्ला लि. (Cipla Ltd) और बिक़ॉन ग्रुप (Biocon Group) की गिलेड के साथ करार है. अमेरिकी कंपनी माइलन (Mylan) की भी भारतीय यूनिट्स में इसका उत्पादन होता है. भारतीय कंपनियां हर महीने कुल 34 लाख यूनिट रेमडेसिविर बनाती हैं, जिसका निर्यात दुनिया के 120 से अधिक देशों में किया जाता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज