नवजात बेटी के साथ दफ्तर में फाइलें निपटाती है SDM मां, युवा IAS की तस्वीर हो रही वायरल

मोदीनगर एसडीएम सौम्या पांडेय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
मोदीनगर एसडीएम सौम्या पांडेय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के मोदीनगर तहसील की SDM सौम्या पांडेय की उनकी नवजात बच्ची के साथ दफ्तर में काम करती तस्वीर सोशल मीडिाय पर वायरल हो रही है. सोशल मीडिया यूजर्स युवा IAS अधिकारी के कर्तव्यपरायणता की सराहना कर रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 12, 2020, 6:01 PM IST
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गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मोदीनगर में एसडीएम (Modinagar SDM) के पद पर तैनात युवा महिला आईएएस अधिकारी की तस्वीर इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल (Viral Video) हो रही है. इनका नाम है IAS सौम्या पांडेय. कोरोना काल में एक बिटिया को जन्म देने के बाद महीनेभर से भी कम समय में जनता की सेवा के लिए वापस ड्यूटी जॉइन करने वाली सौम्या पांडेय का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी नवजात बच्ची के साथ दफ्तर में फाइलें निपटाती नजर आ रही हैं. COVID-19 महामारी के दौरान अपनी जिम्मेदारी समझते हुए सौम्या पांडेय ने डीएम के आदेश पर डिलीवरी के महज 22 दिनों के बाद ही ऑफिस आना शुरू कर दिया. उनके इसी जज्बे की सोशल मीडिया पर तारीफ हो रही है.

मोदीनगर तहसील की एसडीएम सौम्या पांडेय अपनी बच्ची को साथ रखकर जनसेवा कर रही हैं, जिसे सोशल मीडिया पर लोग मिसाल तक बता रहे हैं. मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली सौम्या पांडेय की गाजियाबाद में यह पहली नियुक्ति है. बिटिया को जन्म देने के बाद मात्र 22 दिन के अवकाश पर जिलाधिकारी के निर्देश पर उन्होंने फिर से अपने कार्यभार को संभाल लिया है. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में वह अपनी गोद में बच्ची के साथ काम करती दिख रही हैं.

हालांकि जब SDM सौम्या पांडेय  से इस बारे में न्यूज 18 ने बात की तो उन्होंने कहा कि महिलाएं पहले से ही इस तरह से काम करती रही हैं. कई महिला अधिकारी अपने परिवार के साथ-साथ शासकीय सेवा के काम करती रही हैं. सौम्या ने बताया कि मुझे बच्ची के साथ दफ्तर आकर काम करने में मेरे परिवार का बहुत सहयोग मिला है. साथ ही गाजियाबाद के जिलाधिकारी का भी बहुत सहयोग मिला. सौम्या पांडेय ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम को मिशन के रूप में लिया है. इसलिए मौजूदा माहौल में अधिकारियों का दफ्तर में रहना जरूरी है.



दफ्तर में काम और घर के बीच सामंजस्य पर सौम्या पांडेय ने कहा कि दिन में कई बार मुझे कोविड अस्पतालों में जाना पड़ता है. इसके बाद जब दफ्तर से लौटकर घर जाती हूं तो पहले खुद को और बाद में फाइलों को भी सैनेटाइज कर लेती हूं, ताकि घर के लोग और मेरी बच्ची सुरक्षित रहे. यह मेरी जिम्मेदारी है कि मैं अपनी बच्ची के साथ-साथ तहसील के लोगों का भी ख्याल रखूं.
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