इस बार भी दिल्‍ली-NCR में कम बरसेंगे मॉनसून के बादल- मौसम विशेषज्ञ

(सांकेतिक तस्वीर)

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Monsoon 2021 : स्‍काईमेट वेदर के मुख्‍य विज्ञानी महेश पालावत कहते हैं, 'इस बार का मॉनसून दिल्‍ली-एनसीआर में हल्‍का रहेगा. यहां मॉनसून के बादल सामान्‍य से थोड़े कम ही बरसेंगे. लेकिन अगर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो मध्‍य और दक्षिण भारत में सामान्‍य से ज्‍यादा बारिश होगी. जबकि उत्‍तर भारत में सामान्‍य तो उत्‍तर पूर्वी भारत में सामान्‍य से कम ही बारिश होगी'.

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नई दिल्‍ली : दक्षिण पश्चिम मॉनसून (Monsoon 2021) केरल (Kerala) पहुंच चुका है, जोकि क्रमानुसार आगे बढ़ रहा है. इसके चलते जहां दक्षिण भारत के कुछ हिस्‍सों में अच्‍छी बारिश की शुरुआत हो चुकी है, वहीं उत्‍तर भारत में तेज धूप और गर्मी पड़ रही है. राजस्‍थान, पंजाब, हरियाणा, उत्‍तर प्रदेश एवं दिल्‍ली-एनसीआर में तेज धूप खिली होने की वजह से अच्‍छी खासी गर्मी पड़ रही है और यहां के लोगों को भी बेसब्री से मॉनसून के आने का इंतजार है. हालांकि अभी उन्‍हें इसके लिए इंतजार करना होगा.

स्‍काईमेट वेदर के मुख्‍य विज्ञानी महेश पालावत न्‍यूज18 हिंदी से बातचीत में कहते हैं, मॉनसून अभी सामान्‍य चल रहा है. जहां तक इसके दिल्‍ली-एनसीआर में आने का सवाल है तो ऐसी कोई डेट अभी प्रिडिक्‍ट नहीं की जा सकती, लेकिन इसके जून माह के आखिरी सप्‍ताह तक दस्‍तक दे देने की पूरी उम्‍मीद है. हालांकि अगर बहुत अधिक देखें तो इसके 27 से 30 के बीच में दिल्‍ली-एनसीआर तक पहुंच जाने की संभावना है.

वह कहते हैं कि इस बार का मॉनसून दिल्‍ली-एनसीआर में हल्‍का रहेगा. यहां मॉनसून के बादल सामान्‍य से थोड़े कम ही बरसेंगे. लेकिन अगर अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो मध्‍य और दक्षिण भारत में सामान्‍य से ज्‍यादा बारिश होगी. जबकि उत्‍तर भारत में सामान्‍य तो उत्‍तर पूर्वी भारत में सामान्‍य से कम ही बारिश होगी.

उन्‍होंने बताया कि अभी ला लीना का प्रभावत खत्‍म हो गया है और न्‍यूट्रल कंडीशन चल रही है. ऐसे में इस बार पूरे भारत में मॉनसून के अच्‍छा रहने की उम्‍मीद है. मॉनसून के लॉन्‍ग पीरियड एवरेज का 103 प्रतिशत रहने की पूरी संभावना है. तकनीकी भाषा में सामान्‍य 96 से 104 प्रतिशत माना जाता है और यह नॉर्मल श्रेणी में आता है. लिहाजा, मॉनसून पूरे भारत में सामान्‍य रहेगा, लेकिन थोड़ा अच्‍छा रहेगा.
उन्‍होंने यह भी बताया क‍ि मॉनसून खत्‍म होते ही फ‍िर से ना नीना की स्थिति बन सकती है, जिससे सितंबर में बारिश बेहद अच्‍छी हो सकती है.

उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) के आंकड़ों पर गौर करें तो 2010 से 2020 तक के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में पिछले 11 वर्षों में केवल तीन बार मॉनसून में सामान्य से अधिक बारिश हुई है. आईएमडी का अनुमान है कि इस साल भी दिल्ली में सामान्य से थोड़ा कम बारिश हो सकती है.

अगर ज्‍यादा बारिश का रिकॉर्ड देखा जाए तो 2010 और 2020 के बीच के दशक में दिल्ली ने 2010 में सबसे अधिक मौसमी बारिश दर्ज हुई थी, जोकि 1031.5 मिमी रही थी.

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