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दिल्‍ली में सिंगल यूज प्‍लास्टिक बंद करने को और भी प्रतिबंध लगेंगे

चर्चा के दौरान डॉ. के एस जयचंद्रन, चंद्र मोहन गुप्ता, महेंद्र सिंह तंवर व अन्‍य वक्‍ता.

चर्चा के दौरान डॉ. के एस जयचंद्रन, चंद्र मोहन गुप्ता, महेंद्र सिंह तंवर व अन्‍य वक्‍ता.

सिंगल यूज प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल रोकने के लिए सरकार द्वारा कई तरह के कदम उठाए गए हैं. दिल्‍ली सरकार अभी और भी कई सख्‍त कदम उठाने की तैयारी कर रही है. यह बात प्रदूषण नियंत्रण सचिव डा. केएस जयचंद्रन ने कही. मौका था ‘सर्कुलर इकोनोमी के माध्यम से प्लास्टिक न्यूट्रेलिटी’ की थीम पर राजधानी दिल्‍ली में चर्चा का. इसका संचालन भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संगठन के निदेशक डॉ आशीष जैन ने किया.

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नई दिल्‍ली. राजधानी दिल्‍ली में सिंगल यूज प्‍लास्टिक का इस्‍तेमाल रोकने के लिए सरकार ने कई तरह के कदम उठाए गए हैं. दिल्‍ली सरकार अभी और भी कई सख्‍त कदम उठाने की तैयारी कर रही है. यह बात प्रदूषण नियंत्रण सचिव डा. केएस जयचंद्रन ने कही. मौका था राजधानी दिल्‍ली में  आयोजित ‘सर्कुलर इकोनोमी के माध्यम से प्लास्टिक न्यूट्रेलिटी’ की थीम पर चर्चा का. इसका संचालन भारतीय प्रदूषण नियंत्रण संगठन के निदेशक डॉ आशीष जैन ने किया.

इस पैनल में एनसीआर गाजियाबाद आयुक्‍त महेंन्‍द्र सिंह तंवर, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पूर्व सलाहकार संचिता जिंदल, ईएचएस डाबर इंडिया के कॉरपोरेट हेड तुषार रंजन पटनायक और जम्‍मू नगर निगम के मेयर चंदर मोहन गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल हुए. यह कार्यक्रम आईएफएटी इंडिया द्वारा आयोजित किया गया था. इसी विषय पर आईएफएटी इंडिया 2022 का आयोजन 28-30 सितम्बर को मुंबई के बॉम्बे एग्‍जीबिशन सेंटर में होगा.

इस मौके पर डॉ के एस जयचन्द्रन ने कहा कि दिल्ली सरकार प्लास्टिक अपशिष्ट में कमी लाने के लिए कदम बढ़ा रही है. 19 सिंगल यूज़ प्लास्टिक पहले से बैन किया जा चुका है और आने वाले समय में ऐसे और प्रतिबंध लगाए जाएंगे. इस बदलाव से प्रतिदिन 550 टन सिंगल यूज़ प्लास्टिक व्यर्थ की कमी लाई जा सकेगी.

महेन्द्र सिंह तंवर ने कहा कि अपने समग्र दृष्टिकोण के तहत हम मैटीरियल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया के सहयोग से ‘बियॉन्ड प्लास्टिक’ पर काम कर रहे हैं, जो मैटेरियल इनोवेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेन्स है. हमने प्लास्टिक क्रेडिट्स का फॉर्मूला भी डिज़ाइन किया है, जिसमें 30,000 टन प्लास्टिक व्यर्थ को प्रबन्धन करने की क्षमता है, इसमें से हम पिछले 6 महीनों में 15000 टन तक पहुंच चुके हैं.

डॉ आशीष जैन ने कहा कि सरकार और पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय सर्कुलर अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए काम कर रहे हैं और प्लास्टिक के रीड्यूस, रिसाइकिल, रियूज़ को बढ़ावा देने और प्लास्टिक को पर्यावरण से बाहर करने के लिए प्रयासरत हैं. पिछले पांच सालों में प्लास्टिक की खपत में 21 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सिर्फ 16 फीसदी प्लास्टिक इकट्ठा कर रिसाइकिल किया जाता है.

तुषार रंजन पटनायक ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर पिछले महीने से रोक लगा दी गई है, यह स्थायी विकास की ओर एक अच्छा कदम है. हम प्लास्टिक के उपयोग को कम कर सकते हैं, लेकिन इसे शून्य नहीं कर सकते.

Tags: Delhi, Pollution

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