Exclusive Report : दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मरीज दूसरे राज्यों के
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Exclusive Report : दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना संक्रमण के ज्यादातर मरीज दूसरे राज्यों के
आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में भर्ती कोरोना के अधिकतर पेशेंट बाहरी राज्यों से आए हैं. (सांकेतिक तस्वीर)

खासतौर से निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर वाले बेड की वजह से पिछले कुछ दिनों में काफी मरीज भर्ती हुए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि कोरोना संक्रमण के अधिकतर मरीज दिल्ली से बाहर के हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 5:49 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में अचानक कोरोना मरीजों (Corona patients) की संख्या बढ़ने के साथ एक बार फिर समस्या गहराती हुई दिखाई दे रही है. कुछ समय पहले तक दिल्ली में खाली दिखाई दे रहे अस्पतालों में फिर कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरोजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है. खासतौर से निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर वाले बेड की वजह से पिछले कुछ दिनों में काफी मरीज भर्ती हुए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि अधिकतर मरीज दिल्ली से बाहर के हैं. न सिर्फ एनसीआर बल्कि उत्तर प्रदेश, हिमाचल, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश से भी मरीज आए हैं.

आंकड़े बताते हैं कि दूसरे राज्यों से ज्यादा मरीज आए
न्यूज18 को मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, 5 से 28 अगस्त के बीच दिल्ली के पांच बड़े निजी अस्पतालों में बड़ी संख्या में दिल्ली से बाहर के मरीज आए हैं. दिल्ली के बीएलके अस्पताल में इस अवधि में 98 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 47 दिल्ली के और 51 दिल्ली से बाहर के हैं. अपोलो अस्पताल में 158 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 47 दिल्ली के और 111 दिल्ली से बाहर के हैं. मैक्स साकेत में 175 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 80 दिल्ली से और 95 दिल्ली से बाहर के हैं. मैक्स पटपड़गंज में 134 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 73 दिल्ली के नागरिक और 61 दिल्ली से बाहर के हैं. सर गंगाराम अस्पताल में 100 मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 44 दिल्ली से और 66 दिल्ली से बाहर के हैं.

तकरीबन 10 हजार बेड अभी खाली हैं
दिल्ली के कोरोना अस्पतालों में फिलहाल बेड की कोई समस्या नहीं है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, करीब 14 हजार बेड अस्पतालों में उपलब्ध हैं. जिनमें से अभी करीब साढ़े चार हजार बेड पर ही मरीज हैं. लेकिन खास बात यह है कि इनमें से करीब डेढ़ हजार यानी की एक तिहाई मरीज दिल्ली से बाहर के यानी आसपास के इलाकों के हैं. अगर आईसीयू वाले बेड पर नजर डालें तो स्थिति थोड़ी गंभीर नजर आती है. दिल्ली के टॉप निजी अस्पतालों जैसे मैक्स साकेत, मैक्स पटपड़गंज, इंद्रप्रस्थ अपोलो, फोर्टिस वसंत कुंज आदि में आईसीयू के बेड लगभग पूरी तरह से भरे हुए हैं. हालांकि यहां भी 70 फीसदी से ज्यादा मरीज बाहर के राज्यों से आए हैं.
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