मां जाती थी पाकिस्‍तान, इसलिए नहीं दिया वीजा, अब दिल्‍ली हाई कोर्ट ने केंद्र को जारी किया नोटिस

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा है कि आप किसी व्यक्ति को भारत आने से कैसे रोक सकते हैं.

दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा है कि आप किसी व्यक्ति को भारत आने से कैसे रोक सकते हैं.

Delhi News: दिल्‍ली हाई कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि उनका और उनकी दो बेटियों का ओसीआई कार्ड इसलिए रिन्‍यू नहीं किया गया कि उनकी मां बचपन में पाकिस्‍तान में रहती थीं.

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नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi high court) में एक अजीबोगरीब मामला आया है. इस मामले को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार (Central Government) को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि आप किसी को भारत आने से सिर्फ इस बात पर नहीं रोक सकते हैं कि उसकी मां पाकिस्तानी थी. न्यायमूर्ति रेखा पल्ली (Rekha Palli) ने केंद्र से यह सवाल तीन अमेरिकी नागरिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए किया है. ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (ओसीआई) कार्डधारक भी हैं. केंद्र सरकार ने उन्हें परिवार से मिलने के लिए वीजा देने से इनकार कर दिया था. इसके बाद उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी.

जानकारी के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा है कि आप किसी व्यक्ति को भारत आने से कैसे रोक सकते हैं. वह भी इसलिए कि उसकी मां पाकिस्तान जाती रही हैं. कोर्ट ने विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय और अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास को नोटिस जारी कर 9 जून तक याचिका पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि पत्नी संग दो बेटियों के लिए उसने जनवरी 2021 में ओसीआई कार्ड का रिन्‍यूअल कराने के लिए आवेदन किया. इनमें से उनकी पत्नी के कार्ड का नवीनीकरण कर दिया गया.

याचिका में कही गई यह बात

याचिकाकर्ता ने कहा कि उनका और उनकी दो बेटियों के ओसीआई कार्ड का रिन्‍यूअल इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि उनकी मां बचपन में पाकिस्तान में रहती थीं और शादी के बाद भारतीय नागरिक बनने के बावजूद पाकिस्तान जाती थीं. अधिवक्‍ता आभा रॉय ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से जारी सर्कुलर के मुताबिक, इन तीन कार्डधारकों के ओसीआई कार्ड का नवीनीकरण करने की जरूरत नहीं है. याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार के सर्कुलर के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति को 20 वर्ष का होने के बाद ओसीआई कार्ड मिलता है तो उसे 50 साल की उम्र तक इसका नवीनीकरण कराने की जरूरत नहीं है. इसके बाद संबंधित व्यक्ति को इसका एक बार नवीनीकरण करना होता है.
(रिपोर्ट- भाषा)

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