इजाजत मिलने के बाद भी संसद सत्र के लिए सवाल नहीं लगा पा रहे सांसद, ये हैं कारण
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इजाजत मिलने के बाद भी संसद सत्र के लिए सवाल नहीं लगा पा रहे सांसद, ये हैं कारण
संसद का मानसून सत्र की शुरुआत 14 सितम्बर को होगी और इसका समापन एक अक्टूबर को प्रस्तावित है.

संसद सत्र (Parliament Session) में सवाल पूछने की इजाजत मिलने के वाबजूद सांसद (MPs) सवाल (Questions) नहीं लगा पा रहे हैं. इसके लिए मैनुअली या ऑनलाइन सवाल लगाने की प्रकिया है. लेकिन इनदोनों प्रक्रियाओं में परेशानी आ रही है.

  • News18India
  • Last Updated: September 5, 2020, 1:41 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के बीच होने जा रहे संसद सत्र (Parliament Session) में प्रश्न पूछने को लेकर विपक्ष जबरदस्त मुखर हुआ. जिसका नतीजा निकला कि सांसदों (MPs) को अतारांकित सवाल पूछने की इजाजत मिल गई. लेकिन सवाल पूछने की प्रक्रिया सांसदों खासतौर से विपक्ष के सांसदों का मजा फीका कर रही है. प्रक्रिया के तहत सांसदों को या तो हस्ताक्षर करके मैनुअली अपना सवाल लगाना होता है या ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर सवाल लगाए जा सकते हैं.

सवाल लगाने में आ रही ये परेशानी 

कोरोना कॉल में आयोजित हो रहे संसद सत्र के दौरान संसद भवन में जाने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं. ऐसे में सांसदों के पीए मैनुअली सवाल लगाने के लिए कागज लेकर संसद भवन के अंदर नहीं जा पा रहे हैं. जो सांसद खुद दिल्ली में मौजूद नहीं हैं, उनके लिए ऑनलाइन सवाल सबमिट करना ही एकमात्र विकल्प है. लेकिन ऑनलाइन पोर्टल के बार-बार हैंग हो जाने की वजह से ऑनलाइन सवाल सबमिट करने में भी सांसदों को भारी दिक्कत आई. 17, 18 और 19 सितंबर के दिन चलने वाले संसद सत्र के लिए 5 सितंबर सुबह दस बजे तक सवाल ऑनलाइन जमा कराने का वक्त दिया गया था. लेकिन बार-बार हैंग हो रहे ऑनलाइन पोर्टल की वजह से कई सांसद या तो सवाल लगा ही नहीं पाए या जितने सवालों की सूची बनाकर बैठे थे उतने सवाल सबमिट नहीं कर पाए. ऐसे में कई सांसदों ने ऑनलाइन सवाल सबमिट करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की.



सवालों की संख्या और लोकसभा के सांसदों की मांग को देखते हुए दस बजे के बाद भी सवाल लगाने का समय कुछ देर के लिए बढ़ाया गया. लेकिन सांसदों को उससे भी कुछ खास राहत नहीं मिली. व्हाट्सएप ग्रुपों पर सांसदों के पीए समस्या हल नहीं होने की बात लिखकर एक-दूसरे से तकनीकी समाधान खोजने की कोशिश करते रहे.
शनिवार 6 सितंबर सुबह 10:00 बजे तक 20 21 और 22 सितंबर के प्रश्नकाल के लिए सवाल लगाए जाने हैं. ऐसे में अगर पोर्टल ने सही काम नहीं किया तो सांसदों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.
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