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मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण: कोर्ट दोषियों को अब 11 फरवरी को सुनाएगा सजा, सुरक्षित रखा फैसला
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Updated: February 4, 2020, 2:53 PM IST
मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण: कोर्ट दोषियों को अब 11 फरवरी को सुनाएगा सजा, सुरक्षित रखा फैसला
दिल्ली की साकेत कोर्ट ने मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में फैसला सुरक्षित कर लिया है. मामले के दोषियों - ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य की सजा पर कोर्ट 11 फरवरी को फैसला सुनाएगा. (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली (Delhi) की साकेत कोर्ट (Saket Court) ने मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण मामले (Muzaffarpur Shelter Home Sexual Exploitation Case) में सजा के लिए फैसला सुरक्षित कर लिया है. कोर्ट अब 11 फरवरी को मामले के दोषियों ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) और 18 अन्य को सजा सुनाएगा.

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  • Last Updated: February 4, 2020, 2:53 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली की साकेत कोर्ट (Saket Court) ने मंगलवार को मुजफ्फरपुर शेल्टर होम यौन शोषण मामले (Muzaffarpur Shelter Home Sexual Exploitation Case) में फैसला सुरक्षित कर लिया है. मामले के दोषियों - ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य की सजा पर कोर्ट 11 फरवरी को फैसला सुनाएगा. सीबीआई (CBI) ने कोर्ट से मुजफ्फरपुर आश्रय गृह यौन उत्पीड़न मामले के दोषी गैर सरकारी संगठन (NGO) के मालिक ब्रजेश ठाकुर (Brajesh Thakur) को उम्रकैद की कड़ी सजा दिए जाने का अनुरोध किया है. मामले के तीनों दोषियों ने कम से कम सजा दिए जाने की गुहार लगाई है. आपको बता दें कि जिन धाराओं के तहत आरोपियों को दोषी ठहराया गया है, उसमें बेहद कठोर सजा का प्रावधान है.


 20 जनवरी 2019 को कोर्ट ने ब्रजेश ठाकुर को ठहराया था दोषी
मुजफ्फरपुर आश्रय गृह मामले में अदालत ने 20 जनवरी 2019 को ब्रजेश ठाकुर और 18 अन्य को कई लड़कियों के यौन शोषण एवं शारीरिक उत्पीड़न करने का दोषी करार दिया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ कुलश्रेष्ठ ने ठाकुर को पॉक्सो कानून के तहत लैंगिक हमला और सामूहिक बलात्कार करने का दोषी ठहराया. अदालत ने मामले के एक आरोपी को बरी कर दिया. आरोपियों में 12 पुरुष और आठ महिलाएं शामिल थीं. आश्रय गृह ठाकुर द्वारा चलाया जा रहा था.
सात महीने की सुनवाई के बाद सुनाया था फैसलामुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम यौन उत्‍पीड़न मामले में सात महीने की सुनवाई के बाद साकेत कोर्ट ने 20 जनवरी 2019 को अपना फैसला सुनाया था. कोर्ट ने मुख्‍य आरोपी ब्रजेश ठाकुर समेत 19 अभियुक्‍तों को दोषी करार दिया था. इन लोगों को रेप के अलावा साजिश रचने के मामले में भी दोषी ठहराया गया है. बता दें कि ब्रजेश ठाकुर बिहार पीपुल्‍स पार्टी का विधायक भी रह चुका है. यह पार्टी अब खत्‍म हो गई है. मामले में कोर्ट इन लोगों को दोषी ठहरा चुका है.

ये है दोषियों की लिस्ट 

1. ब्रजेश ठाकुर पिता स्व. राधा मोहन ठाकुर (साहू रोड छोटी कल्याणी, मुजफ्फरपुर)
2. इंदू कुमारी, पति नंद किशोर (ब्रह्मपुरा संजय सिनेमा रोड, मुजफ्फरपुर- बालिकागृह की अधीक्षक)
3. मीनू देवी पति धनंजय कुमार तिवारी (ग्राम रामपुर एकमा, थाना रसुलपुर, जिला पूर्वी चम्पारण, बालिकागृह में गृह माता)
4. मंजू देवी पति अरुण कुमार (रामबाग झुन्नी साह गली, मुजफ्फरपुर, बालिकागृह में काउंसलर)
5. चंदा देवी पति विजय कुमार गुप्ता (छोटी कल्याणी चौक, मुजफ्फरपुर- बालिकागृह में गृह माता)
6. नेहा कुमारी पति संताेष कुमार (मालीघाट, मुजफ्फरपुर, बालिकागृह में नर्स)
7. हेमा मसीह पति विकास मसीह (पुरानी गुदरी, मुजफ्फरपुर, बालिकागृह में केस वर्कर- 120 बी के तहत)
8. किरण कुमारी पति स्व. चंदन कुमार शाही (ग्राम चकना, थाना. सरैया, मुजफ्फरपुर, बालिकागृह में सहायक)
9. रवि कुमार रौशान पिता अमरेंद्र कुमार (मरपा मोहन, थाना फेनहरा, मोतिहारी, तत्कालीन सीपीओ)
10. विकास कुमार पिता विनोद प्रसाद सिंह (धनौर निवास, नया टोला, सीडब्लूसी का सदस्य)
11. दिलीप कुमार पिता स्व. बालेश्वर प्रसाद (अनंत करजा, थाना करजा, मुजफ्फरपुर, सीडब्लूसी का अध्यक्ष)
12. विजय तिवारी पिता स्व. नंद किशोर तिवारी (छितरौली, थाना मनियारी, मुजफ्फरपुर, ब्रजेश का चालक)
13. गुड्डू पटेल पिता शंकर पटेल (पुरानी गुदरी, भवानी सिंह मार्ग, मुजफ्फरपुर, ब्रजेश का कर्मचारी)
14. कृष्णा राम पिता रामचंद्र राम (कच्चीसराय चकबासू, मुजफ्फरपुर, ब्रजेश का कर्मचारी)
15. रोजी रानी पति गोपी रमण मिश्रा (जगतपुर बैरिया, थाना रहिका, मधुबनी, बाल संरक्षण इकाई की तत्कालीन सहायक निदेशक-) 21, 1 में ही दोषी बाकी सभी आरोपों से बरी
16. रामानुज ठाकुर उर्फ मामू पिता स्व. जगन्नाथ ठाकुर (रहुआ पश्चिमी, मुशहरी, ब्रजेश का रिश्तेदार व कर्मचारी) दोषी
17. रामाशंकर सिंह उर्फ मास्टर (ग्राम जोगियारा लहेरिया सराय, थाना बहादुरपुर, दरभंगा, ब्रजेश का कर्मचारी) दोषी
18. डॉ. अश्विनी पिता नरेश प्रसाद (जेल चाैक चंदवारा, बालिकागृह में कथित डॉक्टर) दोषी
19. साइस्ता परवीन उर्फ मधु पति मो. चांद (उजाला नगर, पुरानी गुदरी, मुजफ्फरपुर, ब्रजेश की राजदार) दोषी

वर्ष 2018 में तय हुआ था आरोप
मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम केस को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्‍ली ट्रांसफर कर दिया गया था. तब से इस मामले की सुनवाई साकेत कोर्ट में चल रही थी और अब जाकर इसमें फैसला सुनाया गया. अदालत ने इस मामले में 20 मार्च 2018 को आरोप तय किए थे.

गौरतलब है कि ठाकुर ने 2000 में मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से बिहार पीपुल्स पार्टी (बिपीपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और हार गया था. अदालत ने 30 मार्च, 2019 को ठाकुर समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ बलात्कार और नाबालिगों के यौन शोषण का आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप तय किए थे. अदालत ने बलात्कार, यौन उत्पीड़न, नाबालिगों को नशा देने, आपराधिक धमकी समेत अन्य अपराधों के लिए मुकदमा चलाया था.

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First published: February 4, 2020, 2:23 PM IST
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