डीयू की कार्यकारी परिषद में NDTF-RSS समर्थित प्रत्याशी की जबर्दस्त एंट्री, 3 सदस्यों ने भी जीता चुनाव!

NDTF-RSS समर्थित प्रत्याशी एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने सबसे ज्यादा वोट हासिल कर EC में जीत दर्ज की है.

NDTF-RSS समर्थित प्रत्याशी एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने सबसे ज्यादा वोट हासिल कर EC में जीत दर्ज की है.

DU की कार्यकारी परिषद की 4 सीटों के लिए आज चुनाव संपन्न हुआ. दिल्ली यूनिवर्सिटी कोर्ट की 88वीं वार्षिक बैठक में इन 4 सीटों के लिए सदस्यों का निर्वाचन किया गया. इन चारों सीटों में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट-आरएसएस समर्थित प्रत्याशी एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने सबसे ज्यादा वोट 100 हासिल कर जीत दर्ज की है. बाकी तीन अन्य सदस्यों ने भी जीत दर्ज कर कार्यकारी परिषद में अपनी जगह सुनिश्चित की है. वहीं, राजपाल सिंह, अशोक कुमार और एल एन चौधरी ने भी जीत दर्ज की है. कुल 318 वोट में से इन सभी सदस्य प्रत्याशियों ने अलग-अलग वोट हासिल की हैं.

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  • Last Updated: March 26, 2021, 10:26 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) की सबसे सुप्रीम मानी जाने वाली कार्यकारी परिषद (Executive Council) की 4 सीटों के लिए आज चुनाव संपन्न हुआ. दिल्ली यूनिवर्सिटी कोर्ट की 88वीं वार्षिक बैठक में इन 4 सीटों के लिए सदस्यों का निर्वाचन किया गया.

इन चारों सीटों में नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (NDTF)-आरएसएस (RSS) समर्थित प्रत्याशी एडवोकेट मोनिका अरोड़ा (Advocate Monika Arora) ने सबसे ज्यादा वोट 100 हासिल कर जीत दर्ज की है. बाकी तीन अन्य सदस्यों ने भी जीत दर्ज कर कार्यकारी परिषद में अपनी जगह सुनिश्चित की है.

बताते चलें कि एनडीटीएफ-आरएसएस समर्थक प्रत्याशी मोनिका अरोड़ा को 100 वोट, एएडी समर्थित प्रत्याशी राजपाल सिंह को 98 वोट, लेफ्ट पार्टी के टीचर्स समर्थित संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट के अशोक कुमार को 63 वोट और कांग्रेस समर्थित टीचर्स संगठन इंटेक (Intec) के एल एन चौधरी ने 43 वोट हासिल कर अपनी जीत दर्ज की है.

वहीं एक अन्य प्रत्याशी अमन कुमार भी कार्यकारी परिषद में सदस्य के रूप में चुनाव मैदान में उतरे हुए थे. उनको सिर्फ 13 वोट ही हासिल हुई है. वहीं, 4 सीटों पर एडवोकेट मोनिका अरोड़ा, राजपाल सिंह (Rajpal Singh), अशोक कुमार (Ashok Kumar) और एल एन चौधरी LN‍ Chaudhary ने कुल 318 में से ‍अलग-अलग मत ‍हासिल कर ‍जीत दर्ज की हैं.
क्या होता है यूनिवर्सिटी कोर्ट चुनाव, ऐसे जानें

दिल्ली यूनिवर्सिटी कोर्ट में दिल्ली यूनिवर्सिटी के डीन, प्रोफेसर, प्रिंसिपल्स के अलावा सांसद, बिजनेसमैन, एडवोकेट और दूसरे प्रोफेशन से जुड़े हुए लोग बतौर सदस्य होते हैं. इनकी संख्या करीब 400 से ज्यादा होती है. इसकी हर साल वार्षिक मीटिंग होती है जिसमें 3 साल के लिए कार्यकारी परिषद के लिए सदस्यों का चुनाव कराया जाता है.

मीटिंग के दौरान ही सदस्यों का चुनाव कराया जाता है और उसी दिन उसके परिणाम घोषित कर दिए जाते हैं. यह परिषद दिल्ली यूनिवर्सिटी की सबसे सुप्रीम परिषद मानी जाती है. इस चुनाव में सभी प्रमुख शिक्षक संगठनों की ओर से उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा जाता है. अमूमन एक शिक्षक संगठन की ओर से एक ही प्रत्याशी को सदस्य के लिए उतारा जाता है.



नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट की माने तो इस चुनाव में जानी मानी महिला एडवोकेट मोनिका अरोड़ा को समर्थन दिया था. एडवोकेट मोनिका अरोड़ा ने कोटा क्रॉस कर चुनाव में जीत दर्ज करते हुए पहला स्थान हासिल किया.

जीत के बाद मोनिका अरोड़ा ने कहा कि वो दिल्ली विश्वविद्यालय से लम्बे समय से जुड़ी रही हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय की समस्याओं और चुनौतियों की जानकारी हैं और वे उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगी. उन्होंने कहा कि वे विश्वविद्यालय के विकास के लिए वो पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

फ्रंट के अध्यक्ष डॉ ए के भागी ने बताया कि यह जीत दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों की जीत है.अब आगे एनडीटीएफ का लक्ष्य विश्वविद्यालय स्तर पर सीनियर प्रोफेसर की प्रमोशन और कॉलेजों में शिक्षकों की नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र आरम्भ कराना है.

एनडीटीएफ शिक्षक हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहा है. यह आज की जीत से साबित हो गया है. एनडीटीएफ महासचिव एवं विश्वविद्यालय कार्यकारी सदस्य डॉ वी एस नेगी ने भी इस जीत के लिए सभी डीन, प्रोफेसरों और कॉलेजों के प्राचार्यों का आभार व्यक्त किया.
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