यमुना किनारे धोबी घाट तोड़ने के खिलाफ दी गई याचिका पर सुनवाई से एनजीटी का इनकार

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा कि यमुना के किनारे वाले हिस्से के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम संतोषजनक हैं

पीठ ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि डूब क्षेत्र से अतिक्रमण को DDA हटाएगा, जिसे उसने मास्टर प्लान में ‘ओ’ क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया है. यह वास्तविक स्थिति है, आगे के आदेश की जरूरत नहीं है.’

  • Share this:
    नई दिल्ली. राष्ट्रीय हरित अधिकरण (National Green Tribunal) ने ओखला (Okhla) के जामिया नगर (Jamia Nagar) में धोबी घाट (Dhobi Ghat) को तोड़ने के खिलाफ धोबियों की याचिका पर इस आधार पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है कि यह यमुना (Yamuna) नदी के ‘ओ’ क्षेत्र में पड़ता है, जहां निर्माण प्रतिबंधित है. एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाले पीठ ने कहा कि यमुना के किनारे वाले हिस्से के संरक्षण के लिए उठाए गए कदम संतोषजनक हैं और अतिक्रमण काफी ज्यादा है.

    पीठ ने कहा, ‘यह स्पष्ट है कि डूब क्षेत्र से अतिक्रमण को दिल्ली विकास प्राधिकरण हटाएगा, जिसे उसने मास्टर प्लान में ‘ओ’ क्षेत्र के तौर पर चिह्नित किया है. डीडीए के पत्र के मुताबिक धोबी घाट ‘ओ’ क्षेत्र में है. यह वास्तविक स्थिति है, आगे के आदेश की जरूरत नहीं है.’



    अधिकरण ने कहा कि यमुना के डूब क्षेत्र को चिह्नित किया जाना चाहिए और स्थायी निर्माण से मुक्त रखा जाना चाहिए और जहां भी संभव हो, इसे वास्तविक स्थिति के मुताबिक पुनर्बहाल किया जाना चाहिए. याचिका के मुताबिक धोबीघाट यमुना नदी के पानी से ढाई किलोमीटर दूर स्थित है.

    याचिका में कहा गया कि यथास्थिति बनाए रखी जानी चाहिए क्योंकि संबंधित स्थल का इस्तेमाल धोबी अपनी आजीविका के लिए करते हैं और लंबे समय तक कोरोना वायरस महामारी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.