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एनएचएआई ने सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए शुरू की पहल, जानें क्‍या है पहल?

एनएचएआई ने विवाद निपटाने के लिए बनाई कमेटियां.

एनएचएआई ने विवाद निपटाने के लिए बनाई कमेटियां.

एनएचएआई ने सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए खास पहल शुरू की है, जिसमें कांट्रैक्‍टर के भुगतान विवाद का जल्‍द समाधान किया जा रहा है. इसके लिए कन्सिलिएशन कमेटी ऑफ इन्डिपेंडेन्ट एक्सपर्ट्स (सीसीआईई) बनाई गयी है. कमेटी के सदस्‍य कांट्रैक्‍टर और एनएचएआई दोनों से बातकर समाधान का रास्‍ता निकालते हैं, जिससे कांट्रैक्‍टर भुगतान पाकर दोबारा तेजी से सड़क निर्माण में जुट जाते हैं.

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नई दिल्‍ली. नेशनल अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highways Authority of India) ने सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए खास पहल शुरू की है, जिसमें कांट्रैक्‍टर के भुगतान विवाद का जल्‍द समाधान किया जा रहा है. इसके लिए कन्सिलिएशन कमेटी ऑफ इन्डिपेंडेन्ट एक्सपर्ट्स-सीसीआईई (Conciliation Committees of Independent Experts-CCIE ) बनाई गयी है. कमेटी के सदस्‍य कांट्रैक्‍टर और एनएचएआई दोनों से बातकर समाधान का रास्‍ता निकालते हैं, जिससे कांट्रैक्‍टर भुगतान पाकर दोबारा तेजी से सड़क निर्माण में जुट रहे हैं. इस तरह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Road Transport and Highways Minister Nitin Gadkari) द्वारा तय सड़क निर्माण के रोजाना के लक्ष्‍य को जल्‍द पाया जा सकेगा.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग के अधिकारियों के अनुसार एनएचएआई और कांट्रैक्‍टर के बीच भुगतान के मामले होते हैं. अगर कांट्रैक्‍टर अदालत जाता है, जिसमें लंबी प्रक्रिया होती है. मामले में कौन पक्ष जीतेगा और कौन हारेगा, पता नहीं होता है. इस वजह से संबंधित कांट्रैक्‍टर द्वारा किया जा रहा सड़क निर्माण का काम भी प्रभावित होता है. इसी को ध्‍यान में रखते हुए एनएचएआई द्वारा कन्सिलिएशन कमेटी ऑफ इन्डिपेंडेन्ट एक्सपर्ट्स (सीसीआईई) बनाई गयी है, जिससें एनएचएआई और कांट्रैक्टर दोनों का फायदा हो रहा है. हालां‍कि यह कमेटी 2017 में बनाई गयी थी, लेकिन एक तिहाई से अधिक मामलों का निपटारा पिछले वर्ष ही हुआ है.

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अधिकारियों के अनुसार सीसीआईई में अब तक 161 मामलों का समाधान किया जा चुका है. कमेटी में भुगतान विवाद के 41489 करोड़ रुपये के मामले आ चुके हैं, एनएचएआई ने इसके एवज में 14130 करोड़ रुपये यानी करीब 34 फीसदी का भुगतान कर मामले निपटा दिए हैं.

कमेटियां हैं स्‍वतंत्र

एनएचएआई ने सुलह समझौतों के माध्यम से दावों को तेजी से निपटाने और देनदारियों को कम करने के अपने प्रयास में तीन-तीन सदस्यों की तीन कन्सिलिएशन कमेटी ऑफ इन्डिपेंडेन्ट एक्सपर्ट्स (सीसीआईई) का गठन किया है, जो स्‍वतंत्र है. इन कमेटियों की अध्यक्षता न्यायपालिका के सेवानिवृत्त अधिकारी, लोक प्रशासन, वित्त और निजी क्षेत्र के वरिष्ठ विशेषज्ञ कर रहे हैं.

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पिछले वर्ष सबसे अधिक निपटारे

एनएचएआई ने ठेकेदारों/रियायत पाने वालों के साथ विवादों का त्वरित समाधान को ध्यान में रखते हुए वित्त वर्ष 2021-22 में सुलह के माध्यम से 14,590 करोड़ रुपये के दावे के मुकाबले 4,076 करोड़ रुपये से 60 मामलों को निपटाया है. एनरचएएआई ने इन मामलों को कुल दावा की गई राशि के लगभग 28 प्रतिशत की राशि के साथ निपटाया. इसके पूर्व के वर्ष में एनएचएआई ने 60 मामलों को 14,207 करोड़ रुपये की दावा राशि के मुकाबले 5,313 करोड़ रुपये में निपटाया था. अब तक, सीसीआईई (कन्सिलिएशन कमेटी ऑफ इन्डिपेंडेन्ट एक्सपर्ट्स) के पास कुल 251 मामले आए हैं.

Tags: National Highways Authority of India, NHAI, Road and Transport Ministry, Union Minister Nitin Gadkari

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