Big Breaking: दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान के आवास पर NIA का छापा

अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान.(फोटो साभार फेसबुक)
अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान.(फोटो साभार फेसबुक)

दिल्ली (Delhi) से बड़ी खबर आ रही है. यहां दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान (Zafarul Islam Khan) के आवास पर NIA की टीम ने छापा मारा है. एनआईए की कार्रवाई श्रीनगर (Srinagar) से लेकर दिल्ली तक चल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 29, 2020, 11:58 AM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग (Delhi minority commission) के पूर्व प्रमुख जफरुल इस्लाम खान (Zafarul Islam Khan) के आवास पर केंद्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम ने छापा मारा है. एनआईए की कार्रवाई अभी चल रही है. एनआईए ने कल अपनी कार्रवाई श्रीनगर (Srinagar) से शुरू की थी, जो आज दिल्ली (Delhi) तक पहुंच गई है. दिल्ली की उन सभी लोकेशन पर सर्च ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है, जिसका उनके NGO और ट्रस्ट से वास्ता है. असामाजिक कार्यों/देश विरोधी गतिविधियों को देने के लिए फंड जुटाने में जिनका भी नाम सामने आ रहा है एनआईए हर जगह छापेमारी कर रही है.

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार (30 अप्रैल) को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ देशद्रोह के तहत मामला दर्ज किया था. आरोप है कि जफरुल इस्लाम ने 28 अप्रैल को अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कथित तौर पर भड़काऊ बयान दिया था. स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त (जॉइंट कमिश्नर) नीरज ठाकुर ने जानकारी दी थी कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 124 ए (देशद्रोह) और 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, भाषा आदि के आधार पर दो समूहों में वैमनस्यता को बढ़ावा देना और समानता व सौहार्द को नुकसान पहुंचाने की धारणा से काम करने ) के आरोप में जफरुल इस्लाम खान के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है. हालांकि इस पर दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने कोई प्रतिक्रिया नहीं थी. उन्होंने कहा था कि मैंने एफआईआर नहीं देखी है. जब मैं इसे देखूंगा या फिर इसके बारे में मुझे पता चलेगा, तभी कुछ टिप्पणी करूंगा.

एनआईए की जफरुल इस्लाम पर कैसे पड़ी नजर 
वसंत कुंज के रहनेवाले एक व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने यह प्राथमिकी दर्ज की थी. सफदरजंग एनक्लेव के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) के जरिए यह शिकायत लोधी कॉलोनी स्थित आतंक-रोधी दल (एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड) के स्पेशल सेल ऑफिस में पहुंची थी. शिकायत में कथित तौर पर आरोप लगाया गया था कि 28 अप्रैल को दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरुल इस्लाम खान ने ट्विटर और फेसबुक पर एक सोशल मीडिया पोस्ट किया जो कि भड़काऊ है और इसका मकसद सौहार्द को बिगाड़ना और समाज में भेदभाव पैदा करना है.
क्या था पूरा मामला


जफरुल इस्लाम ने 28 अप्रैल को सोशल मीडिया पर कहा था कि भारत में मुसलमानों को दबाया जा रहा है. इतना ही नहीं, धमकी भरे लहजे में लिखा था कि अगर भारतीय मुसलमानों ने भारत में धर्म के नाम पर हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ अरब और मुस्लिम देशों से शिकायत कर दी तो कट्टर लोगों को जलजले का सामना करना होगा.

मांगनी पड़ी थी माफी
हालांकि जफरुल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल को दिये अपने बयान को लेकर माफी मांग ली थी. उन्होंने कहा था कि मेरा इरादा गलत नहीं था. जफरुल इस्लाम ने कहा था कि 28 अप्रैल, 2020 को मेरे द्वारा जारी किए गए ट्वीट में उत्तर-पूर्वी जिले की हिंसा के संदर्भ में कुवैत को भारतीय मुसलमानों के उत्पीड़न पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद दिया गया, कुछ लोगों को इससे पीड़ा हुई, जो कभी भी मेरा उद्देश्य नहीं था.
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