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निर्भया मामला: दोषी पवन के डेथ वारंट पर ट्रायल कोर्ट में आज सुनवाई

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Updated: February 14, 2020, 7:53 AM IST
निर्भया मामला: दोषी पवन के डेथ वारंट पर ट्रायल कोर्ट में आज सुनवाई
निर्भया मामले में दोषी पवन के डेथ वारंट पर ट्रायल कोर्ट में आज सुनवाई (फाइल फोटो)

अब तक निर्भया (Nirbhaya) के दोषी पवन का केस वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता एपी सिंह लड़ रहे थे. बुधवार को वह इस केस से अलग हो गए थे, ऐसे में पवन को नया वकील मुहैया कराना पड़ा, ताकि कोर्ट (Court) में उसका पक्ष भी रखा जा सके.

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  • Last Updated: February 14, 2020, 7:53 AM IST
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नई दिल्‍ली. निर्भया सामूहिक दुष्‍कर्म और हत्‍याकांड (Nirbhaya Gang Rape and Murder) मामले में दोषी करार पवन को नया वकील मिल गया है. अब निचली अदालत डेथ वारंट (Death Warrant) को लेकर शुक्रवार को सुनवाई करेगी. जानकारी के मुताबिक, वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अंजना प्रकाश कोर्ट में दोषी पवन का पक्ष रखेंगी. बता दें कि अभी तक पवन का केस वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता एपी सिंह लड़ रहे थे. बुधवार को वह इस केस से अलग हो गए थे, ऐसे में पवन को नया वकील मुहैया कराना पड़ा, ताकि कोर्ट में उसका पक्ष भी रखा जा सके.

बता दें कि बुधवार को दिल्ली की अदालत ने निर्भया मामले के दोषी पवन गुप्ता को कानूनी मदद देने की पेशकश की. पवन ने कहा था कि उसके पास वकील नहीं है. अदालत ने 4 दोषियों के खिलाफ फिर से मृत्यु वारंट जारी करने के अनुरोध वाली याचिकाओं की सुनवाई अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी थी.

दोषी जी रहे ‘विलासितापूर्ण जीवन’
सुनवाई के दौरान निर्भया के अभिभावकों ने न्यायाधीश से कहा कि दोषी अदालत और समाज के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं और वे ‘विलासितापूर्ण जीवन’ जी रहे हैं. निर्भया के अभिभावकों की ओर से पेश वकील जीतेंद्र कुमार झा ने कहा कि अदालत को अपराधियों की मानसिकता देखनी चाहिए और यह भी देखनी चाहिए कि वे किस प्रकार कानून का दुरूपयोग कर रहे हैं. समाज के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है. उन्होंने अनुरोध किया कि अदालत को मौत वारंट जारी करना चाहिए.

कानूनी सहायता पाने का हकदार दोषी
डीएलएसए ने पवन के पिता को वकील चुनने के लिए अपने पैनल में शामिल अधिवक्ताओं की एक सूची उपलब्ध कराई. अदालत ने कहा कि कोई भी दोषी अपनी अंतिम सांस तक कानूनी सहायता पाने का हकदार है. इसके विरोध में निर्भया की मां ने पटियाला हाउस कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया था. निर्भया की मां आशा देवी का कहना था कि दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए.

पवन के पास हैं विकल्पबता दें, इस मामले में चार दोषियों में से सिर्फ पवन गुप्ता ने ही अभी तक सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है. यह किसी व्यक्ति के लिए आखिरी कानूनी विकल्प होता है. इसके अलावा उसके पास दया याचिका का विकल्प भी है.

सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गई थी
पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा ‘निर्भया’ से 16 दिसम्बर 2012 की रात दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गई थी. घटना के एक पखवाड़े बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. इस मामले में छह लोग- मुकेश, विनय, अक्षय, पवन गुप्ता, राम सिंह और एक किशोर, को इसमें आरोपी बनाया गया. पांच वयस्कों के खिलाफ मुकदमा मार्च 2013 में एक विशेष फास्ट ट्रैक अदालत में शुरू हुआ. किशोर ने महिला के साथ ज्यादा बर्बरता की थी और उसे तीन वर्षों तक सुधार गृह में रखा गया था.

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First published: February 14, 2020, 7:42 AM IST
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