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निर्भया गैंगरेप: दोषियों को 9 दिन बाद होनी है फांसी, तिहाड़ जेल ने पूछी अंतिम इच्छा
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Updated: January 23, 2020, 12:06 PM IST
निर्भया गैंगरेप: दोषियों को 9 दिन बाद होनी है फांसी, तिहाड़ जेल ने पूछी अंतिम इच्छा
निर्भया के चारों दोषियों की फाइल फोटो.

निर्भया केस (Nirbhaya Case) के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई है. अगर इसी बीच मुकेश के अलावा अन्य तीनों में से किसी ने दया याचिका डाल दी तो यह मामला फिर कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है.

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  • Last Updated: January 23, 2020, 12:06 PM IST
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नई दिल्ली. एक तरफ निर्भया (Nirbhaya) के दोषी कोर्ट में अपनी फांसी की सजा को और लंबा खींचने के लिये तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं तो वहीं तिहाड़ जेल प्रशासन (Tihar Jail Administration) अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है. इसी के तहत तिहाड़ जेल ने दोषियों से उनकी आखिरी इच्छी पूछी है. वहीं, जानकारी के मुताबिक, चारों दोषियों को फांसी देने के लिए मेरठ से पवन जल्लाद 30 जनवरी को तिहाड़ पहुंच रहे हैं.

फांसी से पहले जेल प्रशासन ने निर्भया के दोषियों पवन, अक्षय, विनय, मुकेश को नोटिस थमाकर पूछा है कि वह अंतिम बार किससे मिलना चाहते हैं? जेल प्रशासन ने पूछा है कि उनके नाम कोई प्रॉपर्टी है तो क्या वह उसे किसी के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं, कोई धार्मिक किताब पढ़ना चाहते हैं या किसी धर्मगुरु को बुलाना चाहते हैं? अगर वे चाहें तो इन इच्‍छाओं को 1 फरवरी से पहले पूरा कर सकते हैं.

फांसी के डर से छोड़ा खाना-पीना
नवभारत टाइम्स के मुताबिक, चारों में से एक ने अपनी जिंदगी खत्म होने के डर से खाना छोड़ दिया है, जबकि दूसरा भी कम खाना खा रहा है. जेल सूत्रों ने बताया कि चारों में से एक विनय ने दो दिनों तक खाना नहीं खाया था, लेकिन बुधवार को इसे खाना खाने के लिए बार-बार कहा गया तो थोड़ा खाना खाया. वहीं, दोषी पवन जेल में रहते हुए खाना बहुत कम कर दिया है.

मुकेश और अक्षय पर अभी खाना कम खाने या खाना छोड़ देने के रूप में कोई असर नहीं देखा गया है. मुकेश के पास फांसी को टालने के लिए अपने बचाव में जितने भी कानूनी उपचार थे वह उन सभी को आजमा चुका है. इसकी दया याचिका को भी राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद खारिज कर चुके हैं.

चारों दोषियों के लिये 32 सिक्यॉरिटी गार्ड
जेल सूत्रों ने बताया कि चारों दोषियों को तिहाड़ की जेल नंबर-3 में अलग-अलग सेल में रखा गया है. हर दोषी के सेल के बाहर दो सिक्यॉरिटी गार्ड तैनात रहते हैं. इनमें से एक हिंदी और इंग्लिश का ज्ञान ना रखने वाला तमिलनाडु स्पेशल पुलिस का जवान और एक तिहाड़ जेल प्रशासन का होता है. हर दो घंटे में इन गार्ड को आराम दिया जाता है. शिफ्ट बदलने पर दूसरे गार्ड तैनात किए जाते हैं. हर एक कैदी के लिए 24 घंटे के लिए आठ-आठ सिक्यॉरिटी गार्ड लगाए गए हैं. यानी चार कैदियों के लिए कुल 32 सिक्यॉरिटी गार्ड.1 फरवरी को होनी है फांसी
चारों को फांसी पर लटकाने की नई तारीख 1 फरवरी सुबह 6 बजे मुकर्रर की गई है. अगर इसी बीच मुकेश के अलावा अन्य तीनों में से किसी ने दया याचिका डाल दी तो यह मामला फिर कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है. ऐसे में कानूनी जानकारों का कहना है कि फिर से फांसी के लिए संभवत: एक नई डेट दी जाएगी. चार दिन में इन्हें फांसी पर लटकाने के लिए एक और ट्रायल किया गया है.

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First published: January 23, 2020, 7:58 AM IST
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