लाइव टीवी

Nirbhaya Case: हाईकोर्ट ने खारिज की निर्भया के दोषी की याचिका, डेथ वॉरंट पर नहीं कोई रोक

News18Hindi
Updated: January 15, 2020, 3:23 PM IST
Nirbhaya Case: हाईकोर्ट ने खारिज की निर्भया के दोषी की याचिका, डेथ वॉरंट पर नहीं कोई रोक
निर्भया केस के दोषी

निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape Case) के दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और दिल्ली के एलजी अनिल बैजल को भेजी दया याचिका में अपने चाल-चलन और बर्ताव का हवाला दिया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2020, 3:23 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape) केस में चार दोषी में एक मुकेश सिंह की डेथ वॉरंट पर रोक लगाने वाली याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने मुकेश को ट्रायल कोर्ट जाने को कहा है. वहीं, सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के वकील ने कोर्ट में कहा कि निर्भया के दोषियों को डेथ वॉरंट के मुताबिक 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती. सरकारी वकील ने दलील दी कि सभी दोषियों की दया याचिका खारिज होने के बाद दिल्ली सरकार नए सिरे से डेथ वॉरंट जारी करेगी.

दिल्ली सरकार की ओर से एएसजी राहुल मेहरा ने दलीलें रखीं. उन्होंने कहा कि दोषी मुकेश ने क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद राष्ट्रपति के पास दया याचिका दाखिल की है. सरकारी वकील ने यह भी तर्क दिया कि अगर राष्ट्रपति दया याचिका खारिज भी कर देते हैं, उसके बाद भी 14 दिन का वक्त मिलेगा.

जस्टिस मनमोहन ने लगाई फटकार
वहीं, मुकेश की याचिका पर जस्टिस मनमोहन और जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल की बेंच ने कड़ी फटकार लगाई. जस्टिस मनमोहन ने सवाल किया कि जेल अधिकारियों की ओर से दोषियों को पहला नोटिस जारी करने में इतनी देर क्यों हुई? इस दौरान जज ने फटकार लगाते हुए कहा- 'यह साफ है कि कैसे दोषियों की ओर से सिस्टम का दुरूपयोग किया गया? ऐसे में तो लोग सिस्टम से भरोसा खो देंगे.'

मुकेश की याचिका में क्या है?
मंगलवार को क्यूरेटिव पिटीशन खारिज होने के बाद मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति और दिल्ली के एलजी के दया याचिका भेजी, फिर हाईकोर्ट में डेथ वॉरंट को चुनौती दी. इस याचिका में कहा गया है कि मुकेश ने उपराज्यपाल व राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी है. इसलिए डेथ वारंट को रद्द किया जाए. इस वारंट के अमल पर रोक लगायी जाये. ऐसा नहीं होने पर याची के संवैधानिक अधिकार प्रभावित होंगे.

याचिका में ये भी कहा गया है कि दोषी को दया याचिका दायर करने का अधिकार है. जब दया याचिका खारिज हो जाए तो कानून दोषी को सुप्रीम कोर्ट जाने की इजाजत देता है.


निर्भया की मां बोलीं-अदालत सब जानती है
हाईकोर्ट में सुनवाई के बीच निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, 'दोषी जो चाहता है कर सकता है, लेकिन सबकुछ अब साफ हो चुका है. सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट सब जानते हैं. मुझे उम्मीद है कि मुकेश की ये याचिका भी हाईकोर्ट में खारिज हो जाएगी.'

दया याचिका में दिया चाल-चलन और बर्ताव का हवाला
वहीं, निर्भया के दोषी मुकेश ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और दिल्ली के एलजी अनिल बैजल को भेजी दया याचिका में अपने चाल-चलन और बर्ताव का हवाला दिया है.

इसके पहले मंगलवार को ही दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में दोषी विनय शर्मा और मुकेश सिंह की क्यूरेटिव पिटीशन खारिज हो गई थी.

पटियाला हाउस कोर्ट ने 7 जनवरी को जारी किया था डेथ वारंट
दिल्‍ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मामले के चारों दोषियों के खिलाफ 7 जनवरी को डेथ वारंट जारी किया था. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, चारों दोषियों को 22 जनवरी सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाना है.

क्या है मामला?
ये मामला दिसंबर 2012 का है. जब चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल स्टूडेंट के साथ छह लोगों ने गैंगरेप किया था. इस दौरान सभी ने मिलकर उसके साथ क्रूरतम व्यवहार किया था और उसे घायल अवस्था में मरने के लिए सड़क पर फेंक दिया था. घटना के कुछ दिनों बाद 'निर्भया' की इलाज के दौरान मौत हो गई थी.

इस मामले में निचली अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उन्‍हें फांसी की सजा सुनाई थी. इसके बाद यह मामला हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा. हाईकोर्ट ने 13 मार्च 2014 को चारों दोषियों की अपील भी खारिज कर दी थी. शीर्ष अदालत ने वर्ष 2017 में दोषियों की याचिका खारिज कर दी थी. हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों का डेथ वॉरंट जारी कर दिया.

ये भी पढ़ें: फांसी का दिन पास आने के साथ ही निर्भया के दोषियों की बढ़ रही है चिंता, तिहाड़ रखे हुए है कड़ी नज़र

 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए Delhi से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 14, 2020, 8:47 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर