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दोषियों के नए डेथ वारंट के लिए 'निर्भया' के माता-पिता पहुंचे कोर्ट, आज होगी सुनवाई
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Updated: February 12, 2020, 9:02 AM IST
दोषियों के नए डेथ वारंट के लिए 'निर्भया' के माता-पिता पहुंचे कोर्ट, आज होगी सुनवाई
कोर्ट से दो बार डेथ वारंट जारी होने के बावजूद 'निर्भया' केस के चारों दोषियों की फांसी टल चुकी है (प्रतीकात्मक तस्वीर)

'निर्भया' के माता-पिता ने कोर्ट से कहा कि दोषी कानून का मजाक उड़ा रहे हैं. चारों दोषियों की फांसी की सजा की तामील के लिए नई तारीख तय किए जाने के वास्ते अधिकारियों (दिल्ली सरकार के) को निचली अदालत जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से मिली छूट के बाद यह याचिका दायर की गई है

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  • Last Updated: February 12, 2020, 9:02 AM IST
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नयी दिल्ली. 'निर्भया' गैंगरेप और मर्डर मामले (Nirbhaya Case) में नया डेथ वारंट (Death Warrant) जारी करने को लेकर 'निर्भया' के माता-पिता ने दिल्ली की एक अदालत में याचिका दाखिल की है. लोअर कोर्ट (Lower Court) बुधवार को इस पर सुनवाई करेगी. इससे पहले मंगलवार को कोर्ट ने फांसी की सजा पाए चारों दोषियों से जवाब मांगा है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने सभी (चारों) दोषियों को नोटिस जारी किया और कहा कि अदालत बुधवार को इस विषय पर सुनवाई करेगी.

'निर्भया' के माता-पिता ने कोर्ट से कहा कि दोषी कानून का मजाक उड़ा रहे हैं. चारों दोषियों की फांसी की सजा की तामील के लिए नई तारीख तय किए जाने के वास्ते अधिकारियों (दिल्ली सरकार के) को निचली अदालत जाने के लिए सुप्रीम कोर्ट से मिली छूट के बाद यह याचिका दायर की गई है.

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मंगलवार को निचली अदालत में एक स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) दाखिल कर कहा कि किसी भी दोषी ने पिछले सात दिन में कोई कानूनी विकल्प नहीं चुना है, जो समय सीमा दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें दी थी. इन चारों दोषियों में मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार शामिल हैं.

कोर्ट ने दोषियों को एक हफ्ते के अंदर सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने को कहा था

बता दें कि इससे पहले सात फरवरी को लोअर कोर्ट ने दिल्ली सरकार और तिहाड़ जेल के अधिकारियों की याचिकाएं खारिज कर दी थीं जिनके जरिए मामले में चारों दोषियों की फांसी के लिए नयी तारीख की अर्जी दाखिल की गई थी. अदालत ने दिल्ली हाईकोर्ट के पांच फरवरी के आदेश का संज्ञान लिया था जिसमें दोषियों को एक हफ्ते के अंदर अपने सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई थी.

अदालत ने कहा था, ‘दोषियों को ऐसे में फांसी देना पाप होगा, जब कानून उन्हें जीने का अधिकार देता है. हाईकोर्ट ने पांच फरवरी को दोषियों को न्याय के हित में इस आदेश के एक हफ्ते के अंदर अपने कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने की इजाजत दी थी.’

बता दें कि दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट इस मामले में दो बार डेथ वारंट जारी कर चुकी है. जिसके तहत चारों दोषियों को दो बार (21 जनवरी और 1 फरवरी) फांसी देना तय हुआ था लेकिन उनकी फांसी टाल दी गई थी. 'निर्भया' के चारों दोषी वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं.

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First published: February 12, 2020, 9:02 AM IST
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