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निर्भया केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई टाली, कहा-सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने दें

News18Hindi
Updated: December 13, 2019, 11:02 AM IST
निर्भया केस: पटियाला हाउस कोर्ट ने सुनवाई टाली, कहा-सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने दें
बक्सर जेल को इस सप्ताह के अंत तक फांसी के 10 फंदे तैयार रखने का निर्देश दिया गया है

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court), निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape) के दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. तीन न्यायाधीशों की पीठ उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें अक्षय ने दिल्ली के प्रदूषण का हवाला देते हुए मौत की सजा पर सवाल उठाए थे.

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  • Last Updated: December 13, 2019, 11:02 AM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप केस (Nirbhaya Gang Rape) के चारों दोषियों को जल्द फांसी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई टल गई है. चारों आरोपियों को आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) में पेश किया गया. मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि इस केस से जुड़ा एक मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है. इसलिए जब तक वहां मामले का निपटारा नहीं होता है, लोअर कोर्ट तब तक सुनवाई नहीं करेगी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) निर्भया गैंगरेप के दोषी अक्षय कुमार सिंह की पुनर्विचार याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई करेगा. ऐसे में पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई 18 दिसंबर तक टाल दी गई है.

पटियाला हाउस कोर्ट में इस दौरान निर्भया के वकील ने कहा कि फांसी की तारीख तय होनी चाहिए. दया याचिका लगाने से डेथ वारेंट जारी होने का कोई लेना देना नहीं है. दया याचिका लगाने के लिए डेथ वारेंट को नहीं रोका जा सकता. इस पर कोर्ट ने कहा कि पहले सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ जाने दीजिए, इसके बाद ही हम सुनवाई करेंगे.

कोर्ट ने दोषियों के वकील एपी सिंह को भी फटकार लगाई. अदालत ने कहा कि आप केस के दौरान कोर्ट में मौजूद नहीं होते हैं. आप इस मामले में कोई भी फैसला आने में देरी कर रहे हैं.

चारों आरोपियों की जल्द फांसी की याचिका पर सुनवाई टलने पर निर्भया की मां ने कहा, 'जब हम दोषियों की सजा के लिए 7 साल इंतजार कर सकते हैं, तो 7 दिन और कर लेंगे.'



दरअसल, निर्भया के दोषी फांसी से बचने के लिए कुछ अलग ही प्लान बनाकर बैठे हुए हैं. बताया जा रहा है कि दोषी अक्षय कुमार की याचिका खारिज होने की स्थिति में दूसरा दोषी पुनर्विचार याचिका डालेगा. इसके बाद तीसरा और आखिर में चौथा दोषी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगा. बताया जा रहा है कि निर्भया के दोषियों की इस रणनीति को देखते हुए कोर्ट ने चारों को एक साथ पेश करने का आदेश जारी किया है.

बता दें कि निर्भया के दोषी भले ही अपने आपको बचाने की हर मुमकिन कोशिश में लगे हों, लेकिन तिहाड़ प्रशासन चारों दोषियों को फांसी दिए जाने की तैयारी कर चुका है. फांसी के लिए जल्लाद का इंतजाम करने के लिए यूपी के जेल प्रशासन को भी तिहाड़ प्रशासन की ओर से पत्र लिखा गया है.

एक साथ जारी होगा डेथ वारंट!
पिछली सुनवाई के दौरान निर्भया की मां ने कोर्ट से कहा था कि एक-एक कर डाली जा रही याचिकाओं से समय खराब हो रहा है. इस पर कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में सभी दोषियों का एक साथ डेथ वारंट जारी किया जाएगा. कोर्ट की ये बात सुनकर निर्भया की मां रोने लगी थीं. इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को एक साथ कोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया था.

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प्रदूषण से मौत होने का दिया था हवाला
निर्भया के चारों दोषियों में से एक अक्षय कुमार ने पुनर्विचार याचिका डालते हुए कहा था कि दिल्ली में जब प्रदूषण से मौतें हो रही हैं तो फांसी की क्या जरूरत है. बता दें कि दिसंबर 2012 में निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में अक्षय, मुकेश, पवन और विनय को मौत की सजा सुनाई थी. एक अन्य दोषी राम सिंह ने कथित तौर पर तिहाड़ जेल में खुदकुशी कर ली थी.

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First published: December 13, 2019, 8:44 AM IST
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