• Home
  • »
  • News
  • »
  • delhi-ncr
  • »
  • निर्भया गैंगरेप: बोले SG- समाज और पीड़िता को न्याय के लिए सभी दोषियों को तुरंत फांसी देने की जरूरत

निर्भया गैंगरेप: बोले SG- समाज और पीड़िता को न्याय के लिए सभी दोषियों को तुरंत फांसी देने की जरूरत

निर्भया गैंगरेप केस: एसजी तुषार मेहता ने कहा कि देरी के लिए दोषियों द्वारा जान-बूझकर प्रयास किए जा रहे हैं.

निर्भया सामूहिक दुष्कर्म (Nirbhaya Gang Rape) मामले में दोषियों को फांसी (Hanging) देने पर रोक के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र की याचिका पर रविवार को सुनवाई शुरू हुई. कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि समाज और पीड़िता को न्याय देने के लिए सभी दोषियों को तुरंत फांसी देने की जरूरत है.

  • Share this:
    नई दिल्ली. दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म (Nirbhaya Gang Rape) और हत्या मामले में चार दोषियों को फांसी (Hanging) देने पर रोक लगाने वाले निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार (Central Government) की याचिका पर रविवार को सुनवाई शुरू हो गई. सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कोर्ट को इस मामले की टाइमलाइन बताई.

    उन्होंने दोषियों के क्यूरेटिव याचिका दाखिल करने में देरी के बारे में कोर्ट को जानकारी दी. तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि, 'समाज और पीड़िता को न्याय के लिए इन सभी दोषियों को तुरंत फांसी पर लटकाने की जरूरत है'. उन्होंने बताया कि देरी के लिए दोषियों द्वारा जान-बूझकर प्रयास किए जा रहे हैं. तुषार मेहता ने कहा, 'ये जानबूझ कर किया जा रहा है. ये न्याय के लिए फ्रस्ट्रेशन की स्थिति है. इन्होंने एक लड़की का सामूहिक रेप किया.

    चारों दोषियों ने इतने दिनों बाद दायर की थी याचिका

    मुकेश - 550 दिनों के बाद दायर की समीक्षा याचिका

    अक्षय - 950 दिनों के बाद दायर की समीक्षा याचिका

    विनय - 549 दिनों के बाद दायर की समीक्षा याचिका

    पवन - आज तक क्यूरेटिव याचिका दाखिल नहीं की

    कोर्ट इस मामले में चारों दोषियों से पहले ही जवाब मांग चुकी है. निर्भया के माता-पिता और पीड़िता के वकील एपी सिंह, एसजी तुषार मेहता और दोषी की वकील वृंदा ग्रोवर कोर्ट पहुंच चुके हैं. हाईकोर्ट दोपहर 3 बजे से केस की सुनवाई शुरू कर चुकी है. तिहाड़ जेल के वरिष्ठ अधिकारी- डीजी जेल, आईजी, डीआईजी भी कोर्ट रूम में पहुंच चुके हैं.

    संबंधित पक्षों को पहले ही नोटिस जारी कर चुका है कोर्ट
    न्यायमूर्ति सुरेश कैत केंद्र की इस याचिका पर चारों दोषियों मुकेश कुमार, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय सिंह को पहले ही नोटिस जारी कर चुके हैं. अदालत ने महानिदेशक (कारावास) और तिहाड़ जेल के अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर केंद्र सरकार की याचिका पर उनका रुख पूछा था. महानिदेशक (कारावास) के वकील ने अदालत को बताया था कि कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा. सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि निर्भया मामले में दोषियों ने कानून की प्रक्रिया को मजाक की तरह लिया है और फांसी को लंबित कराने में लगे हैं.

    चारों दोषियों को फांसी कब होगी?
    हर कोई ये जानना चाह रहा है कि निर्भया गैंगरेप मामले के चारों दोषियों को फांसी कब होगी? लेकिन इसकी फाइनल तारीख अभी तय नहीं की जा सकी है. तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दोषी विनय शर्मा की दया याचिका खारिज होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन, पटियाला हाउस कोर्ट से बात कर चारों की फांसी की तारीख तय कर रहा है. निर्भया गैंगरेप कांड के दोषी अक्षय ठाकुर ने अब राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की है. राष्ट्रपति इससे पहले दो दोषियों की दया याचिका खारिज कर चुके हैं.

    ये भी पढ़ें - 

    Delhi Assembly Election: गांजे से वोटरों को लुभाने में जुटीं पार्टियां

    शाहीन बाग गोलीकांड: सामने आया आरोपी युवक का परिवार, कही यह बात

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज