लाइव टीवी

निर्भया गैंगरेप केस: टल सकती है 1 फरवरी को होने वाली फांसी
Delhi-Ncr News in Hindi

News18Hindi
Updated: January 29, 2020, 7:17 PM IST
निर्भया गैंगरेप केस: टल सकती है 1 फरवरी को होने वाली फांसी
सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ, न्यायमूर्ति एनवी रमना की अध्यक्षता में, गुरुवार दोपहर 1 बजे, एक अपराधी अक्षय ठाकुर की सजा की याचिका पर सुनवाई करेगी. (Demo Pic)

इस मामले मामले में हाल ही में निर्भया की मां के वकील जितेंद्र झा का ने भी कहा था कि अभी मुझे लगता है कि 74 से 75 दिन और लगेंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 29, 2020, 7:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. दिल्ली में 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) में सूत्रों का कहना है कि दोषियों की फांसी की तारीख 1 फरवरी से आगे बढ़ सकती है. अक्षय के पास भूल सुधार याचिका के अलावा दया याचिका का भी विकल्प बाकी है. इसलिए एक फरवरी को होने वाली फांसी टल सकती है. बता दें कि दोषी अक्षय ने मंगलवार को एक क्यूरेटिव पिटीशन दाखिल की. जिसकी सुनवाई गुरुवार को होनी है. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ, न्यायमूर्ति एनवी रमन की अध्यक्षता में, गुरुवार दोपहर 1 बजे, एक अपराधी अक्षय ठाकुर की सजा की याचिका पर सुनवाई करेगी. वहीं एक और दोषी विनय शर्मा ने भी भारत के राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की है.




74 से 75 दिन और लगेंगे
इस मामले मामले में हाल ही में निर्भया की मां के वकील जितेंद्र झा का ने भी कहा था कि अभी मुझे लगता है कि 74 से 75 दिन और लगेंगे. जज ने माना है कि ये डिले की टैक्टिस है. नया डेथ वारंट जारी तो हो गया है, लेकिन कोई भी एक अगर 31 जनवरी की दोपहर 12 बजे से पहले राष्ट्रपति के पास दया याचिका लगा देगा तो फांसी रुक जाएगी. कोर्ट ने दोषियों का नया डेथ वारंट जारी किया. हालांकि दोषियों के वकील मामले को और खींचने की फिराक में हैं. एक दोषी की उम्र को लेकर आपत्ति जताई जा रही है. इसमें कहा जा रहा है कि घटना के वक्त वह बालिग ही नहीं था.


 

तिहाड़ जेल में यौन उत्पीड़न!
इससे पहले दोषी मुकेश की वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किल का तिहाड़ जेल में यौन उत्पीड़न हुआ है. मुकेश ने राष्ट्रपति द्वारा उसकी दया याचिका खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दी है. इस पर मंगलवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की वकील ने कोर्ट से कहा कि आपको हर कदम पर अपना दिमाग लगाना होता है. आप किसी की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं. जेल में मुकेश के साथ बुरी तरह मारपीट हुई थी.

क्या थी यह पूरी घटना
बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिक स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी. दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए. इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था. इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था. बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था. यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया.

ये भी पढ़ें: 

Nirbhaya Case: दोषी मुकेश ने जताया विरोध, कागजात नहीं दे रहा तिहाड़ प्रशासन

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 29, 2020, 5:56 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर