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निर्भया गैंगरेप मामला: केंद्र सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
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News18Hindi
Updated: February 25, 2020, 7:05 AM IST
निर्भया गैंगरेप मामला: केंद्र सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
न्यायमूर्ति आर बनुमथी की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ आज मामले की सुनवाई करेगी. (फाइल फोटो)

दरअसल, पिछले हफ्ते राजधानी दिल्ली में साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape) में चारों दोषियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वॉरंट जारी कर दिया था.

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  • Last Updated: February 25, 2020, 7:05 AM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप (Nirbhaya Gang Rape) और हत्या मामले में दोषियों को अलग-अलग फांसी (Hanging) पर लटकाने के लिए मंगलवार को सुप्रमी कोर्ट (Supreme court) में सुनवाई होगी. न्यायमूर्ति आर बनुमथी की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की तीन-न्यायाधीशों की पीठ आज मामले की सुनवाई करेगी. तीन-न्यायाधीशों की पीठ गृह मंत्रालय द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें मौत की सजा पाए दोषियों को अलग-अलग फांसी पर लटकाने की मांग की गई है.

बता दें कि बीते पिछले हफ्ते राजधानी दिल्ली में साल 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप में चारों दोषियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने नया डेथ वॉरंट जारी कर दिया था. नए डेथ वॉरंट के मुताबिक, अब चारों दोषियों पवन गुप्ता, विनय शर्मा, मुकेश सिंह, अक्षय कुमार सिंह को एक साथ 3 मार्च की सुबह 6 बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जाएगी. यह तीसरी बार है जब निर्भया के दोषियों का डेथ वॉरंट जारी किया गया था. इसके पहले दोषियों के लिए 22 जनवरी और 1 फरवरी को डेथ वॉरंट जारी हो चुका है. हालांकि, 3 मार्च को भी दोषियों को फांसी होगी? ऐसा यकीन से नहीं कहा जा सकता, क्योंकि दोषियों के वकील का दावा है कि अभी उनके पास कई कानूनी विकल्प बचे हैं.



दोषियों के पास अब क्या हैं ऑप्शन?
दोषी मुकेश, विनय और अक्षय के पास फांसी से बचने के लिए अब कोई कानूनी विकल्प नहीं बचा है. तीनों रिव्यू पिटीशन, क्यूरेटिव पिटीशन, राष्ट्रपति के पास दया याचिका, दया याचिका खारिज होने के खिलाफ याचिका दायर करने के कानूनी विकल्प का इस्तेमाल कर चुके हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोषी अक्षय के वकील अब नए सिरे से दया याचिका दायर करना चाहते हैं. इसके लिए यह आधार बनाया जा रहा है कि उसके मां-बाप ने आधी-अधूरी दया याचिका लगाई थी, जिसे राष्ट्रपति ने खारिज कर दी. अब अगर कोर्ट इजाजत देता है, तो मुकेश के वकील कुछ अन्य दस्तावेज लगाकर फिर से दया याचिका लगाएंगे.

चारों दोषियों में एकमात्र पवन गुप्ता के पास अभी तीन कानूनी विकल्प बचे हुए हैं. उसकी रिव्यू पिटीशन खारिज हो चुकी है. क्यूरेटिव पिटीशन का ऑप्शन बचा हुआ है. पवन गुप्ता के पास दया याचिका भेजने का कानूनी विक्लप भी बाकी है. अगर ये दया याचिका खारिज हो जाती है, तो वह सुप्रीम कोर्ट में दया याचिका के खिलाफ याचिका भी दायर कर सकता है.

एक हफ्ते की मोहलत दी थी
हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को अपने बाकी बचे सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी थी. ये मोहलत 11 फरवरी को खत्म हो गई है. ऐसे में पवन गुप्ता ने पटियाला हाउस कोर्ट में दलील दी कि उसके पास वकील नहीं है, लिहाजा वह क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल नहीं कर पाया. निचली अदालत ने पिछले हफ्ते ही उसके लिए एक वकील भी अपॉइंट किया था. इसके अलावा खबर है कि दोषी विनय शर्मा भूख हड़ताल पर है. वहीं कोर्ट ने तिहाड़ जेल अधीक्षक को नियमानुसार दोषियों की देखभाल करने का आदेश दिया है.

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First published: February 25, 2020, 6:53 AM IST
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अपडेटेड: April 09 (05:00 PM)
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स्रोत: जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, U.S. (www.jhu.edu)
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