लाइव टीवी

निर्भया गैंगरेप केस : दोषी अक्षय की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज

News18Hindi
Updated: January 30, 2020, 9:40 PM IST
निर्भया गैंगरेप केस : दोषी अक्षय की याचिका भी सुप्रीम कोर्ट ने की खारिज
निर्भया के दोषी (फाइल फोटो)

निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya gangrape case) के दोषी अक्षय ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर जन दबाव और जनता की राय के चलते अदालतें फांसी की सजा सुना रही हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 30, 2020, 9:40 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya gangrape case) में फांसी की सजा पा चुके सभी दोषी अपने आपको बचाने के लिए हर दांवपेच अपना रहे हैं. हालांकि सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के सामने दोषियों के वकील का एक भी पैंतरा काम नहीं आ रहा है. इसी कड़ी में अब फांसी की सजा पाए चार दोषियों में शामिल अक्षय ठाकुर ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए सुधारात्मक याचिका (curative petition) दायर की थी. दोषी अक्षय की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज दोपहर एक बजे सुनवाई की. अदालत ने अक्षय की याचिका खारिज कर दी. याचिका में कहा गया था कि महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर जन दबाव और जनता की राय के चलते अदालतें दोषियों को फांसी की सजा सुना रही हैं.

जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस आर भानुमती और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने सुधारात्मक याचिका की सुनवाई की. बता दें कि दोषी अक्षय ठाकुर (31) ने कहा है कि अपराध की बर्बरता के आधार पर शीर्ष न्यायालय द्वारा उसके अनुरूप मौत की सजा सुनाने से इस न्यायालय की और देश की अन्य फौजदारी अदालतों के फैसलों में असंगतता उजागर हुई है. इन अदालतों ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर जन दबाव और जनता की राय को देखते हुए सभी समस्याओं के समाधान के रूप में मौत की सजा सुनाई है.

गौरतलब है कि इस मामले में दो अन्य दोषियों, विनय कुमार शर्मा और मुकेश कुमार सिंह द्वारा दायर सुधारात्मक याचिकाएं शीर्ष न्यायालय पहले ही खारिज कर चुकी हैं, जिसके बाद विनय ने एक और दया याचिका, भारत के राष्ट्रपति के समक्ष दाखिल की है. चौथे दोषी पवन गुप्ता ने सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है. उसके पास अब भी यह विकल्प है.

आरोपी मुकेश सिंह की फाइल फोटो


हालांकि निर्भया (Nirbhaya) के दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जाएगी या नहीं? कोर्ट की ओर से दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट किए जाने के बावजूद अभी भी इस पर असमंजस बना हुआ है. निचली अदालत पहले एक डेथ वारंट (Death Warrant) को रद कर दोबारा फांसी की तिथि 1 फरवरी मुकर्रर कर चुकी है. अब निर्भया के गुनहगारों के वकील एपी सिंह की ओर से पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर फांसी की तिथि एक बार फिर से बढ़ाने की मांग की गई है. दोषियों की ओर से इस बार दिल्‍ली प्रिजन रूल्‍स का हवाला दिया गया है.

इसे भी पढ़ें :-'निर्भया' के दोषी मुकेश सिंह के सभी कानूनी विकल्प खत्म, अब फांसी होनी तय

निर्भया रेप केस, दिल्ली गैंग रेप केस, फांसी, दिल्ली, कानून, Nirbhaya Gang Rape Case, Delhi Gang Rape Case, Hanging, Delhi, Law
सुप्रीम कोर्ट की पांच-न्यायाधीशों की पीठ, न्यायमूर्ति एनवी रमण की अध्यक्षता में, अक्षय की सजा की याचिका पर सुनवाई की. (Demo Pic)
इस नियम का दिया हवाला
निर्भया के सभी चारों दोषियों के वकील एपी सिंह की ओर से यह याचिका दायर की गई है. इसमें दिल्‍ली कारागार से जुड़े नियमों का हवाला दिया गया है. एपी सिंह ने याचिका में दिल्‍ली प्रिजन रूल्‍स के प्रावधानों का उल्‍लेख करते हुए कहा है कि इसके तहत चार में से किसी भी दोषी को तब तक फांसी नहीं दी जा सकती है, जब तक कि आखिरी दोषी दया याचिका समेत सभी कानूनी विकल्‍पों का इस्‍तेमाल नहीं कर लेता है.

मालूम हो कि निर्भया के दोषियों में से एक विनय ने राष्‍ट्रपति के समक्ष दया याचिका भेजी है. अभी तक इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है. इस बीच, सभी दोषियों की ओर से 1 फरवरी को होने वाली फांसी पर रोक लगाने को लेकर पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी दाखिल कर दी गई है.

पहले 22 जनवरी के लिए जारी हुआ था डेथ वारंट
पटियाला हाउस कोर्ट ने इससे पहले निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले के सभी चारों दोषियों को फांसी देने को लेकर 22 जनवरी के लिए डेथ वारंट जारी किया था. दोषियों द्वारा अन्‍य कानूनी विकल्‍पों का इस्‍तेमाल करने के चलते इस तिथि को बाद में बढ़ाई गई थी. पटियाला हाउस कोर्ट ने नए सिरे से 1 फरवरी के लिए डेथ वारंट जारी किया था. अब इस तिथि को बढ़ाने के लिए भी अर्जी दाखिल की गई है.

इसे भी पढ़ें :- निर्भया गैंगरेप केस: टल सकती है 1 फरवरी को होने वाली फांसी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 30, 2020, 1:48 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर