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निर्भया केस: अदालत ने कहा- सभी को अंतिम सांस तक न्याय पाने का हक, फूट-फूटकर रोईं निर्भया की मां देखें वीडियो
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Updated: February 12, 2020, 4:11 PM IST

सुनवाई के दौरान निर्भया (Nirbhaya Case) की मां आशा देवी पटियाला हाउस कोर्ट में ही फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने कोर्ट से कहा कि मेरे अधिकारों का क्या? मैं भी इंसान हूं, मुझे सात साल हो गए, मैं हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगा रही हूं. कृप्या दोषियों को डेथ वारंट जारी करें'

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  • Last Updated: February 12, 2020, 4:11 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले (Nirbhaya Case) में नया डेथ वारंट (Death Warrant) जारी करने को लेकर निर्भया के माता-पिता ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) में दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई. कोर्ट इस मामले में अब गुरुवार को अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट ने कहा कि दोषी पवन के पिता को गुरुवार को कोर्ट द्वारा लीगल ऐड से वकील मिल जाएगा जिसके बाद मामले की सुनवाई की जाएगी.

दिल्ली की अदालत ने दोषी पवन गुप्ता को कानूनी मदद देने की पेशकश की जिसने कहा था कि उसके पास वकील नहीं है. अदालत ने चार दोषियों के खिलाफ फिर से मृत्यु वारंट जारी करने के अनुरोध वाली याचिकाओं की सुनवाई कल तक के लिए स्थगित की. डीएलएसए ने पवन के पिता को वकील चुनने के लिए अपने पैनल में शामिल अधिवक्ताओं की एक सूची उपलब्ध कराई. अदालत ने कहा कि कोई भी दोषी अपनी अंतिम सांस तक कानूनी सहायता पाने का हकदार है.

इससे पहले हुई सुनवाई के दौरान निर्भया की मां आशा देवी कोर्ट में फूट-फूटकर रो पड़ीं. उन्होंने कोर्ट से कहा कि मेरे अधिकारों का क्या? मैं भी इंसान हूं, मुझे सात साल हो गए, मैं हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगा रही हूं. कृप्या दोषियों को डेथ वारंट जारी करें.'



निर्भया के पिता ने कहा- बेटी के साथ अन्याय हो रहा

वहीं निर्भया के पिता भी भावुक हो कर कोर्ट में बोल पड़े कि निर्भया के साथ अन्याय हो रहा है. आपकी डयूटी है अन्याय न हो. इस पर जज ने उन्होंने कहा कि आप बैठ जाइए. जिसको लीगल ऐड देना है, मेरा डयूटी है उसे देना. दूसरी तरफ लीगल ऐड से एक वरिष्ठ कोर्ट में आये और उन्होंने वकीलों की लिस्ट दोषी के पिता को दे रहे हैं.

बता दें कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने मंगलवार को निचली अदालत में एक स्थिति रिपोर्ट (स्टेटस रिपोर्ट) दाखिल कर कहा था कि किसी भी दोषी ने पिछले सात दिन में कोई कानूनी विकल्प नहीं चुना है, जो समय सीमा दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें दी थी. इन चारों दोषियों में मुकेश कुमार सिंह, पवन गुप्ता, विनय कुमार शर्मा और अक्षय कुमार के नाम शामिल हैं.

निर्भया के साथ क्या हुआ था
बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिक स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी. दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए. इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था. इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था. बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था. यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया था.

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First published: February 12, 2020, 2:58 PM IST
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