निर्भया कांड: एक दिन पहले तिहाड़ पहुंचेगा 'जल्लाद', फांसी के बाद मिलेगी इतनी फीस
Delhi-Ncr News in Hindi

निर्भया कांड: एक दिन पहले तिहाड़ पहुंचेगा 'जल्लाद', फांसी के बाद मिलेगी इतनी फीस
(प्रतीकात्मक फोटो)

निर्भया कांड (Nirbhaya Gangrape Murder Case) के दोषियों की क्य़ूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. कोर्ट ने डेथ वारंट यानी फांसी के अमल पर भी रोक लगा दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2020, 6:04 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. निर्भया कांड (Nirbhaya Gangrape Case) के दोषियों की क्य़ूरेटिव पिटीशन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. शीर्ष अदालत ने दोषियों की फांसी की सजा पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया है. इसके बाद दोषियों के परिजनों का तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में मुलाकात जारी है. इस बीच जानकारी मिल रही है कि दोषियों को फांसी के तख्ते पर चढ़ाने वाला जल्लाद पवन फांसी की तारीख से एक दिन पहले 20 जनवरी को तिहाड़ जेल में पहुंच जायेगा. इस दौरान जल्लाद इसी दिन शाम को फांसी पर चढ़ाने का अभ्यास भी करेगा.

जल्लाद को मिलेंगे 60 हजार
निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने वाले जल्लाद पवन को एक आरोपी की फांसी देने पर 15 हजार रुपये मिलेंगे. जल्लाद को चारों दोषियों को फांसी देने के बाद 60 हजार रुपए मिलेंगे.

चहलकदमी करते दिख रहा था दोषी विनय



दोषी विनय से उसके पिता ने मुलाकात की है. सूत्रों के अनुसार, विनय अन्य तीन दोषियों की तुलना में ज्यादा तनाव में दिख रहा था. तिहाड़ जेल के सूत्रों का कहना है कि विनय को जेल के अंदर तेजी से चहलकदमी करते देखा जा रहा था. बताया जा रहा है कि जेल के नियमों के उल्लंघन के आरोप में विनय को सबसे ज्यादा सजा तिहाड़ जेल में मिली है. इसके अलावा विनय उन लोगों में भी शामिल बताया जा रहा है जिसने तिहाड़ के अंदर पेंटिंग की.





परिजनों को हफ्ते में 2 बार मिलने की है अनुमति
निर्भया कांड के दोषियों के परिजनों को सप्ताह में दो बार मुलाकात करने की अनुमति दी गई है. दोषी अक्षय की पत्नी ने उससे आखिरी बार नवंबर में मुलाकात की थी. फांसी की तारीख तय होने के बाद अक्षय से किसी ने मुलाकात नहीं की है. वैसे वो फोन पर लगातार अपनी पत्नी से बातचीत करता है. वहीं, मुकेश की मां उससे मुलाकात करने आती हैं. इनके अलावा एक अन्‍य दोषी पवन के परिजन भी यहां आते रहते हैं.

आखिरी बार मुलाकात के लिए दी जाएगी सूचना
जेल के नियमों के अनुसार, दोषियों को फांसी देने से पहले उन्हें यह बताया जाएगा कि वे फांसी से पहले अपने परिजनों से मिल सकते हैं.

निर्भया कांड, जल्लाद, फांसी, फीस, तिहाड़ जेल, Nirbhaya Scandal, Hangman, Hanged, Fees, Tihar Jail
अंतिम बार फांसी 2015 में याकूब मेनन को फांसी हुई थी. (प्रतीकात्मक फोटो)


नियमों के उल्लंघन पर मिली है सजा
तिहाड़ के सूत्रों ने यह भी बताया कि अक्षय को जेल के अंदर एक बार सजा मिली है. जबकि मुकेश को 3 बार, पवन को 8 बार और विनय को जेल के नियमों के उल्लंघन के आरोप में 11 बार सजा मिली है. वहीं, जेल के अंदर काम करके अक्षय ने 69,000, विनय ने 39,000 रुपए और पवन ने 29 हजार रुपए कमाए हैं. अन्य दोषी मुकेश ने इस दौरान कोई भी काम नहीं किया.

जेल के अंदर कराया था एडमिशन
निर्भया के दोषियों में से पवन और अक्षय ने 2016 में 10वीं क्लास में एडमिशन लिया था. इसके बाद इन दोनों ने एग्जाम भी दिया, लेकिन पास नहीं हो सका था. वहीं, विनय ने एक बैचलर डिग्री की कोर्स में नामांकन तो कराया लेकिन उसे वो पूरा नहीं कर सका.

दोषियों ने इस बात की अब तक नहीं दी है जानकारी
दोषियों ने इस बात की अभी तक जानकारी नहीं दी है कि उनके दैनिक आय उनकी मौत के बाद किसे दी जाएगी. बता दें कि दोषियों ने तिहाड़ जेल में रहने के दौरान कमाई की है. सूत्रों का कहना है कि अगर दोषी यह निर्णय नहीं लेते हैं तो इसे इनके परिजनों को सौंप दी जाएगी.

ये भी पढ़ें: 

निर्भया के दोषियों की फांसी का रास्ता साफ, SC ने खारिज की विनय-मुकेश की याचिका

दिल्ली पुलिस ने शुरू की कालिंदी कुंज-शाहीन बाग रोड को खाली कराने की प्रकिया
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading