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दोषियों की फांसी टलने पर निर्भया की मां बोली- डगमगा गया है विश्वास
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News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 11:33 AM IST
दोषियों की फांसी टलने पर निर्भया की मां बोली- डगमगा गया है विश्वास
निर्भया की मां आशा देवी ने फांसी टलने पर निराशा जाहिर की है. (फाइल फोटो)

निर्भया (Nirbhaya) की मां आशा देवी (Asha Devi) ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि उन्‍हें समझ नहीं आ रहा वह अब क्‍या कहें.

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  • Last Updated: February 2, 2020, 11:33 AM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप और हत्या (Nirbhaya Gang Rape) मामले के दोषियों की फांसी की सजा रोकने संबंधी निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने वाली केंद्र सरकार की याचिका पर रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी. इस पर निर्भया की मां आशा देवी (Asha Devi) का कहना है कि अब तो इतना विश्वास डगमगा गया है कि जब तक दोषियों को फांसी नहीं हो जाती, तब तक कुछ भी नहीं कह सकती.

आशा देवी ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा, 'समझ नहीं आ रहा है क्या कहूं. आरोपियों की फांसी फिर से टल गई है. अब तो इतना विश्वास डगमगा गया है कि जब तक फांसी नहीं हो जाती कुछ नहीं कह सकती. उम्मीद पर दुनिया कायम है. हाईकोर्ट में आज (2 फरवरी) फिर सुनवाई है. अब जब फैसला आएगा तभी कुछ सोच पाएंगे.'

'हाई कोर्ट के फैसले से उम्मीद'
आशा देवी ने कहा, 'आरोपियों को दो-दो बार जेल की तरफ से नोटिस मिले हैं, फिर भी ये अलग-अलग याचिका डाल रहे हैं. पूरी दुनिया को दिख रहा है कि कानून के साथ खिलवाड़ हो रहा है. लेकिन, अब मेरे पास कोई दूसरा रास्ता नहीं है. उम्मीद करती हूं कि रविवार को फैसला हमारे हक में हो. बहुत हो गया कानून का मजाक. अब इन्हें फांसी मिल ही जानी चाहिए.'

कोर्ट ने तिहाड़ प्रबंधन से भी मांगा जवाब
बता दें, शनिवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चारों दोषियों से जवाब मांगा था. न्यायमूर्ति सुरेश कुमार की एकल पीठ ने केंद्र और तिहाड़ प्रशासन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की. न्यायमूर्ति सुरेश कुमार ने चारों दोषियों मुकेश कुमार, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और अक्षय सिंह को नोटिस जारी किया है. अदालत ने महानिदेशक (कारावास) और तिहाड़ जेल के अधिकारियों को भी नोटिस भेजकर केंद्र सरकार की याचिका पर उनका रुख पूछा. महानिदेशक (कारावास) के वकील ने अदालत को बताया कि उसके आदेश का पालन किया जाएगा. सुनवाई के दौरान सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से कहा कि निर्भया मामले में दोषियों ने कानून की प्रक्रिया को मजाक की तरह लिया है और फांसी को लंबित कराने में लगे हैं.

एक-एक कर दाखिल कर रहे अर्जियांउन्होंने दलील दी कि इस आवेदन में ऐसा कोई भी कारण नहीं बताया गया है, जिसकी न्यायिक जांच की जा सके. उन्होंने कहा कि सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो जाने के बावजूद चारों दोषी अपनी सजा की तारीख बढ़ाने के लिए एक-एक कर अर्जियां दाखिल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो जघन्य अपराध का ये मामला दोषियों द्वारा कानून के दुरुपयोग को लेकर इतिहास में दर्ज हो जाएगा और कभी समाप्त नहीं होगा.

चारों दोषियों को फांसी कब होगी?
उधर निर्भया गैंगरेप मामले के चारों दोषियों को फांसी कब होगी? हर कोई ये जानना चाह रहा है लेकिन इसकी फाइनल तारीख अभी तय नहीं हो सकी है. तिहाड़ जेल के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा दोषी विनय शर्मा की दया याचिका खारिज होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन, पटियाला हाउस कोर्ट से बात कर चारों की फांसी की तारीख तय कर रहा है. निर्भया गैंगरेप कांड के दोषी अक्षय ठाकुर ने अब राष्ट्रपति के समक्ष (सामने) दया याचिका दायर की है. राष्ट्रपति इससे पहले दो दोषियों (मुकेश और विनय) की दया याचिका खारिज कर चुके हैं. राष्ट्रपति ने एक अन्य दोषी विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति खारिज कर दी थी.

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First published: February 2, 2020, 11:08 AM IST
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