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दोषियों को फांसी के मामले में बोलीं निर्भया की मां- मैं हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करती हूं

निर्भया की मां आशा देवी ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, 'मैं हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करती हूं.

निर्भया की मां आशा देवी ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि, 'मैं हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करती हूं.

निर्भया की मां आशा देवी ने कहा है, 'मैं दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के आदेश का स्वागत करती हूं... वे (दोषी) फांसी की सजा में देरी के लिए सभी तरह की कोशिश कर रहे हैं. अब हाईकोर्ट ने दोषियों को एक हफ्ते में सभी कानूनी विकल्प आजमा लेने की मोहलत दे दी है.'

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    नई दिल्ली. 'निर्भया' गैंगरेप और हत्या मामले (Nirbhaya Gangrape and Murder Case) में दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की अर्जी खारिज करते हुए बुधवार को कहा कि दोषियों को एक साथ ही फांसी हो सकती है. हाईकोर्ट ने निर्भया के दोषी विनय, पवन, अक्षय और मुकेश को सभी कानूनी विकल्प अपनाने के लिए एक हफ्ते की मोहलत दी है. निर्भया की मां आशा देवी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है, 'मैं हाईकोर्ट के आदेश का स्वागत करती हूं... वे (दोषी) फांसी की सजा में देरी के लिए सभी तरह की कोशिश कर रहे हैं. अब हाईकोर्ट ने दोषियों को एक हफ्ते में सभी कानूनी विकल्प आजमा लेने की मोहलत दी है.'

    हाईकोर्ट ने केंद्र की दलील खारिज कर दी
    केंद्र सरकार ने इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि चारों दोषी न्यायिक प्रक्रिया का गलत फायदा उठा रहे हैं. लिहाजा जिन दोषियों की दया याचिका खारिज हो चुकी है या किसी भी फोरम में उनकी कोई याचिका लंबित नही हैं, उनको फांसी पर लटकाया जाए. किसी एक दोषी की याचिका लंबित होने पर बाकी 3 दोषियों को फांसी से राहत नहीं दी जा सकती. हालांकि, कोर्ट ने केंद्र की इस दलील को खारिज कर दिया. कोर्ट के इस फैसले से साफ हो गया है कि निर्भया के दोषियों को अब जल्द ही फांसी मिल सकेगी.

    क्या है निर्भया गैंगरेप का मामला
    बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिकल स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी. दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे. इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए. इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट की और गैंगरेप किया था.

    इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था. बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था. यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी. घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया’ दिया गया था.

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