अपना शहर चुनें

States

गायत्री परिवार के प्रमुख पर युवती ने 10 साल बाद क्‍यों लगाया रेप का आरोप? जानिए पूछताछ में क्‍या दिया जवाब

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.  (सांकेतिक फोटो)
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. (सांकेतिक फोटो)

गायत्री परिवार (Gayatri Parivar) के प्रमुख डॉ. प्रणव पांड्या (Dr. Pranav Pandya) पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता ने पूछताछ में दिल्‍ली पुलिस के समक्ष कई खुलासे किए हैं.

  • Share this:
नई दिल्‍ली. छत्‍तीसगढ़ मूल की युवती का आरोप है कि 10 साल पहले गायत्री परिवार (Gayatri Parivar) के प्रमुख डॉ. प्रणव पांड्या (Dr. Pranav Pandya) ने उनके साथ तीन बार दुष्‍कर्म किया था. इस आरोप पर जब दिल्‍ली पुलिस की महिला अधिकारी का पहला सवाल था कि वह इतने सालों तक वह खामोश क्‍यो रहीं? महिला पुलिस अधिकारी के इस सवाल पर रेप पीड़िता ने कहा कि डॉ. पांड्या का खौफ उनके दिलोदिमाग पर इस कदर हावी था कि 10 वर्षों तक उनके खिलाफ पुलिस में जाने की हिम्‍मत नहीं जुटा पाई. निर्भया मामले में दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों को फांसी मिलने के बाद उनके भीतर भी न्याय पर भरोसा जग गया. पूछताछ में युवती ने बताया कि अपनों ने भी उन्‍हें हिम्‍मत दी और उन्‍होंने दिल्‍ली में एफआईआर (FIR) कराने का फैसला लिया.

पूरे मामले में डॉ. पांड्या की पत्‍नी की क्‍या है भूमिका
महिला पुलिस अधिकारी ने पीड़िता से पूछा कि पूरे मामले में डॉ. प्रणव पांड्या की पत्‍नी शैलबाला पांड्या की क्‍या भूमिका है? जवाब में पीड़िता ने बताया कि साल 2010 में वह महज 14 साल की थी. गायत्री परिवार से प्रेरित होकर उनके परिजनों ने उन्‍हे हरिद्वार भेज दिया था. वहीं पर वह गायत्री परिवार आश्रम में दर्जनों लडकियों के साथ रहती थीं. उसी आश्रम में पीड़िता के साथ डॉ. पांड्या ने तीन बार दुष्‍कर्म किया. उसे धमकी दी गई कि किसी को बताया तो अंजाम बहुत बुरा होगा. बाबजूद इसके, उन्‍होंने इसकी जानकारी डॉ. पांड्या की पत्नी शैलबाला को दी, लेकिन उन्‍होंने उनकी कोई मदद नहीं की. पीड़िता का आरोप यह भी है कि शैलबाला ने उन्‍हें धमकी दी कि अगर अपनी जान बचानी है, तो इसका जिक्र किसी से भी न करना. उसके बाद वह चुपचाप कुछ वक्त बिताने के बाद अपने घर लौट आई .

यह भी पढ़ें: छत्‍तीसगढ़ की युवती से दुष्‍कर्म का आरोप झेल रहे शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या की पूरी कहानी
दिल्‍ली में ही मामले की जांच कराना चाहती है पीड़िता


दिल्ली के शहादरा जिला में स्थित विवेक विहार थाना में पीड़िता की शिकायत पर जीरो एफआईआर दर्ज कर ली गई है. नियमानुसार, अब इस जीरो एफआईआर को उत्‍तराखंड के हरिद्वार में ट्रांसफर कर दिया जाएगा. इस मामले में आगे की तफ्तीश हरिद्वार पुलिस करेगी. लेकिन, पीड़िता ऐसा नहीं चाहती है. पीड़िता पक्ष के सूत्रों की मानें तो वह आने वाले दिनों में कोर्ट में याचिका दायर कर अपील करेगी कि इस मामले की तफ्तीश दिल्ली पुलिस ही करे. वहीं, डॉ. पांड्या पर दुष्‍कर्म का आरोप लगाने वाली इस युवती ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज करवाने के पहले प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय महिला आयोग में अपनी शिकायत दर्ज करवा दी है.



यह भी पढ़ें: शांतिकुंज आश्रम के प्रमुख डॉ. प्रणव पांड्या पर रेप का आरोप, कहा-लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज