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निजामुद्दीन मामला: मीटिंग के बाद CM केजरीवाल ने मरकज पर FIR के लिए LG को लिखा पत्र
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Updated: March 31, 2020, 1:02 PM IST
निजामुद्दीन मामला: मीटिंग के बाद CM केजरीवाल ने मरकज पर FIR के लिए LG को लिखा पत्र
निजामुद्दीन मरकज में जमात में शामिल होने वाले इंडोनेशिया के 8 लोग यूपी के बिजनौर में मिले हैं. File Photo

तब्लीगी जमात (Tabligi Jamaat) मरकज़ का दावा है कि वो इस पूरे मामले में पल-पल की जानकारी दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और सरकार के नुमाइंदों को दे रहा था.

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  • Last Updated: March 31, 2020, 1:02 PM IST
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नई दिल्ली. निजामुद्दीन मरकज़ (Nizamuddin Markaz) मामले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind kejriwal) की मीटिंग खत्म हो चुकी है. सीएम केजरीवाल ने मरकज़ में इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर एफआईआर दर्ज कराने के लिए उपराज्यपाल (LG) को पत्र लिखा है. इससे पहले सोमवार की रात दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सतेन्द्र जैन ने भी एफआईआर के लिए एलजी को पत्र लिखा था. सूत्रों की मानें तो जल्द ही हजरत निजामुद्दीन थाने में एफआईआर दर्ज हो सकती है. वहीं मरकज का दावा है कि वो इस पूरे मामले में पल-पल की जानकारी दिल्ली पुलिस (Delhi Police) और सरकार के नुमाइंदों को दे रहा था.

मरकज का आरोप, 17 गाड़ियों के लिए एसडीएम से मांगा था कर्फ्यू पास

मरकज़ के वकील फैज़ुल अय्यूबी का कहना है कि मरकज की ओर से एसडीएम को कर्फ्यू पास के लिए पत्र लिखा गया था. 17 गाड़ियों के लिए पास की मांग की गई थी, ताकि दूर रहने वाले लोगों को उनके घरों तक भेजा जा सके. 22 मार्च को जनता कर्फ्यू और उसके बाद लॉकडाउन के चलते कहीं भी निकलना मुश्किल हो गया था. ट्रेन तक बंद हो चुकी थीं, जिससे दूर-दराज से आए हुए लोगों को भेजना मुश्किल था. 26 मार्च को हमें एसडीएम दफ्तर बुलाया गया और डीएम से भी बात कराई गई.



25 मार्च को तहसीलदार और मेडिकल टीम ने की थी जांच



एडवोकेट अय्यूबी का कहना है कि 25 मार्च को तहसीलदार और एक मेडिकल टीम मरकज़ में आई थी. उन्होंने लोगों की जांच की थी. 27 मार्च को 6 लोगों की तबीयत खराब हो गई. उन्हें मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया. 28 मार्च को एसडीएम और डब्ल्यूएचओ की टीम 33 लोगों को जांच के लिए ले गई. उन्हें राजीव गांधी कैंसर अस्पताल में रखा गया.

मरकज में शामिल हुए 16 देशों के लोग

इस बीच निजामुद्दीन मरकज में विदेशी नागरिकों के मामले में एक बड़ा खुलासा यह हुआ है कि इसमें देश के विभिन्न राज्यों के अलावा 16 अलग-अलग देशों के नागिरक भी शामिल हुए थे. तब्लीगी जमात में शामिल होने के लिए नेपाल, मलेशिया, अफगानिस्तान, म्यांमार, अल्जीरिया, जिबूती, किर्गिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, बांग्लादेश, इंग्लैंड, सिंगापुर, फिजी, फ्रांस और कुवैत के नागरिक आए थे. मरकज़ से निकाले गए लोगों को दिल्‍ली के विभिन्‍न अस्‍पतालों में भर्ती करवाया गया है.

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निजामुद्दीन मामला: मरकज़ का दावा- 17 वाहनों के लिए मांगा था कर्फ्यू पास, नोटिस का भी दिया था जवाब
First published: March 31, 2020, 12:36 PM IST
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