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भ्रष्टाचार के आरोप में नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधक निलंबित, अब होगी आगे की कार्रवाई

भ्रष्टाचार के आरोप में नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधक निलंबित, अब होगी आगे की कार्रवाई

बंसल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी अन्य स्रोतों से मिली है. इस बारे में पहले से न कोई आरोप पत्र दिया गया और न ही किसी तरह का स्पष्टीकरण मांगा गया है. (सांकेतिक फोटो)

बंसल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी अन्य स्रोतों से मिली है. इस बारे में पहले से न कोई आरोप पत्र दिया गया और न ही किसी तरह का स्पष्टीकरण मांगा गया है. (सांकेतिक फोटो)

Noida News: बंसल पर अपने परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनाती के दौरान किसानों के पुराने भूखंड का आवंटन निरस्त करने और नियोजित भूखंड आवंटित करने का आरोप है. राज्य सरकार ने इसे नियमों के खिलाफ माना और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से निलंबन का आदेश जारी किया गया.

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नोएडा. उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के प्रबंधक (विद्युत/यांत्रिकी) गौरव बंसल को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर दिया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी. नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु महेश्वरी ने बताया कि गौरव बंसल को उत्तर प्रदेश शासन ने निलंबित किया है. निलंबन की वजह ग्रेटर नोएडा में किसानों के भूखंड के आवंटन का मामला है. अब शासन के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बंसल पर अपने परिचितों को फायदा पहुंचाने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में तैनाती के दौरान किसानों के पुराने भूखंड का आवंटन निरस्त करने और नियोजित भूखंड आवंटित करने का आरोप है. राज्य सरकार ने इसे नियमों के खिलाफ माना और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार की ओर से निलंबन का आदेश जारी किया गया. आरोप है कि 2017-18 में ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के कृषक आबादी विभाग में प्रबंधक के पद पर तैनाती के दौरान बंसल ने तुस्याना ग्राम के कृषक आबादी के पुराने भूखंडों के आवंटन को निरस्त अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर किया था. बाद में उन्होंने नियोजित भूखंडों का आवंटन भी कर दिया गया. इसका सक्षम प्राधिकारी से अनुमोदन नहीं कराया गया.

इससे प्राधिकरण और सरकार की छवि धूमिल हुई है
शासन का मानना है कि इस प्रकार का कदम कदाचार और भ्रष्टाचार का मामला है जो जानबूझकर नजदीकी लोगों को फायदा पहुंचाने की नियत से किया गया और पद के दायित्व के मामले में घोर लापरवाही बरती गई. इससे प्राधिकरण और सरकार की छवि धूमिल हुई है. गौरव का यह काम उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक कर्मचारी नियमावली 1956 का उल्लंघन है, जिसके लिए उनको प्रथमदृष्टया दोषी पाने के कारण निलंबित कर दिया गया है. साथ ही, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की भी अनुशंसा की गई है. वही, बंसल ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी अन्य स्रोतों से मिली है. इस बारे में पहले से न कोई आरोप पत्र दिया गया और न ही किसी तरह का स्पष्टीकरण मांगा गया है.

Tags: Noida Authority, Noida news, Noida Police

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