नोएडा: कुत्ता पालना है तो कराना होगा रजिस्ट्रेशन, अनदेखी पर लगेगा 5000 रुपये जुर्माना
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नोएडा: कुत्ता पालना है तो कराना होगा रजिस्ट्रेशन, अनदेखी पर लगेगा 5000 रुपये जुर्माना
नोएडा में अब कुत्ता पालने के लिए सालाना 500 रुपया फीस चुकानी होगी. (सांकेतिक तस्वीर)

नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) ने कुत्ता (Dogs) पालने को लेकर नई योजना बनाई है. इसके तहत पेट्स के मालिकों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिसकी सालाना फीस 500 रुपये होगी.

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  • Last Updated: August 17, 2020, 7:36 PM IST
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नोएडा. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अब कुत्ता पालने के लिए आपको कुछ सरकारी नियमों का पालन करना होगा. जी हां, नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) एक नई योजना लाने जा रहा है, जिसके तहत अब पेट्स लवर्स (Dogs) को पालने के लिए रजिस्ट्रेशन (Registration) कराना होगा. इसके लिए 500 रुपये प्रति वर्ष देना होगा. नियमों की अनदेखी करने पर प्राधिकरण ने 5000 रुपये जुर्माने (Penalty) का भी प्रावधान रखा है.

नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी इंदु प्रकाश ने बताया कि कुत्ता पालने को लेकर एक नई योजना बनाई गई है. इसके तहत जिन लोगों को अपने घरों में पेट्स रखने हैं, तो इसके लिए पहले रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा. रजिस्ट्रेशन फीस 500 रुपये प्रतिवर्ष रखी गई है. इंदु प्रकाश ने कहा कि नियमों की अनदेखी करने पर 5000 रुपये जुर्माना देना होगा.

चिप से कुत्तों की ट्रैकिंग
नोएडा प्राधिकरण ने पेट्स के रजिस्ट्रेशन के लिए टेंडर भी निकाला है. इसके तहत टेंडर लेने वाली एजेंसी को पेट्स के सभी रिकॉर्ड मेंटेन करने होंगे. टेंडर लेने वाली एजेंसी कुत्तों का रजिस्ट्रेशन करेगी और गले में लगे पट्टे में एक चिप भी लगाएगी. प्राधिकरण का मानना है कि चिप लगने के बाद कुत्तों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा. इसके साथ-साथ संबंधित एजेंसी कुत्तों के वैक्सीनेशन का भी रिकॉर्ड रखेगी.
योजना का विरोध शुरू


नोएडा अथॉरिटी के इस कदम का कुछ पेट लवर्स विरोध भी कर रहे हैं. रेस्क्यू के बाद एक कुत्ते को अपने घर लाकर रखने वाली अरुणिमा वाजपेयी का कहना है कि कुछ लोग कुत्तों को बचाकर भी लाते हैं और उनको पालते हैं. ऐसे में उन पर रजिस्ट्रेशन शुल्क लगाना ठीक नहीं है.

प्राधिकरण की ये है दलील
हालांकि प्राधिकरण की दलील है कि इस कदम के पीछे पालतू कुत्तों के साथ होने वाली हिंसा रोकना है. साथ ही उनके वैक्सीनेशन आदि का खयाल रखना भी है. जिससे सोसाइटी के लोगों को कोई खतरा न हो. प्राधिकरण के मुताबिक ज़्यादातर RWA इसका समर्थन कर रहे हैं.
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