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गुड न्यूज: अब जेवर एयरपोर्ट के पास होगा तेजी से विकास, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से खत्म हुई यह बाधा

अब जेवर एयरपोर्ट के पास होगा तेजी से विकास, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से खत्म हुई यह बाधा

अब जेवर एयरपोर्ट के पास होगा तेजी से विकास, सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से खत्म हुई यह बाधा

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा. जेवर एयरपोर्ट के आसपास ऐसे बहुत सारे प्रोजेक्ट जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों की वजह से रुके हुए थे.

नई दिल्ली: दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर के जेवर एयरपोर्ट के पास अब तेजी से विकास होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद विकास की राहें खुल गई हैं. गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जेवर एयरपोर्ट के आसपास विकास और तेजी से आगे बढ़ेगा. जेवर एयरपोर्ट के आसपास ऐसे बहुत सारे प्रोजेक्ट जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों की वजह से रुके हुए थे. दरअसल, किसानों को 64.7% अतिरिक्त मुआवजा मिलना था लेकिन हाईकोर्ट के एक आदेश ने मुआवजे पर ब्रेक लगा दिया था. यमुना अथॉरिटी ना तो किसानों को मुआवजा दे पा रही थी और न ही उनसे उनकी जमीन ले पा रही थी. इसकी वजह से अथॉरिटी के कई सारे बड़े प्रोजेक्ट जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों की वजह से फंसे हुए थे.

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने फैसले में साफ कर दिया कि किसानों को 64.7% मुआवजा दे दिया जाए. इससे यमुना अथॉरिटी की विकास योजनाओं में रोड़े भी खत्म हो गए. इस फैसले के बाद यमुना अथॉरिटी के क्षेत्र में 13 हजार आवंटियों को भूखंड पर जल्द कब्जा मिलने की उम्मीद भी जगी है.

‘अखिलेश की सरकार का मामला’
यमुना प्राधिकरण के किसानों ने सपा सरकार में नोएडा, ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा की मांग की थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राजेंद्र चौधरी की अध्यक्षता में समिति गठित कर इस पर रिपोर्ट मांगी थी. समिति ने सितंबर 2013 में अपनी रिपोर्ट देते हुए किसानों को शर्त के साथ 64.7 प्रतिशत मुआवजा देने की सिफारिश की थी. सरकार ने 2014 में शासनादेश जारी किया और अतिरिक्त मुआवजे की राशि आवंटियों से वसूलने का आदेश दिया, लेकिन कुछ बड़े आवंटी हाईकोर्ट चले गए थे.

हाईकोर्ट ने शासनादेश रद्द कर दिया था
हाईकोर्ट ने मई 2020 में फैसला देते हुए शासनादेश को रद्द कर दिया. हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार प्राधिकरण को शासनादेश जारी नहीं कर सकती है. शासनादेश निरस्त होने तक प्राधिकरण 20495 किसानों को 1688 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजा राशि बांट चुका था. प्राधिकरण व प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष याचिका दायर की थी जिस पर अब फैसला आया है. इस फैसले से सात हजार किसानों को फायदा होगा. अब इन किसानों को मुआवजा जल्द मिलने की उम्मीद बढ़ गई है. यमुना प्राधिकरण इन किसानों को करीब 2 हजार करोड़ रुपये मुआवजा के तौर पर देगा.

‘फिल्म सिटी सहित इन योजनाओं को फायदा’
यमुना प्राधिकरण की कई परियोजनाओं को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहत मिलेगी. कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं जैसे फिल्म सिटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 60 मीटर सड़क, ईस्टर्न पेरिफेरल और यमुना एक्सप्रेस वे को जोड़ने के लिए इंटरचेंज का निर्माण अब जल्द शुरू हो पाएगा. औद्योगिक सेक्टर 33, 29, भी अब जल्द तैयार हो जाएगा.

Tags: Delhi news

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