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कोरोना संकट में मसीहा बना नोएडा का ये युवक, 700 आवारा कुत्तों को रोज देता है खाना

लॉकडाउन में पिछले दो महीने से विदित कुत्तों को खाना दे रहे हैं. (सौ. एएनआई)
लॉकडाउन में पिछले दो महीने से विदित कुत्तों को खाना दे रहे हैं. (सौ. एएनआई)

पिछले दो महीने से विदित नोएडा में घूम-घूम कर आवारा कुत्तों (Street Dogs) को खाना खिला रहे हैं. उनका ये सिलसिला अपने इलाके के चार कुत्तों से शुरू हुआ. और अब वो 700 कुत्तों को रोजाना दो वक्त का खाना (Food) दे रहे हैं.

  • News18.com
  • Last Updated: June 15, 2020, 6:09 PM IST
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नोएडा. लॉकडाउन (Lockdown) में ऑफिस बंद रहने के कारण नोएडा के एक युवक ने अपने खाली समय को आवारा कुत्तों (Street Dogs) की सेवा में लगाने का फैसला लिया. कोरोना संकट (Corona Crisis) में इंसान क्या, जानवर भी परेशान हैं. खासकर आवार कुत्ते, क्योंकि रेस्टोरेंट और होटल बंद होने की वजह से इन्हें बचा हुआ खाना खाने को नहीं मिल रहा था. लोगों ने भी कुत्तों को खाना देना छोड़ दिया. कुत्तों की इस दशा पर विदित शर्मा को दया आ गई और उन्होंने कुत्तों को भूखे नहीं रहने देने का फैसला लिया. विदित दिन में दो बार नोएडा (Noida) की गलियों में आवारा कुत्तों को खाना देते हैं. वो एक ऑटोमोबाइल कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर हैं.

700 कुत्तों को रोज दे रहा खाना

पिछले दो महीने से विदित नोएडा में घूम-घूम कर आवारा कुत्तों को खाना खिला रहे हैं. उनका ये सिलसिला अपने इलाके के चार कुत्तों से शुरू हुआ. और अब वो 700 कुत्तों को रोजाना दो वक्त का खाना दे रहे हैं. विदित ने बताया कि वो पिछले चार साल से आवारा कुत्तों को खाना देते आ रहे हैं. लेकिन जब कोरोना के कारण लॉकडाउन हुआ, तो इस सेवा को और विस्तार दिया. चूंकि ये आवारा कुत्ते रेस्टोरेंट, होटल के बचे-खुचे खानों पर जीते हैं. लेकिन लॉकडाउन में सबकुछ बंद हो गया. इसलिए मैंने इन्हें खाना देना शुरू किया. पहले चार कुत्तों से शुरू की और अब 700 कुत्तों को रोजाना खाना दे रहे हैं.



कुत्तों के लिए हर दिन अलग-अलग खाना बनता है
विदित ने बताया कि अब उनका ऑफिस खुल गया है. इसलिए वो अब केवल रात में कुत्तों को खाना खिलाने निकलते हैं. दिन के लिए उन्होंने एक रिक्शावाले को हायर किया है, जो उनकी अनुपस्थिति में कुत्तों को खाना पहुंचाते हैं. बतौर विदित कुत्तों के लिए वो रोज सौ किलो चावल बनवाते हैं. जिसनें दो सौ अंडे और सोयाबीन मिलाकर कुत्तों के लिए खाना तैयार करवाते हैं. कभी-कभी रोटी, दलिया और दूध भी कुत्तों को दिया जाता है. हर दिन का खाना अलग-अलग होता है.

एक्सीडेंट से बचाने के लिए कुत्तों के गले में रेडियम का पट्टा 

विदित की माने तो अब ये आवारा कुत्ते उनके आने का इंतजार करते रहते हैं. रात में एक्सीडेंट से बचाने के लिए उन्होंने कुत्तों के गले में रेडियम का पट्टा बांधना भी शुरू किया है. इस पट्टे से दूर ड्राइवरों को कुत्ते के होने का पता चल जाता है. विदित ने बताया कि फिलहाल उन्होंने 360 रुपये की दर से 60 पट्टे खरीदे हैं. आगे एक हजार पट्टे खरीदकर कुत्तों के गले में लगाने की योजना है.

विदित ने बताया कि कुत्तों के प्रति उनकी इस सेवा में उन्हें लोगों का भी साथ मिल रहा है. कुछ लोग पैसों से मदद कर रहे हैं. एक दुकानदार सस्ते दाम में चावल, तो दूसरा दुकानदार कम दाम में दूध मुहैया करा रहा है. इस काम में उनके एक दोस्त भी उनका साथ दे रहे.

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