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राजीव गांधी अस्पताल में बंद हुई Non Covid सेवाएं, हॉर्ट पैशेंट को होगी बड़ी परेशानी, सिर्फ कोरोना मरीजों का होगा इलाज!

राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अब जनरल सेवाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अब जनरल सेवाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

Corona in Delhi: दिल्ली सरकार (Delhi Government) के यमुनापार के बड़े अस्पताल राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में जनरल सेवाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं. अस्पताल में चल रही सभी नॉन कोविड सर्विसेज को अगले आदेशों तक निलंबित कर दिया है. अस्पताल में 14 से ज्यादा गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 9, 2021, 12:27 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में बढ़ते कोरोना (Corona) संक्रमण पूरी तरीके से बेकाबू होता जा रहा है. ऐसे में जहां स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने का काम जोर शोर से किया जा रहा है. वहीं, मौजूदा अस्पतालों में नॉन कोविड सर्विसेज को बंद करने के फैसले भी लिए जा रहे हैं.

दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल एम्स में जहां ओपीडी के बाद जनरल सर्जरी को बंद करने का फैसला लिया गया. वहीं, दिल्ली सरकार (Delhi Government) के यमुनापार के बड़े अस्पताल राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भी अब जनरल सेवाओं को बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं.

ऐसा करने के पीछे बड़ी वजह यह है कि अस्पतालों में अब मरीजों की संख्या बढ़ रही है और बेड्स कम पड़ रहे हैं. इसके चलते नॉन कोविड  अस्पताल बनाने की कवायद तेज कर दी गई है जिससे कि अस्पतालों में बेड्स की कमी ना रहे. दिल्ली सरकार एलएनजेपी अस्पताल में भी अपनी जनरल सेवाओं को कम कर चुकी है.



अस्पताल प्रशासन की ओर से आदेश जारी करते हुए कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में अस्पताल में चल रही सभी नॉन कोविड सर्विसेज को अगले आदेशों तक निलंबित किया जाता है. इस आदेश के बाद अब यह साफ हो गया है कि अस्पताल में 14 से ज्यादा गंभीर बीमारियों का इलाज पूरी तरीके से बंद कर दिया गया है.
इस अस्पताल में विशेष रुप से कार्डियोलॉजी, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, थोरेऐक सर्जरी, वैस्कुलर सर्जरी, क्रिटिकल केयर, एंडॉक्रिनलॉजी एंड डायबिटीज, यूरोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट, जीआई सर्जरी, मिनीमैली इनवेसिव सर्जरी, पल्मनोलॉजी, कलीनिकल हैमाटोलॉजी समेत कुल 14 विशेष विभागों में अलग-अलग बीमारियों का इलाज किया जाता है.

अस्पताल में इन सभी चिकित्सा सेवाओं के बंद होने के बाद नॉन कोविड पेशेंट के लिए बड़ी समस्या भी खड़ी हो जाएगी. अस्पताल में हार्ट के पेशेंट के लिए भी बड़ी समस्या पैदा हो जाएगी. यहां पर दिल्ली के अलावा आसपास के राज्यों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं.

अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन और बच्चों से जुड़ी हुई बीमारियों का भी इलाज किया जाता है. इसमें विशेष रूप से जॉइंट्स बोन, कनेक्टिव टिशु एंड ऑटोइम्यून बीमारियों का विशेष रूप से इलाज किया जाता है. विशेष रुप से संधिवातीयशास्त्र  (Rheumatology) बीमारियों का इलाज किया जाता है.

बताते चलें कि गुरुवार को पिछले 24 घंटे में अब तक के सभी रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 7437 मामले रिकॉर्ड किए गए. वही, पिछले 24 घंटे में 24 लोगों की कोरोना की वजह से मौत भी हुई थी. दिल्ली में संक्रमित एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 23181 हो गई थी. मौतों का आंकड़ा अब बढ़कर 11157 पहुंच गया. पिछले 24 घंटे में गुरुवार को पॉजिटिविटी रेट 8.10 फ़ीसदी रिकॉर्ड किया गया था.

अस्पतालों में भी अब बेड्स पर मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है. गुरुवार तक अस्पतालों में 8813 बेड्स की व्यवस्था थी जिसमें से 4212 पर मरीज भर्ती हैं. 4601 अभी खाली हैं. डेडीकेटेड कोविड केयर सेंटर में 5525 की व्यवस्था है जिस पर 100 मरीज भर्ती हैं. अब 5417 बेड खाली हैं. वहीं डेडीकेटेड हेल्थ केयर सेंटर में भी अब मरीज भर्ती होने लगे हैं. इनमें 82 बेड्स की व्यवस्था की गई है जिस पर 65 मरीज भर्ती हैं सिर्फ 17 ही बेड खाली हैं.

दिल्ली में अब समग्र पॉजिटिविटी रेट बढ़ कर 4.57 फ़ीसदी हो गया है. कुल समग्र पॉजिटिव मरीजों की संख्या अब बढ़कर 6,98,005 हो गई है. वहीं, रिकवर्ड करने वालों की संख्या 6,63,667 रिकॉर्ड की गई है. कोरोना की वजह से मृत्यु दर 1.6% हो चुकी है.
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