COVID 19: दिल्ली ही नहीं, दूसरे राज्यों से चल रहे ब्लैक मार्केटिंग रैकेट का किया भंड़ाफोड़, डेढ़ माह में खूब हुईं अरेस्टिंग!

दिल्ली पुलिस ने डेढ़ माह के दौरान करीब 650 मामले दर्ज किए हैं. करीब 370 लोगों को गिरफ्तार भी किया हैं. (प्र‍तीकात्‍मक इमेज)

दिल्ली पुलिस ने डेढ़ माह के दौरान करीब 650 मामले दर्ज किए हैं. करीब 370 लोगों को गिरफ्तार भी किया हैं. (प्र‍तीकात्‍मक इमेज)

दिल्ली पुलिस ने डेढ़ माह के दौरान करीब 650 मामले दर्ज किए हैं. वहीं, करीब 370 लोगों को गिरफ्तार भी किया हैं. फर्जीवाड़े के मामलों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा मामले वेस्ट जिला में 208 दर्ज किए गए हैं. वहीं, सेंट्रल जिला में 122, साउथ जिला में 190 के अलावा क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने भी क्रमश 3 और 15 मामले चीटिंग के दर्ज किए हैं.

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नई दिल्ली. दिल्ली (Delhi) में तेजी से घटते कोरोना (Corona) संक्रमित मरीजों के आंकड़ों के बाद अब दिल्ली सेफ जोन में जा चुकी है. अब हर रोज कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा एक फीसदी से भी नीचे रिकॉर्ड किया जा रहा है. लेकिन बीते डेढ़ माह के दौराना कोरोना ने जो तांडव दिल्ली में मचाया उससे करीब 13,000 से ज्यादा लोगों की मौत (Deaths) हुई है. अब तक 1 जून तक 24,299 लोगों की मौत कोरोना की वजह से हो चुकी है.

इस दौरान ऐसे लोगों का भी एक रिकॉर्ड तैयार हुआ है जोकि मदद के नाम पर ऑनलाइन चीटिंग, ठगी, मनी ट्रेलिंग, ब्लैक मार्केटिंग (Black Marketing) और दूसरे आरोपों में संलिप्त रहे. इन सभी पर दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने पैनी नजर रखते हुए ना केवल इस तरह के रैकेट्स का भंडाफोड़ किया बल्कि ऐसे समय में मानवता को शर्मसार करने वाले इन लोगों के खिलाफ ताबड़तोड़ मामले भी दर्ज किए और खूब गिरफ्तारियां भी की हैं.

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों बताते हैं कि अप्रैल माह मध्य से मई माह के आखिर तक इस तरह के लोगों के खिलाफ जमकर कार्रवाई की गईं. इन दौरान कोरोना महामारी से जुड़ी धोखाधड़ी की पुलिस को खूब शिकायतें मिली हैं जिन पर तुरंत FIR दर्ज की गईं.

25 अप्रैल से मई माह की बात करें तो इस बीते एक माह में दिल्ली पुलिस को करीब 800 शिकायतें मिलीं. सबसे ज्यादा शिकायतें 29 अप्रैल से 7 मई के बीच में पुलिस को मिली हैं.
कोरोना के बढ़ते मामलों और अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, दवाइयों और इंजेक्शन की भारी किल्लत के दौरान लोगों की ओर से सोशल मीडिया पर #SOS के जरिए मदद मांगी गई. इस मदद के दौरान लोगों ने अपने नंबर भी शेयर किए. वहीं, इस मदद के जरिए लोगों ने अपनी जेबों को भी भरने के लिए धोखाधड़ी का रास्ता अपनाया. धोखाधड़ी से जुड़े लोगों ने मदद मुहैया कराने के नाम पर लोगों से जमकर चीटिंग की.

इन जिलों में दर्ज हुए सबसे ज्यादा मामले

इसके चलते दिल्ली पुलिस ने डेढ़ माह के दौरान करीब 650 मामले दर्ज किए हैं. वहीं, करीब 370 लोगों को गिरफ्तार भी किया हैं. फर्जीवाड़े के मामलों की बात की जाए तो सबसे ज्यादा मामले वेस्ट जिला में 208 दर्ज किए गए हैं. वहीं, सेंट्रल जिला में 122, साउथ जिला में 190 के अलावा क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने भी क्रमश 3 और 15 मामले चीटिंग के दर्ज किए हैं.



फर्जीवाड़े के मामलों में खूब हुई गिरफ्तारियां

इतना ही नहीं, फर्जीवाड़े के मामलों में खूब गिरफ्तारियां भी हुई हैं. सबसे ज्यादा 133 वेस्ट जिला, साउथ जिला में 116, सेंट्रल जिला में 68 और क्राइम ब्रांच ने 44 और स्पेशल सेल ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है. चीटिंग के अलावा होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग की बात की जाए तो वेस्ट जिला में 38, साउथ जिला में 35, सेंट्रल जिला में 20 और क्राइम ब्रांच ने 14 और स्पेशल सेल ने एक मामला दर्ज किया है.

जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग, ओवरचार्जिंग के मामले खूब सामने आए

Delhi Police की ओर से की गई कार्रवाई के आंकड़ों की बात की जाए तो कोरोना के चरम पर होने के दौरान धोखाधड़ी, ठगी और ब्लैक मार्केटिंग से जुड़े लोगों ने इंटरस्टेट मूवमेंट के लिए ई पास बनवाने से लेकर लोगों के प्लाज्मा, टेस्टिंग, वैक्सीनेशन आदि की मांग का भी जमकर फायदा उठाया.

वहीं, जरूरी सामान की जमाखोरी, ब्लैक मार्केटिंग, ओवरचार्जिंग के मामले भी खूब सामने आए. लोगों ने दवाइयों, इंजेक्शन, मेडिकल उपकरण आदि सप्लाई करने के नाम पर जमकर ठगी की है. इस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर से लेकर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, फैबीफ्लू, टेबलेट, रेमेडीसिविर इंजेक्शन आदि की जबरदस्त मांग का फायदा ठगों ने उठाया है.

चीजों की जमाखोरी पर 108 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज

इतना ही नहीं दिल्ली पुलिस ने कोरोना काल के दौरान लोगों को ठगी जमाखोरी और दूसरी परेशानियों से बचाने के लिए और भी सख्त कदम उठाए थे. चीजों की जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए करीब 108 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए.

इस दौरान दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई का एक बड़ा प्रमाण यह भी है कि 482 लोगों के बैंक अकाउंट ब्लॉक करवाए गए. इतना ही नहीं एक करोड़ 19 लाख रुपए बैंकों में फ्रीज करवाए गए हैं. वहीं, 1,158 सिम कार्ड को भी सस्पेंड करवाया गया. इसके अलावा 233 मोबाइल नंबर ऐसे हैं जिनको दिल्ली पुलिस ने कोविड स्कैम (COVID Scam) के रूप में टैग किया है

कोरोना के पीक पर रहने के दौरान जिन चीजों की सबसे ज्यादा ब्लैक मार्केटिंग हुई उनमें ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, रेमेडीसिविर इंजेक्शन, फैबीफ्लू टेबलेट, फ्लो मीटर रेगुलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, फायर एक्सटिंग्यूशर सिलेंडर और दूसरी जरूरी चिकित्सा से जुड़े उपकरण शामिल रहे. इन सभी की बड़ी संख्या में दिल्ली पुलिस ने बरामदगी की. अकेले रेमेडीसिविर इंजेक्शन 557, ऑक्सीजन सिलेंडर 288, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर 850, पल्स ऑक्सीमीटर 653 बरामद किए.

इस तरह की जालसाजी, फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी, ब्लैक मार्केटिंग का भंडाफोड़ करने के लिए दिल्ली पुलिस ने दूसरे राज्यों के साथ भी बेहतर कोआर्डिनेशन रखा. इसको लेकर समय-समय पर दिल्ली पुलिस कमिश्नर अपने मातहत अफसरों के साथ हाई लेवल मीटिंग करते रहे. वहीं, राज्यों के डीजीपी के साथ भी लगातार संपर्क में रहे जिससे राज्यों में चल रहे ऐसे रैकेट्स का भंडाफोड़ करने में मदद मिल सके.

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