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अब यमुना में नहीं बहेगा दूषित पानी! केजरीवाल सरकार ने सभी विभागों को दिया 3 सालों का यह लक्ष्य

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को लेकर एक बार फिर से नया एक्शन प्लान तैयार किया है.

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी को लेकर एक बार फिर से नया एक्शन प्लान तैयार किया है.

दिल्ली सरकार ने यमुना नदी (Yamuna River) को लेकर एक बार फिर से नया एक्शन प्लान तैयार किया है. दिल्ली सरकार डीएसआईआईडीसी के सभी मौजूदा 13 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रही है.

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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) ने यमुना नदी (Yamuna River) को लेकर एक बार फिर से नया एक्शन प्लान (New Action Plan) तैयार किया है. दिल्ली सरकार डीएसआईआईडीसी (DSIIDC) के सभी मौजूदा 13 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) की क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रही है. इससे सभी औद्योगिक कचरे को यमुना में गिरने से पहले ही ट्रीट किया जा सकेगा. इसके साथ ही सभी बरसाती नालों को सीईटीपी से जोड़ने का भी प्लान तैयार किया जा रहा है. दिल्ली के जल एवं उद्योग मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसको लेकर मंगलवार को दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी), दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और राष्ट्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान (नीरी) के साथ बैठक की. बैठक में बरसाती नालों के माध्यम से यमुना में जाने वाले औद्योगिक कूड़े की मात्रा को कम करके उन्हें साफ करने पर जोर दिया गया है.

दिल्ली सरकार यमुना नदी को साफ करने के लिए डीएसआईआईडीसी के सभी मौजूदा 13 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) की क्षमता को बढ़ाने की योजना बना रही है, ताकि सभी औद्योगिक कचरे को यमुना में गिरने से पहले ही ट्रीट किया जा सके. इसको लेकर जल मंत्री ने डीएसआईआईडीसी के वरिष्ठ अधिकारियों को सभी बरसाती नालों को सीईटीपी से जोड़ने के निर्देश दिए हैं.

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यमुना का पानी तमाम कवायदों के बाद भी साफ नहीं हो पा रहा है.

गंदा पानी को अब ऐसे साफ करेगी
बता दें कि बरसाती नालों के ज़रिए काफी मात्रा में गंदा पानी यमुना तक पहुंचता है. इन बरसाती नालियों में औद्योगिक और घरेलू अपशिष्ट दोनों तरह का कचरा होता है. इन सभी स्रोतों की सफाई करने से सरकार को यमुना साफ करने में काफी सहूलियत मिलेगी.

सीईटीपी की कार्य क्षमता को और बढ़ाई जाएगी
अब दिल्ली सरकार अपने सभी सीईटीपी की क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है. ये सीईटीपी डीएसआईआईडीसी विभाग के अधीन हैं. अगर यह सभी सीईटीपी का उपयोग इनके अधिकतम क्षमता पर किया जाए तो यमुना में गिरने वाले प्रदूषित पानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसके लिए इन सीईटीपी की कार्य क्षमता को बढ़ाने की जरूरत है.

द‍िल्‍ली सरकारों ने अब तक यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर दि‍ये हैं लेकिन यमुना की हालत अब भी बदतर बनी हुई है. Gajendra Singh Shekhawat, Ministry of Jal Shakti, Arvind Kejriwal, Aam Adami Party, Delhi Government, Yamuna River, Delhi Jal Board, DJB, Central Government, Sewerage Treatment Plants, BJP Government, Congress Government, गजेंद्र सिंह शेखावत, जल शक्ति मंत्रालय, अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी, दिल्ली सरकार, यमुना नदी, दिल्ली जल बोर्ड, डीजेब, केंद्र सरकार, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, भाजपा सरकार, कांग्रेस सरकार,Yamuna Pollution, Delhi Pollution Control Committee, Delhi News, Yamuna River, यमुना प्रदूषण, यमुना नदी,

द‍िल्‍ली सरकारों ने अब तक यमुना की सफाई पर करोड़ों रुपए खर्च कर दि‍ये हैं लेकिन यमुना की हालत अब भी बदतर बनी हुई है. (फाइल फोटो)

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बता दें कि दिल्ली में 29 औद्योगिक क्लस्टर हैं. इन 29 क्लस्टरों में 13 कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) हैं, जो अपनी अधिकतम क्षमता पर 212 एमएलडी औद्योगिक कचरे को साफ कर सकते हैं. फिलहाल ये सीईटीपी लगभग 50-55 एमएलडी औद्योगिक कचरे का ही उपचार कर रहे हैं. मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि फैक्ट्रियों से निकलने वाले कूड़े का उपचार करने के लिए डीएसआईआईडीसी के पास 3 सीईटीपी उपलब्ध हैं, लेकिन ये अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं. यमुना में बहने वाले औद्योगिक कचरे को साफ करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाएगा. इसके लिए सभी विभागों को एक साथ मिलकर काम करने की जरूरत है और 3 साल के भीतर अपने व्यक्तिगत लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए. हमें इन संसाधनों के सही और पूर्ण उपयोग से यमुना को साफ करने के अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी.

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