शिक्षा का अधिकारः इस नियम से तो EWS कोटे में दाखिला भूल ही जाइए
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शिक्षा का अधिकारः इस नियम से तो EWS कोटे में दाखिला भूल ही जाइए
सांकेतिक तस्वीर.

सामान्य वर्ग के लिए दाखिले की प्रक्रिया आखिरी चरण में चल रही है, वहीं ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले की प्रक्रिया अभी तक शुरु भी नहीं हुई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 6, 2019, 2:37 PM IST
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ईडब्ल्यूएस कोटे वाले आर्थिक पिछड़े और वंचित वर्ग के बच्चे दाखिले की रेस में भी पिछड़ रहे हैं. नर्सरी में दाखिले का एक नियम ईडब्ल्यूएस कोटे वाले बच्चों पर भारी पड़ रहा है. एक ओर जहां सामान्य वर्ग के लिए दाखिले की प्रक्रिया आखिरी चरण में चल रही है, वहीं ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले की प्रक्रिया अभी तक शुरू भी नहीं हुई है.

ऐसे में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिले की आस लगाए बैठे अभिभावकों को ये डर सता रहा है कि अगर ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला नहीं मिला तो सामान्य वर्ग की सीट भी हाथ से निकल जाएगी. जिसके चलते ईडब्ल्यूएस कोटे में आने वाले सैकड़ों अभिभावक सामान्य वर्ग में एक नहीं तीन से चार स्कूलों में दाखिला फार्म भरने को मजबूर हुए हैं.

नर्सरी एडमिशन डॉट कॉम के सुमित वोहरा का कहना है, “अधिकारियों के अनुसार ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि सामान्य वर्ग की पहली सूची फरवरी के शुरू में आ सकती है. और ये नियम है कि सूची आने के एक हफ्ते में आपको फीस जमा करनी होगी. वहीं दूसरी ओर ईडब्ल्यूएस के बारे में अधिकारी कह रहे हैं कि 7 या 8 जनवरी से ईडब्ल्यूएस कोटे की दाखिला प्रक्रिया शुरू हो सकती है.



अगर इस तारीख पर प्रक्रिया शुरू भी हो जाती है तो मार्च में दाखिले की सूची जारी होगी. तब तक सामान्य वर्ग में फीस जमा कराने की तारीख निकल चुकी होगी. और अगर आपने सामान्य वर्ग में फीस जमा कर भी दी तो वो एक महीने बाद वापस नहीं मिलेगी. एक महीने के अंदर ही अंदर फीस वापस होने का नियम है.



और जिस हिसाब से दाखिले की प्रक्रिया चल रही है उसे देखते हुए सामान्य वर्ग और ईडब्ल्यूएस कोटे वाले दाखिले की प्रकिया में एक महीने से अधिक का अंतर आने वाला है. ऐसे में अभिभावक सामान्य वर्ग में फीस जमा कर जोखिम उठाएं या फिर दाखिले का रिस्क लें.

इस बारे में जब डॉयरेक्टर ऑफ एजुकेशन संजय गोयल से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन नहीं उठाया. व्हॉट्सऐप पर इस नियम के संबंध में मैसेज भेजा गया तो उसका भी कोई जवाब नहीं दिया.”

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सोर्स की मानें तो हर साल ईडब्ल्यूएस कोटे में नर्सरी, केजी और पहली क्लास की करीब 43 हजार सीट को लेकर अफरा-तफरी रहती है. इस साल से एमसीडी के स्कूलों को भी इसमे शामिल किया जा रहा है तो ये संख्या और बढ़ सकती है. अगर दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले स्कूलों की बात करें तो दिल्ली में सामान्य वर्ग की करीब 1.25 सीट हैं.

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