Delhi Air Pollution: प्रदूषण रोकने का आखिरी हथियार है ऑड-ईवन फॉर्मूला, मंत्री ने बताई पूरी रणनीति

दिल्ली में प्रदूषण के खतरे को देखते हुए सरकार ऑड-ईवन सिस्टम लागू कर सकती है. फाइल फोटो
दिल्ली में प्रदूषण के खतरे को देखते हुए सरकार ऑड-ईवन सिस्टम लागू कर सकती है. फाइल फोटो

ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही अब दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण (Air Pollution) का खतरा बढ़ता जा रहा है. ऐसे में ऑड-ईवन फॉर्मूले की भी चर्चा होने लगी है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 20, 2020, 9:48 AM IST
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नई दिल्ली. ठंड का मौसम शुरू होने के साथ ही दिल्ली (Delhi) में वायु प्रदूषण (Pollution) लगातार बढ़ता जा रहा है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को लेकर भी प्रदूषण को खतरनाक माना जा रहा है. ऐसे में देश की राजधानी में प्रदूषण को रोकने के तमाम उपाय करने का दावा केजरीवाल सरकार कर रही है. हवा की बिगड़ती गुणवत्‍ता के बीच ऑड-ईवन फॉर्मूला पर भी चर्चा होने लगी है. हालांकि, दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ऑड-ईवन सिस्टम को अंतिम हथियार बताया है.

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को कहा कि सरकार राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में 'अंतिम हथियार' के रूप में ऑड-ईवन योजना को लागू करेगी, ताकि वाहनों से होने वाले प्रदूषण अंकुश लगाया जा सके. उन्‍होंने बताया कि फिलहाल उनकी सरकार 'रेड लाइट ऑन, व्‍हीकल ऑफ' योजना पर काम कर रही है.

अंतिम हथियार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री गोपाल राय ने कहा, 'हमने दिल्ली में कई बार ऑड-ईवन स्कीम लागू की है और यह हमारा आखिरी हथियार होगा. ऑड-ईवन भी वाहनों के प्रदूषण को कम करने का एक तरीका है.' मंत्री राय ने एक कार्यक्रम में कहा कि ट्रैफिक पर सिग्नल खुलने का इंतजार करते समय वाहनों के इंजन को बंद करने के लिए भी लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है.
अक्टूबर में हालत खराब


रिपोर्ट के मुताबिक, 7 अक्टूबर से दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगातार ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है. बीते सोमवार को दिल्ली का एक्यूआई 244 मापा गया था. विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि चूंकि कोरोना वायरस(कोविड-19) के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के मद्देनजर सार्वजनिक परिवहन सीमित क्षमता के साथ चल रहे हैं. ऐसे में ऑड-ईवन सिस्टम को लागू करने से परेशानी हो सकती है. पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (ईपीसीए) के अध्यक्ष भूरे लाल ने कहा कि प्रदूषण स्रोतों को नियंत्रित करने के लिए जमीन पर विभिन्‍न योजनाओं को सख्‍ती से लागू करना चाहिए, ताकि ऑड-ईवन योजना लाने जैसे आपातकालीन उपायों से बचा जा सके. बता दें कि दिल्ली में इससे पहले तीन बार ऑड-ईवन सिस्टम लागू किया जा चुका है. 2016 में इसकी शुरुआत के बाद प्रदूषण स्तर में कमी आई थी.
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