अपना शहर चुनें

States

हेमा मालिनी के बयान पर राघव चड्ढा का हमला, कुमार विश्‍वास ने यूं कसा तंज

Delhi News: राघव चड्ढा ने हेमा मालिनी पर हमला बोला है. (फाइल फोटो)
Delhi News: राघव चड्ढा ने हेमा मालिनी पर हमला बोला है. (फाइल फोटो)

किसान आंदोलन (Kisan Andolan) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और एक्ट्रेस हेमा मालिनी एक बयान को लेकर विरोधियों के निशाने पर आ गई हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 14, 2021, 12:59 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. किसान आंदोलन (Kisan Andolan) को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और एक्ट्रेस हेमा मालिनी के एक बयान पर आप (AAP) नेता राघव चड्ढा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि हेमा मालिनी किसान और किसानी के बारे में कितना जानती हैं, यह पूरा देश जानता है. कमाल यह है कि वह समझ रही हैं कि इन कानूनों से किसानों को क्या फायदा होगा?

बता दें कि किसान आंदोलन को लेकर हेमा मालिनी ने कहा कि इस प्रदर्शन में शामिल तमाम लोगों को पता भी नहीं है कि उन्हें कृषि कानूनों के किन प्रावधानों से आपत्ति है. उन्‍होंने कहा था कि वह यह भी नहीं जानते हैं कि आखिर किसान बिलों को लेकर उनकी समस्या क्या है? इससे पता चलता है कि वे लोग आंदोलन इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें इसके लिए कहा गया है.

हेमा मालिनी के पति और अभिनेता धर्मेंद्र की ओर से किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट करने और फिर उसे डिलीट करने पर भी ट्रोलर्स ने उन्हें निशाने पर लिया था. इसका जवाब देते हुए धर्मेंद्र ने कहा था कि आप जैसे लोगों की वजह से ही मैंने ट्वीट डिलीट कर दिया था.



उधर, कुमार विश्वास ने ट्विटर पर हेमा मालिनी की ओर से दिए बयान को रीट्वीट करते हुए तंज कसा है, 'उनकी अपील है कि उन्हें हम मदद करें, चाकू की पसलियों से गुज़ारिश तो देखिये...!' इससे पहले भी कुमार विश्वास किसान आंदोलन को लेकर मुखरता से अपनी बात रखते रहे हैं. पिछले दिनों बारिश हुई तो किसान आंदोलन काफी नुकसान पहुंचा, इस पर कुमार विश्वास ने लिखा था, 'हे इंद्रप्रस्थ अधिपति, हे इंद्रदेव! आपको पता तो है कि किसानों के लिए बेहद कष्टकर है आपका ये अकारण-कौतुक! फिर भी यह सब? भूमिपुत्रों के पसीने पर अपनी अहमन्यताओं से बर्बादी का पानी फेरने वाले इंद्रासनों में थोड़ी सी करुणा कब जागेगी?'
हेमा मालिनी और उनके सौतेले बेटे सनी देओल भाजपा से सांसद हैं. सनी देओल ने एक ट्वीट कर पिछले दिनों कहा था कि कुछ लोग इस मूवमेंट का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं. यह मसला किसानों और सरकार के बीच का है, दोनों को इस पर आपसी बातचीत से मामला निपटाना चाहिए.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज