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निर्भया के चारों गुनहगारों की ऐसे बीती रात, जेल स्टाफ ने नहीं ली पूरी रात झपकी

निर्भया के चारों गुनहगारों को आज फांसी दे दी गई.

निर्भया के चारों गुनहगारों को आज फांसी दे दी गई.

सुरक्षा अधिकारियों का मानना था कि चारों दोषी आत्महत्या का ड्रामा (Suicide Drama) कर फांसी रोकने की चाल चल सकते थे इसलिए चारों पर 24 घंटे नजर रखी गई. यह सिलसिला तब तक चला जब तक उन्हें शुक्रवार की सुबह यानि आज 5.30 बजे तक जब तक फांसी नहीं दे दी गई.

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नई दिल्ली. निर्भया केस (Nirbhaya Case) के चारों गुनहगार मौत को करीब आते देख गुरूवार की शाम को जार-जार होकर रोते रहे. मौत की घड़ी पास आते देखकर वे बहुत ज़्यादा बेचैन हो रहे थे. चारों दोषियों पर बहुत बारीकी नजर रखी जा रही थी. सुरक्षा अधिकारियों (Security Forces) का खास निर्देश था कि उन चारों दोषियों पर से एक सैकेंड भी नजर नहीं हटना चाहिए. सुरक्षा अधिकारियों का मानना था कि चारों दोषी आत्महत्या का ड्रामा (Suicide Drama) कर फांसी रोकने की चाल चल सकते थे इसलिए चारों पर 24 घंटे नजर रखी गई. यह सिलसिला तब तक चला जब तक उन्हें शुक्रवार की सुबह यानि आज 5.30 बजे तक जब तक फांसी नहीं दे दी गई.

डीजी ने जेल स्टाफ को तिहाड़ में रात बिताने के दिए थे निर्देश

गुरूवार की शाम करीब 7 बजे तिहाड़ के डीजी ने फांसी देने को लेकर एक हाई लेवल मीटिंग की थी. इस मीटिंग में फांसी की काल कोठरी में तैनात किए गए जेल स्टाफ के लिए निर्देश तय किए गए. इस निर्देश के मुताबिक जेल स्टाफ ने अपनी रात तिहाड़ में ही गुजारी. सिर्फ तिहाड़ इलाके के डीएम शुक्रवार की सुबह 5 बजे तिहाड़ पहुंचे. डीएम की मौजूदगी में ही चारों को फांसी दी गई.

जल्लाद पवन ने सोने से पहले डटकर किया था भोजन

जल्लाद पवन को गुरूवार की शाम भरपूर डाइट दी गई है और उसे सुकून से सोने दिया गया. पवन अच्छी नींद लेकर शुक्रवार की अल सुबह उठा और उसने फांसी का फंदा खींचा. चारों दोषियों को सुबह 5:30 बजे सुबह फांसी दे दी गई. चारों के शव को तिहाड़ प्रशासन दीन दयाल अस्पताल ले गया और आज करीब 8:30 बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसकी ​वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जाएगी.

दोषियों के श्रम का पैसा उनके परिजनों को दिया जाएगा

चारों दोषियों के परिवार ने अभी तक यह नहीं बताया है कि वे पोस्टमार्टम के बाद शव लेंगे या नहीं. जेल मैन्युल के मुताबिक अगर उनके परिवार शव नहीं लेंगे तब पुलिस प्रशासन ही उनका अंतिम संस्कार कर देगी. चारों दोषियों ने गुरूवार की शाम तक अपनी आखिरी इच्छा नहीं बताई थी. लिहाजा फांसी के बाद उन्होंने जेल में रहकर श्रम कर जो जो पैसा कमाया, वह पैसा उनके परिजनों को दे दिया जाएगा.

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