ऑनलाइन परीक्षा: दिल्ली हाइकोर्ट ने DU को लगाई फटकार, कहा- यूनिवर्सिटी के पास नहीं है कोई प्लान
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ऑनलाइन परीक्षा: दिल्ली हाइकोर्ट ने DU को लगाई फटकार, कहा- यूनिवर्सिटी के पास नहीं है कोई प्लान
ऑन लाइन परीक्षाओं के खिलाफ डीयू के छात्रों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. (फाइल फोटो)

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) को 4 अगस्त को पूरा ब्यौरा पेश करने के लिए कहा है.

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नई दिल्‍ली. देशभर में कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के चलते लॉकडाउन (Lockdown) लगने के बाद देश भर के शैक्षण‍िक संस्थान (Educational Institute) बंद हैं. अब यूनिवर्सिटीज के सामने भी फाइनल इयर एग्जाम (Final Year Exam) कराने का बड़ा संकट है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi Univercity) ने अगस्त में ऑनलाइन जर‍िये से ये परीक्षाएं करने का निर्णय लिया था, जिसके खि‍लाफ कुछ छात्र दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) चले गए थे. गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी पर परीक्षा की तैयारियों को लेकर न केवल नाराजगी जताई, बल्कि जमकर फटकार भी लगाई.

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से यह पूछा कि अगर परीक्षा को लेकर आपके पास तैयारियां नहीं हैं, तो आप परीक्षा देने वाले छात्रों को झूठा दिलासा क्यों दे रहे हैं? आप छात्रों से ऐसा क्यों कह रहे हैं कि वह सीएससीएस सेंटर पर जाएं, वहां पर एग्जामिनेशन देने की पूरी व्यवस्था कर दी गई है. सुनवाई के दौरान, कॉमन सर्विस सेंटर एकेडमी तरफ से कहा गया कि एग्जाम के लिए टेक्नोलॉजी वो छात्रों को देंगे. जिसके बाद, सवाल उठा कि पीडब्‍ल्‍यूडी स्टूडेंट को कॉमन सर्विस सेंटर कौन देगा. इस पर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि कॉमन सर्विस सेंटर एकेडमी ने कॉमन सर्विस सेंटर देने के लिए मना कर दिया है.

इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर की और यूनिवर्सिटी प्रसाशन को फटकार लगाते हुए कहा कि आपकी  कैसी तैयारी है. दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी को 4 अगस्त को पूरा ब्‍यौरा पेश करने के लिए कहा है. उल्‍लेखनीय है कि मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कॉमन सर्विस सेंटर एकेडमी को कोर्ट ने नोटिस जारी कर यह पूछा था कि वह यह बताएं कि ऐसे कितने छात्र हैं, जिन्होंने परीक्षा देने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर का उपयोग करने के लिए अनुरोध किया है. साथ ही, कोर्ट ने यह भी पूछा है कि कितने ऐसे छात्र हैं जो दूरदराज क्षेत्रों से आते हैं.



दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई कॉमन सर्विस सेंटर एकेडमी को यह भी बताने का निर्देश दिया था कि सभी छात्रों के लिए ऑनलाइन परीक्षा आयोजन करने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में कितने कॉमन सर्विस सेंटर पर्याप्त रूप से तैयार हैं. आपको बता दें कि इससे पहले 23 जुलाई को हुई सुनवाई में कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय से मॉक टेस्ट से जुड़ा पूरा ब्योरा भी मांगा था. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से कहा था कि वह यह बताएं कि कितने ऐसे छात्र ने उनके द्वारा कराए गए मॉक टेस्‍ट में हिस्‍सा लिया था . इसमें छात्रों को क्या परेशानियां आई थी. इसके अलावा, कोर्ट ने यह भी पूछा था कि पोर्टल पर क्या-क्या तकनीकी खामियां देखने को मिली हैं.
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