डोर स्टेप राशन डिलीवरी पर AAP को चेतावनी, कहा-अगर ऐसा किया तो दिल्लीभर में आंदोलन करेगी BJP

डोर स्टेप राशन डिलीवरी को केंद्र सरकार की योजना के रूप में जनता तक पहुंचाने की जरूरत है. (File Photo)

डोर स्टेप राशन डिलीवरी को केंद्र सरकार की योजना के रूप में जनता तक पहुंचाने की जरूरत है. (File Photo)

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आरोप लगाया है कि वह देश की संसद से पारित कानून के तहत केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना को बिना नाम के कैसे चला सकते हैं? इस योजना को केंद्र सरकार की योजना के रूप में जनता तक पहुंचाने की जरूरत है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 5:13 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) की डोर स्टेप राशन डिलीवरी योजना (Door Step Ration Delivery Yojna) को लेकर अब विपक्ष ने एक बार फिर से केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) पर हमला बोला है.

दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी (Ramvir Singh Bidhuri) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर आरोप लगाया है कि वह देश की संसद (Parliament) से पारित कानून के तहत केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही योजना को बिना नाम के कैसे चला सकते हैं? इस योजना को केंद्र सरकार (Central Government) की योजना के रूप में जनता तक पहुंचाने की जरूरत है.

बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने अब केंद्र द्वारा शुरू की गई इस योजना को बिना नाम के ही चलाने का फैसला किया है, जबकि इससे पहले इसे मुख्यमंत्री घर-घर राशन योजना के नाम से लॉन्च किया जा रहा था. जब केंद्र ने याद दिलाया कि केंद्र की इस योजना में कोई बदलाव नहीं किया जा सकता तो दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि इस योजना को बिना नाम के ही चलाया जाएगा.

बिधूड़ी ने कहा है कि दिल्ली सरकार केंद्र द्वारा मुहैया कराए गए राशन के लिए प्रत्येक व्यक्ति से 11 रुपए से ज्यादा की वसूली न करे. अगर केजरीवाल सरकार (Kejriwal Government) इससे ज्यादा राशि वसूल करेगी तो उसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. भाजपा (BJP) के सभी विधायक अपने-अपने इलाके में इसका विरोध करेंगे और प्रदेश भाजपा के नेता प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता (Adesh Gupta) के नेतृत्व में पूरी दिल्ली में इसके खिलाफ अभियान चलाएंगे.
बिधूड़ी ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (National Food Security Act) के तहत केंद्र सरकार (Central Government) दिल्ली की 72 लाख जनता के लिए राशन उपलब्ध कराती है. इसमें प्रति कार्डधारी को 4 किलो गेहूं दो रुपए प्रति किलो की दर से और एक किलो चावल तीन रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाता है. इस तरह यह कुल राशि 11 रुपए बनती है.

दिल्ली सरकार ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इस योजना में गेहूं की पिसाई, पैकेजिंग और डिलीवरी का खर्चा कौन देगा. केजरीवाल सरकार जनता पर यह बोझ डालने की तैयारी में है. हम इस योजना में जनता पर किसी भी तरह का बोझ बर्दाश्त नहीं करेंगे. दिल्ली सरकार प्रति कार्डधारी से 11 रुपए से ज्यादा वसूल नहीं कर सकती. ऐसी कोशिश की गई तो हम जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इसका भरपूर विरोध करेंगे.

बिधूड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार गेहूं की सप्लाई करती है, लेकिन दिल्ली सरकार इसे आटे के रूप में होम डिलीवरी (Home Delivery) करना चाहती है.



नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गेहूं के रूप में सप्लाई का मंतव्य यह था कि जनता को उच्च किस्म की गेहूं मिले और योजना में पारदर्शिता रहे. लेकिन अगर आटे की सप्लाई की जाती है तो उपभोक्ता को यह पता ही नहीं चलेगा कि कौन-सी गेहूं को पीसकर आटा सप्लाई किया गया है.

गेहूं की पिसाई के लेवल पर इसमें बेइमानी की गुंजाइश रहेगी और पिसाई करने वाला केंद्र द्वारा सप्लाई किए गए उच्च किस्म के गेहूं की बजाय घटिया गेहूं को पीसकर आटे के रूप में सप्लाई कर सकता है.
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