COVID-19: दिल्ली-आगरा के बीच बसे गांव कोरोना का ऐसे कर रहे मुकाबला, बाहर वालों को कह रहे 'नो एंट्री'
Agra News in Hindi

COVID-19: दिल्ली-आगरा के बीच बसे गांव कोरोना का ऐसे कर रहे मुकाबला, बाहर वालों को कह रहे 'नो एंट्री'
नेशनल हाइवे से सटे करीब आधा दर्जन गांवों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबन्ध लगा दिया गया है.

हाइवे (Highway) के किनारे बसे इन गांवों के अधिकांश युवा दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में नौकरी करने जाते हैं, लेकिन कोरोना (Coronavirus) के प्रकोप के चलते ज्यादातर युवा इन गांवों में वापस आ चुके हैं. सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए इन गांवों में बाहरी लोगों के आने पर रोक लगा दी गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 4:10 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की चपेट में आने से दिल्ली और आगरा जैसे बड़े शहरों में हाहाकार मचा हुआ है. लगातार बढ़ रहे कोरोना पॉजिटिव के मामलों के बाद इन दोनों शहरों के बीच में बसे गांवो ने कोरोना से मुकाबले की ठान ली है. दिल्ली-आगरा नेशनल हाइवे (Delhi-Agra National Highway) से सटे करीब आधा दर्जन गांवों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. इसके साथ ही गांववासी सुरक्षा की दृष्टि से मास्क पहनने के साथ ही सैनिटाइजर या साबुन का इस्तेमाल कर रहे हैं. सुबह-शाम लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक भी किया जा रहा है.

अल्हेपुर और जैत में युवाओं ने संभाली कमान, लाठी लेकर कर रहे चौकसी
हाइवे के किनारे बसे इन गांवों के अधिकांश युवा दिल्ली-एनसीआर में नौकरी करने जाते हैं, लेकिन कोरोना के प्रकोप के चलते ज्यादातर युवा अपने-अपने गांवों में वापस आ चुके हैं. सोशल डिस्टेंसिंग को अपनाते हुए इन गांवों में बाहरी लोगों के आने पर पाबंदी लगा दी गई है. यहां सुबह करीब तीन घंटे तक गांव के युवा हाथों में लाठी लेकर खड़े होते हैं और आस-पास से आने वाले लोगों को रोकते हैं.

अल्हेपुर गांववासी आकाश, हरेकृष्ण, सत्य प्रकाश, रोहित शर्मा और मनीष चौधरी बताते हैं कि कुछ दिन पहले तक यहां कई बाइक सवार गांव में घुसते हुए देखे गए थे. जिन्हें रोकने के लिए यह व्यवस्था की गई है. वहीं जैत में भी कई नए सामान बेचने आने वालों से कोरोना फैलने का खतरा था, लिहाजा अब वहां भी बाहरी लोगों का प्रवेश रोका गया है.
लुखटिया में गांव के बाहर लगाई बाड़, प्रधान और गांववाले दे रहे साथ


मथुरा से आगरा के बीच में बसे इस गांव के प्रमुख रास्ते पर लकड़ी ओर कांटों की बाड़ लगा दी गई है. यहां के प्रधान बदन सिंह ने साफ तौर पर लोगों को बाहर न जाने की हिदायत दे रखी है. व के लोग भी इसमें उनका साथ दे रहे हैं. गांव के निवासी ब्रह्म स्वरूप बताते हैं कि सभी लोग अन्य गांवों के लोगों से भी दूरी बनाए हुए हैं.

वाटी गांव में सब्जी बेचने आने वालों को दी एक जगह
आगरा-दिल्ली के बीच पड़ने वाले इस गांव ने सबसे पहले मुस्तैदी दिखाई और सब्जी व सामान बेचने आने वालों की जानकारी लेनी शुरू कर दी थी. यहां सब्जी वाले कुछ लोगों को ही अनुमति दी गयी है और उनके लिए एक जगह निश्चित कर दी गई है. विकास बताते हैं कि गांव के लोग पूरी एहतियात बरत कर उसी जगह आकर सब्जी खरीदते हैं.

कोटा और छरौरा में बुजुर्गों की चौपाल बंद, घर में रखे जा रहे सुरक्षित
कोटा निवासी अनिल और मोहन श्याम शर्मा का कहना है कि इन दोनों गांव के लोगों ने बुजुर्गों के इकट्ठा होने और चौपाल लगाने पर रोक लगा दी है. बहुत जरूरी काम से ही ये लोग घर से बाहर आ रहे हैं. इन्हें घरों में रखा जा रहा है. हालांकि कई बुजुर्ग ऐसा होने से परेशान भी हैं लेकिन बीमारी फैलने के डर से घरों में रहने को राजी हुए हैं. किसान अपने खेतों पर जा रहे हैं तो अन्य लोगों से बातचीत में दूरी का ध्यान रख रहे हैं.

ये भी पढ़ें:

लॉकडाउन के दौरान श्मशान घाटों पर पसरा सन्नाटा, सड़क दुर्घटना और आकस्मिक मौतों में आई कमी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading