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क्या है फराह खान और इस बंदर के बच्चे की दर्दनाक कहानी

मां की मौत के बाद अपने हम उम्र दोस्त के साथ खेलता बंदर का बच्चा.

मां की मौत के बाद अपने हम उम्र दोस्त के साथ खेलता बंदर का बच्चा.

डॉक्टरों (Doctor) की देखरेख में बंदर (Monkey) के बच्चे का इलाज (Tretment) भी चल रहा है. लेकिन फराह आज भी उस बच्चे के बारे में सोच-सोच कर उदास हो जाती हैं.

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    नई दिल्ली. 20 दिन का बंदर (Monkey) का बच्चा और फराह खान आजकल सोशल मीडिया (Social Media) पर छाए हुए हैं. दोनों की दर्दनाक कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो जा रही हैं. हालांकि बंदर के बच्चे को अब एक नया दोस्त मिल गया है तो वो अब खूब चहक रहा है. डॉक्टरों (Doctor) की देखरेख में उसका इलाज (Tretment) भी चल रहा है. लेकिन फराह खान आज भी उस बच्चे के बारे में सोच-सोच कर उदास हो जाती है.

    उस सीन को देखकर हर किसी के मुंह से निकल रही थी आह
    बंदर के एक बच्चे और फराह की यह कहानी यूपी के आगरा की है. फराह किसी काम से बाज़ार जा रही थी. तभी बिजली के एक खंभे से एक बंदर नीचे आकर गिरा. उसके पेट से एक छोटा बच्चा भी चिपका हुआ था. सड़क पर जमा भीड़ को देखकर बंदर का बच्चा बार-बार ज़मीन पर बेसुध पड़ी अपनी मां के पेट से चिपकने की कोशिश कर रहा था. फराह ने दौड़कर दम तोड़ रहे उस बंदर को फर्स्ट एड देने की कोशिश की. लेकिन तब तक वो दम तोड़ चुका था.

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    गोद में बंदर का बच्चा लेकर सड़क किनारे खड़ी हो गई फराह
    मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक बंदर का बच्चा इधर-उधर भागने के चक्कर में परेशान हो रहा था. ज़मीन पर गिरने के चलते शायद उसे भी चोट लगी थी. तभी फराह ने उसे गोद में उठा लिया. वाइल्ड लाइफ एसओएस एनजीओ को हेल्पलाइन पर फोन कर दिया. एसओएस की टीम बच्चे को सेंटर पर ले आई और उसका इलाज किया. इलाज के बाद वो अब ठीक है. सेंटर पर उसे हम उम्र का एक दूसरा बंदर मिल गया है.

    बंदर के बच्चे के लिए यह बोलीं फराह
    बंदर के बच्चे को उठाकर सीने से चिपकाना और उसे दुलार करना. इलाज के लिए एसओएस को फोन करने वाली फराह का कहना है, “मां को मरते देखना दिल दहला देने वाला नज़ारा था, जबकि डरा और सहमा बच्चा आराम की तलाश में अपनी मां से लिपट कर बैठा हुआ था. वह भय और भ्रम में था, इसलिए मैंने उसे उस दर्दनाक जगह से दूर किया और मदद के लिए वाइल्ड लाइफ एसओएस को बुलाया.” लेकिन मैं आज भी मां-बच्चे के उस सीन को भूल नहीं पा रही हूं.

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