Nirbhaya case: पवन जल्लाद बोला- एक ही रस्सी से कई गुनहगारों को दी जा सकती है फांसी
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Nirbhaya case: पवन जल्लाद बोला- एक ही रस्सी से कई गुनहगारों को दी जा सकती है फांसी
पवन मेरठ के रहने वाले हैं. (फाइल फोटो)

पवन जल्लाद (Pawan jallad) ने यह भी बताया कि एक साथ चार या दो लोगों को फांसी (Hanging) दिए जाने के अपने नियम हैं.

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  • Last Updated: March 20, 2020, 7:10 AM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंगरेप और हत्या (Nirbhaya Gangrape and Murder case) मामले में चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले पवन जल्लाद (Pawan jallad) ने फांसी की रस्सी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. पवन ने कहा है कि यह सरासर गलत है कि एक रस्सी से सिर्फ एक गुनहगार को ही फांसी दी जाती है. अगर रस्सी का रखरखाव नियमानुसार ठीक से किया जाए, तो खास फांसी के लिए तैयार रस्सी तीन से चार साल तक चलती है. वहीं पवन ने यह भी बताया कि एक साथ चार या दो लोगों को फांसी दिए जाने के अपने नियम हैं.

एक बार फांसी देने के बाद इस तरह संभालकर रखी जाती है रस्सी

पवन कुमार जल्लाद रस्सी से फांसी दिए जाने के बाद उसके रखरखाव के बारे में बताते हैं कि इस तरह की रस्सी की खासियत इसका मुलायम होना है. साथ ही इसमें चिकनाहट भी होती है. रस्सी की यही खासियत इसे दूसरी रस्सियों से अलग बनाती है. इसी के चलते बिहार की बक्सर जेल में इसे खास तरह से बनाया जाता है. अगर रस्सी को तीन से चार साल तक चलाना है तो सबसे पहले इसे हवा से बचाना होता है. दूसरा यह कि रस्सी में नमी नहीं आनी चाहिए. नमी आने और हवा लगने से रस्सी कड़क हो जाती है. इस तरह की रस्सी उस गले की त्वचा को नुकसान पहुंचाती है जिसे फांसी दी जा रही होती है.



दो गुनहगारों के बीच रखा जाता है 24 इंच का गैप



निर्भया गैंगरेप के गुनहगारों को फांसी देने वाले पवन जल्लाद ने बताया कि फांसी चार लोगों को भी एक साथ दी जा सकती है और दो लोगों को भी. शर्त बस इतनी है कि अगर नियम का पालन किया जाएगा तो फांसी देने में कोई दिक्कत नहीं आएगी. जैसे फांसी घर में आमतौर पर लकड़ी का वो तख्त 8 से 10 फुट का होता है जिस पर गुनहगारों को खड़ा किया जाता है. हर एक गुनहगार के बीच में 24 इंच का गैप होना चाहिए. अगर फांसी दो बार में दो-दो करके दी जानी है तो दोनों के बीच कम से कम 30 मिनट का फर्क होना चाहिए. पवन ने बताया कि फांसी घर के जिस कुएं में तख्त हटने के बाद शरीर लटकते हैं वो 8 से 10 फुट तक गहरा होता है.

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फांसी घर में यह बात कहना चाहता था पवन जल्लाद, लेकिन इसलिए रहा खामोश
First published: March 20, 2020, 6:51 AM IST
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